भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ७५ से ७८ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ७५ से ७८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ७५ से ७८ देवर्षि नारद द्वारा सूर्य के विराट् रूप तथा उनके प्रभाव का वर्णन सुमन्तुजी बोले – राजन् ! भयंकर कुष्ठरोग का शाप प्राप्त कर दुःखित हो साम्ब ने अपने पिता भगवान्… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ७४ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ७४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ७४ सूर्यनारायण की द्वादश मूर्तियों का वर्णन राजा शतानीक ने कहा – महामुने ! साम्ब के द्वारा चन्द्रभागा नदी के तटपर सूर्यनारायण की जो स्थापना की गयी है, वह स्थान आदिकाल से तो नहीं हैं,… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ७२ से ७३ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ७२ से ७३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ७२ से ७३ जम्बूद्वीप में सूर्यनारायण की आराधना के तीन प्रमुख स्थान दुर्वासा मुनि का साम्ब को शाप देना सुमन्तु मुनि बोले – राजन् ! ब्रह्माजी से इस प्रकार उपदेश प्राप्त कर याज्ञवल्क्य… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ७१ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ७१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ७१ ब्रह्मा द्वारा कहा गया भगवान् सूर्य का नाम-स्त्रोत्र ब्रह्माजी बोले – याज्ञवल्क्य ! भगवान् सूर्य जिन नामों के स्तवन से प्रसन्न होते हैं, मैं उनका वर्णन कर रहा हूँ – नमः सूर्याय नित्याय रवयेऽर्काय… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ७० भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ७० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ७० सिद्धार्थ (सर्षप)-सप्तमी- व्रत के उद्यापन की विधि ब्रह्माजी बोले – याज्ञवल्क्य ! सिद्धार्थ सप्तमी के व्रत के अनन्तर दूसरे दिन स्नान-पूजन-जप तथा हवन आदि करके भोजक, पुराणवेत्ता और वेद-पारङ्गत ब्राह्मणों को भोजन कराकर लाल… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ६९ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ६९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ६९ शुभाशुभ स्वप्न और उनके फल ब्रह्माजी बोले – याज्ञवल्क्य ! जो व्यक्ति सप्तमी में उपवास करके विधिपूर्वक सूर्यनारायण पूजन, जप एवं हवन आदि क्रियाएँ सम्पन्न कर रात्रि के समय भगवान् सूर्य का ध्यान करते… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ६८ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ६८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ६८ सूर्यनारायण के प्रिय पुष्प, सूर्यमंदिर में मार्जन-लेपन आदिका फल, दीपदान का फल तथा सिद्धार्थ-सप्तमी-व्रत का विधान और फल ब्रह्माजी बोले – याज्ञवल्क्य ! एक बार मैंने भगवान् सूर्यनारायण से उनके प्रिय पुष्पों के विषय… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ६६ से ६७ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ६६ से ६७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ६६ से ६७ शंख एवं द्विज, वसिष्ठ एवं साम्ब तथा याज्ञवल्क्य और ब्रह्मा के संवाद में आदित्य की आराधना का माहात्म्य-कथन, भगवान् सूर्य की ब्रह्मरूपता राजा शतानीक ने कहा – मुने ! आप… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ६५ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ६५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ६५ रहस्य-सप्तमी-व्रत के दिन त्याज्य पदार्थ का निषेध तथा व्रत का विधान एवं फल ब्रह्माजी ने कहा – दिण्डिन् ! अब मैं रहस्य-सप्तमी व्रत का विधान कह रहा हूँ । इस व्रत के करने से… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ६४ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ६४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ६४ भगवान् सूर्य के व्रतों के अनुष्ठान तथा उनके मन्दिरों में अर्चन-पूजन की विधि तथा फल-सप्तमी-व्रत का फल दिण्डी ने ब्रह्माजी से पूछा – ब्रह्मन् ! आपने आदित्य- क्रियायोग को मुझे बतलाया, अब आप यह… Read More