भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय २३ भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय २३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय २३ सूत जी बोले — बलशाली उदयसिंह की चौबीसवें वर्ष की अवस्था के आरम्भ होने पर राजा ने आश्विन शुक्ल दशमी (विजया दशमी) के दिन महान् उत्सव किया । उस उत्सव में ब्राह्मणों… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय २१ भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय २१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय २१ ऋषि बोले — विप्रेन्द्र ! घर पहुँचकर उन वीरों ने जो कुछ चरित किया है, उसे सुनाने की कृपा करें, हमलोगों के समक्ष आप सर्वज्ञ हैं । सूत जी बोले — उन… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय २० भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय २० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय २० सूत जी बोले — मुने ! पाञ्चाल (पंजाब) देश में बलवर्द्धन नामक राजा राज्य करता था । उसकी विशालाक्षी पत्नी का नाम ‘जलदेवी’ था । वेदतत्त्वं निपुण एवं विसेन वंशावतंस उस राजा… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय १९ भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय १९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय – १९ सूत जी बोले — महाबली बलखानि (मलखान) ने अपनी सेना का ह्रास देखकर मानसिक पीड़ा का अनुभव करते हुए युद्ध बन्द करने का आदेश प्रदान किया, पश्चात् तीनों काल के ज्ञाता… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय १८ भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय १८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय – १८ सूत जी बोले — उदयसिंह की बीस वर्ष की अवस्था में उनके जो कुछ चरित्र हुए हैं, मैं बता रहा हूँ, सुनो ! एक बार सागर नामक किसी सर (तालाब) के… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय १७ भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय १७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय – १७ सूत जी बोले — उदयसिंह की अट्ठारहवें वर्ष की अवस्था में जो कुछ मैंने देखा, सुना, तुम्हें बता रहा हूँ, सुनो ! रत्नभानु द्वारा राजा कृष्ण कुमार के निधन हो जाने… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय १६ भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय १६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय – १६ सूत जी बोले — मुनि शार्दूल ! उदयसिंह की सत्रहवें वर्ष की अवस्था आरम्भ होने पर योगबल से मैंने जो कुछ देखा है, तुम्हें बता रहा हूँ, सुनो ! विप्र !… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय १५ भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय १५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय – १५ सूत जी बोले-इन्दुल के स्वर्ग चले जाने पर वीरगणों ने शोक से दुःखी होकर समस्त लोकों में निवास करने वाली श्री शारदा देवी जी की पूजा की । प्रेम में मग्न… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय १४ भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय १४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय – १४ सूत जी बोले-उदयसिंह की चौदह वर्ष की अवस्था में जो कुछ हुआ है, मैं बता रहा हूँ, सुनो ! इन्द्र-पुत्र जयन्त ने जानकी जी के शाप द्वारा कलि में जन्म ग्रहण… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय १३ भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय १३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय – १३ ऋषियों ने कहा — मुने ! इन दोनों माहिष्मती एवं महावती (महोबा) वालों का आपस में किस मास में कितने दिनों तक युद्ध होता रहा । पश्चात् अपनी राजधानी में पहुँचकर… Read More