भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ९६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ९६ जया-सप्तमी-व्रतका वर्णन दिण्डी ने कहा — ब्रह्मन् ! आपने मुझसे जो सात सप्तमियों का वर्णन किया है, उसमें जो पहली सप्तमी है, उसके विषयमें तो आपने विस्तारपूर्वक वर्णन किया, किंतु शेष छः सप्तमियों के… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ९४ से ९५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ९४ से ९५ एक वैश्य तथा ब्राह्मणकी कथा, सूर्यमन्दिर में पुराण-वाचन एवं भगवान् सूर्यको स्नानादि करानेका फल ब्रह्माजी बोले — दिण्डिन् ! मैं आपको पितामह और कुमार कार्तिकेय का एक आख्यान सुना रहा… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ९३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ९३ सूर्यदेव की पूजामें विविध उपचार और फल आदि निवेदन करने का माहात्म्य ब्रह्माजी बोले — दिण्डिन् ! जो प्राणी भगवान् सूर्यनारायण के निमित्त सभी धर्म-कार्य करते हैं, उनके कुल में रोगी और दरिद्री उत्पन्न… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ९१ से ९२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ९१ से ९२ रोगहा एवं महाश्वेतवार – व्रत की विधि ब्रह्माजी बोले – दिण्डिन् ! यदि आदित्यवार को उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र पड़े तो उसे रोगहावार कहते हैं । यह सम्पूर्ण रोगों एवं भयों को… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ८८ से ९० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ८८ से ९० विजय, आदित्याभिमुख तथा हृदयवार – व्रतों की विधि ब्रह्माजी बोले – दिण्डिन् ! शुक्ल पक्ष में रोहिणी नक्षत्र से युक्त सप्तमी तिथि को विजय-संज्ञक आदित्यवार कहते हैं । वह सम्पूर्ण… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ८६ से ८७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ८६ से ८७ पुत्रद, जय, जयन्त संज्ञक आदित्यवार – व्रतों की विधि ब्रह्माजी बोले – दिण्डिन् ! जिस आदित्यवार को हस्त नक्षत्र हो उसे पुत्रद (आदित्य) वार कहा जाता हैं । उस दिन… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ८३ से ८५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ८३ से ८५ भद्रादित्य, सौम्यादित्य और कामदादित्यवार – व्रतों की विधि का निरूपण ब्रह्माजी बोले – दिण्डिन् ! भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को जो वार हो उसका नाम ‘भद्र’… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ८२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ८२ द्वादश रविवारों का वर्णन और नन्दादित्य – व्रत की विधि दिण्डी ने ब्रह्माजी से पूछा – ब्रह्मन् ! जो मनुष्य आदित्यवार के दिन श्रद्धा – भक्तिसे सूर्यदेव का स्नान –दानादि कर पूजन करते हैं,… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ८० से ८१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ८० से ८१ सूर्य भगवान् को नमस्कार एवं प्रदक्षिणा करने का फल और विजया – सप्तमी – व्रत की विधि देवर्षि नारद ने कहा – साम्ब ! अब मैं आपको भगवान् सूर्यनारायण के… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ७९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ७९ भगवान् सूर्य का परिवार सुमन्तु मुनि बोले – राजन् ! साम्ब ने नारदजी से पुनः कहा – महामुने ! आपने भगवान् सूर्यनारायण के अत्यन्त आनन्दप्रद माहात्म्य का वर्णन किया, जिससे मेरे हृदय में उनके… Read More