भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ११२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ११२ सूर्यपूजा में भाव-शुद्धि की आवश्यकता एवं त्रिप्राप्ति-सप्तमी-व्रत ब्रह्माजी बोले — गरुडध्वज ! भक्तिपूर्वक शुद्ध हृदय से मात्र जलार्पणद्वारा भी सूर्यभगवान् की पूजा करने पर दुर्लभ फल की प्राप्ति हो जाती है । राग-द्वेषादि से… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ११० से १११ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ११० से १११ अनन्त-सप्तमी तथा अव्यङ्ग-सप्तमीका विधान ब्रह्माजी ने कहा — अच्युत ! भाद्रपद मास में शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि को जितेन्द्रिय होकर सप्ताश्ववाहन भगवान् आदित्य को प्रणाम करके पुष्य-धूप आदि सामग्रियों से… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १०७ से १०९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – १०७ से १०९ सूर्यपदद्वय-व्रत, सर्वाप्ति-सप्तमा एव मार्तण्ड-सप्तमी की विधि ब्रह्माजी बोले — धर्मज्ञ ! अब मैं जगद्धाता देवदेवेश्वर भगवान् सूर्यनारायण के पदद्वय-माहात्म्य का वर्णन करता हूँ, इसे आप सुनें — अंशुमाली सूर्यदेव ने… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १०५ से १०६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – १०५ से १०६ कामदा एवं पापनाशिनी-सप्तमी-व्रत-वर्णन ब्रह्माजी बोले — विष्णो ! फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की सप्तमी को उपवास करके भगवान् सूर्यनारायण की विधिवत् पूजा करनी चाहिये । तत्पश्चात् दूसरे दिन अष्टमी को… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १०४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – १०४ त्रिवर्ग-सप्तमीकी महिमा ब्रह्माजी बोले — विष्णो ! जिन-जिन कामनाओं को लेकर अथवा निष्काम होकर भगवान् सूर्यनारायण के उपवास-व्रतों को करके व्यक्ति मनोवाञ्छित फल प्राप्त करता है, अब आप उन-उन उपवास-व्रतों के विषय सुने ।… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १०३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – १०३ सूर्य-पूजाका माहात्म्य ब्रह्माजी बोले — मधुसूदन ! जो मनुष्य भक्तिपूर्वक सूर्यदेव का मन्दिर बनवाता है, वह अपनी सात पीढ़ियों को दिव्य सूर्यलोक प्राप्त करा देता है । सूर्यदेवके मन्दिरमें जितने वर्षपर्यन्त भगवान् सूर्य की… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १०२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – १०२ तिथियों और नक्षत्रोंके देवता तथा उनके पूजनका फल सुमन्तु मुनि बोले — राजन् ! यद्यपि भगवान् सूर्य को सभी तिथियाँ प्रिय है, किंतु सप्तमी तिथि विशेष प्रिय है । शतानीक ने पूछा — जब… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १०० से १०१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – १०० से १०१ नन्दा-सप्तमी तथा भद्रा-सप्तमी-व्रत का विधान ब्रह्माज़ी बोले — हे वीर ! मार्गशीर्ष मास शुक्ल पक्षकी जो सप्तमी होती है, वह नन्दा कहलाती है । वह सभीको आनन्दित करनेवाली तथा कल्याणकारिणी… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ९८ से ९९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ९८ से ९९ अपराजिता-सप्तमी एवं महाजया-सप्तमी-व्रतका वर्णन ब्रह्माजी बोले — गणाधिप ! भाद्रपद मासके शुक्लपक्षकी सप्तमी तिथि अपराजिता-सप्तमी नामसे विख्यात है । यह महापातकों का नाश करती है । इस व्रतमें चतुर्थी तिथि… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ९७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ९७ जयन्ती-सप्तमी का विधान और फल ब्रह्माजी बोले — त्रिलोचन ! माघ मासके शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि जयन्ती-सप्तमी कही जाती है, यह पुण्यदायिनी, पापविनाशिनी तथा कल्याणकारिणी है । इस तिथिपर जिस विधिसे उपासना करनी… Read More