भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय २ भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय २ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय – २ राजा शालिवाहन तथा ईशामसीह की कथा सूतजीने कहा — ऋषियों ! प्रातःकाल में पुत्रशोक से पीड़ित सभी पाण्डव प्रेतकार्य कर पितामह भीष्म के पास आये । उनसे उन्होंने राजधर्म, मोक्षधर्म और… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय १ भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय १ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय – १ आल्हा-खण्ड (आल्हा-ऊदल की कथा) का उपक्रम विशेषः- भविष्यपुराण के प्रतिसर्गपर्व का तीसरा खण्ड रामांश और कृष्णांश अर्थात् आल्हा और ऊदल (उदयसिंह)- के चरित्र जयचन्द्र एवं पृथ्वीराज चौहान की वीरगाथाओं से परिपूर्ण… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३५ भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — द्वितीय भाग) अध्याय – ३५ श्रीदुर्गासप्तशती के उत्तरचरित्र की महिमा के प्रसंग में योगाचार्य महर्षि पतञ्जलि का चरित्र सूतजी बोले — अनेक धातुओं के द्वारा चित्रित रमणीय चित्रकूट पर्वतपर महाविद्वान् उपाध्याय पतञ्जलि मुनि रहते थे ।… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३४ भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — द्वितीय भाग) अध्याय – ३४ श्रीदुर्गासप्तशती के मध्यमचरित्र का माहात्म (कात्यायन तथा मगध के राजा महानंद की कथा) सूतजी बोले — शौनक ! उज्जयिनी नगरी में एक हिंसापरायण मद्य-मांस-भक्षी भीमवर्मा नाम का क्षत्रिय रहता था ।… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३३ भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — द्वितीय भाग) अध्याय – ३३ श्रीदुर्गासप्तशती के आदिचारित्र का माहात्म्य (व्याधकर्मा की कथा) ऋषियों ने पूछा — सूतजी महाराज ! अब आप हमलोगों को यह बतलाने की कृपा करें कि किस स्तोत्र के पाठ करने से… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३२ भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — द्वितीय भाग) अध्याय – ३२ बोपदेव के चरित्र-प्रसंग में श्रीमद्भागवत-माहात्म्य सूतजी बोले — महामुने शौनक ! तोताद्रिमें एक बोपदेव… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३१ भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — द्वितीय भाग) अध्याय – ३१ महर्षि पाणिनि का इतिवृत्त ऋषियों ने पूछा — भगवन ! सभी तीर्थों, दानों आदि धर्मसाधनों में उत्तम साधन क्या है, जिसका आश्रय लेकर मनुष्य क्लेश-सागर को पार कर जाय और मुक्ति… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३० भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय ३० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — द्वितीय भाग) अध्याय – ३० पितृशर्मा और उनके वंशज — व्याडि, पाणिनि और वररुचि आदि की कथा ऋषियों ने कहा — भगवन ! तीनों दुःखों के विनाश करनेवाले व्रतों में सर्वश्रेष्ठ सत्यनारायण व्रत को हमलोगों ने… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय २९ भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय २९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — द्वितीय भाग) अध्याय – २९ सत्य-धर्म के आश्रय से सबका उद्धार (लीलावती एवं कलावती की कथा) सूतजी ने कहा — ऋषियों ! अध्यात्मिक, आधिदैविक तथा आधिभौतिक – इन तीनों तापों को हरण करनेवाले भगवान् विष्णु के… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय २८ भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व द्वितीय – अध्याय २८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — द्वितीय भाग) अध्याय – २८ सत्यनारायण-व्रत के प्रसंग में साधु वणिक् एवं जामाता की कथा सूतजी बोले — ऋषियों ! अब मैं एक साधु वणिक् की कथा कहता हूँ । एक बार भगवान् सत्यनारायण का भक्त… Read More