भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १४२ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १४२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – १४२ अव्यङ्ग का लक्षण और उसका माहात्म्य एक बार साम्ब ने महर्षि व्यास से मगों द्वारा धारण किये जाने वाले अव्यङ्ग के विषय में जिज्ञासा की । व्यासजी ने कहा — साम्ब ! मैं तुम्हें… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १३९ से १४१ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १३९ से १४१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – १३९ से १४१ साम्बोपाख्यानमें मगोंका वर्णन साम्ब ने कहा — नारदजी ! आपकी कृपा से मुझे सूर्यभगवान् का प्रत्यक्ष दर्शन प्राप्त हुआ, उत्तम रूप भी प्राप्त हुआ, किंतु मेरा मन चिन्ता से आकुल… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १३८ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १३८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – १३८ ध्वजारोपणका विधान और फल नारदजी बोले — साम्ब ! अब मैं ब्रह्माजी द्वारा वर्णित ध्वजारोपण की विधि बताता हूँ । पूर्वकाल में देवता और असुरों में जो भीषण युद्ध हुआ, उसमें देवताओं ने अपने-अपने… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १३६ से १३७ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १३६ से १३७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – १३६ से १३७ भगवान् सूर्यकी प्रतिमाके अधिवासन और प्रतिष्ठाका विधान तथा फल नारदजी बोले — साम्ब ! अब मैं अधिवासन विधि कहता हूँ । पवित्र भूमि को लीपकर पाँच रंगो से चतुरस्र सुन्दर… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १३५ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १३५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – १३५ साम्बोपाख्यान के प्रसंग में सूर्यकी अभिषेक-विधि नारदजी बोले— साम्ब ! अब मैं भगवान् सूर्य के स्नपन की विधि बताता हूँ । वेदपाठी, पवित्र आचारनिष्ठ, शास्त्रमर्मज्ञ, सूर्यभक्त भोजक अथवा अन्य ब्राह्मणों के साथ मण्डल के… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १३४ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १३४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – १३४ सूर्य-प्रतिष्ठाका मुहूर्त और मण्डप बनाने का विधान नारदजी बोले — साम्ब ! भगवान् सूर्य की स्थापना के लिये प्रतिपदा, द्वितीया, चतुर्थी, पञ्चमी, दशमी, त्रयोदशी तथा पूर्णिमा — ये तिथियाँ प्रशस्त मानी गयी हैं ।… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १३२ से १३३ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १३२ से १३३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – १३२ से १३३ सूर्य-प्रतिमा की निर्माण-विधि नारदजी ने कहा —यदुशार्दूल ! मैं सभी देवों को प्रतिमा का लक्षण विशेषरूप से आदित्य की प्रतिमा का लक्षण कहता हूँ । एक हाथ, दो हाथ, तीन… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १३१ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १३१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – १३१ सात प्रकार की प्रतिमा एवं काष्ठ-प्रतिमा के निर्माणोपयोगी वृक्षों के लक्षण नारदजी बोले— साम्ब ! अब मैं विस्तार के साथ प्रतिमा-निर्माण का विधान बतलाता हूँ । भक्तों के कल्याण की अभिवृद्धि के लिये भगवान्… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १३० भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १३० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – १३० मन्दिर—निर्माण—योग्य भूमि एवं मन्दिर में प्रतिमाओं के स्थानका निरूपण राजा शतानीक ने पूछा — मुने ! साम्ब ने भगवान् सूर्य की प्रतिमा की प्रतिष्ठा किस प्रकार की ? किसके कथनानुसार उन्होंने भगवान् आदित्य के… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १२९ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १२९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – १२९ साम्बको सूर्य-प्रतिमाकी प्राप्ति सुमन्तु मुनि बोले — राजन् ! इस प्रकार साम्ब सूर्यनारायण से वर प्राप्त कर अतिशय प्रसन्न हुए और वरप्राप्ति को आश्चर्य मानते हुए अन्य तपस्वियों के साथ समीप में स्थित चन्द्रभागा… Read More