भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय ३२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय ३२ सूत जी बोले — (उपरोक्त घटना के समय) उदयसिंह की बत्तीसवें वर्ष की अवस्था आरम्भ थी। उस समय रानी बेला ने योगरूप धारणकर हरिनागर नामक घोड़े पर बैठकर महावती (महोबा) नगर को… Read More


भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय ३० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय ३१ सूत जी बोले— महाभाग, विप्र ! मैं कह रहा हूँ, सुनो ! एक बार जिस समय राजा पृथ्वीराज सिंहासन पर बैठे हुए थे, उसी समय वहाँ चन्द्रभट्ट का आगमन हुआ। आये हुए… Read More


भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय ३० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय ३० सूत जी बोले— विप्र ! जिस समय उदयसिंह आदि वीरगण चीन देश गये हुए थे, उस समय राजा कामपाल ने नकुल के अंश से उत्पन्न लक्षण (लाखन) को अपने यहाँ बुलवाया। पत्र… Read More


भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय २९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय २९ ऋषियों ने कहा— महामुने ! आपने जिस किन्नरी नामक कन्या का नाम लिया था, वह किस स्थान में किस प्रकार उत्पन्न हुई है। कृपया विस्तार पूर्वक इसका वर्णन कीजिये । सूत जी… Read More


भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय २८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय २८ सूत जी बोले — अपने अट्ठाईसवें वर्ष की अवस्था आरम्भ होने पर उदयसिंह ने कार्तिकमास के चन्द्र दिन जिसमें कृत्तिका नक्षत्र एवं व्यतीपात योग सन्निहित थे, अपनी दश सहस्र सेना लेकर स्वर्णवती… Read More


भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय २७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय २७ सूत जी बोले— मंगलमूत उदयसिंह की सत्ताईसवें वर्ष की अवस्था के आरम्भ में भादों मास के कृष्णपक्ष की दशमी के दिन रानी मलना अधिक चिंतित होने के कारण जननायक को बुलाकर दुःखी… Read More


भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय २६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय २६ सूत जी बोले — एक बार श्रावणमास की नागपञ्चमी के अवसर पर कलह-प्रिय महीपति (माहिल) ने दिल्ली को प्रस्थान किया। वहाँ के पञ्चमी उत्सव को जिसमें नृत्य-गान का महान समारोह होता है,… Read More


भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय २५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय २५ सूत जी बोले-मुने ! उदयसिंह के छब्बीस वर्ष की अवस्था आरम्भ होने पर उनके द्वारा किये चरित्रों को बता रहा हूँ, सुनो ! दक्षिण दिशा में बिन्दुसर नामक एक जलाशय (सरोवर) है,… Read More


भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय २४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय २४ सूत जी बोले — इन्दुल के विवाह संस्कार को सुसम्पन्न कराकर उदयसिंह के घर पहुँचने पर महीपति (माहिल) सदा दुःखी रहने लगे । पश्चात् तारक (ताहर) समेत दिल्ली जाकर उन्होंने राजा के… Read More


भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व तृतीय – अध्याय २२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — तृतीय भाग) अध्याय २२ सूत जी बोले — बलवान् उदयसिंह के महावती (महोबा) नगरी में पहुँचने पर राजा परिमल ने मांगलिक उत्सव कराया । उदयसिंह प्रतिदिन सखियों समेत पुष्पवती के साथ नृत्य-गान करते हुए उसके साथ… Read More