भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ४७ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ४७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ४७ सप्तमी-कल्प में भगवान् सूर्य के परिवार का निरूपण एवं शाक-सप्तमी – व्रत सुमन्तु मुनि ने कहा – राजन् ! अब मैं सप्तमी-कल्प का वर्णन करता हूँ । सप्तमी तिथि को भगवान् सूर्य का आविर्भाव… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ४६ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ४६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ४६ भगवान कार्तिकेय तथा उनके षष्ठी – व्रत की महिमा सुमन्तु मुनि बोले – राजन् ! भाद्रपद मास की षष्ठी तिथि बहुत उत्तम तिथि है, यह सभी पापों का हरण करनेवाली, पुण्य प्रदान करने वाली… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ४० से ४५ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ४० से ४५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ४० से ४५ आचरण की श्रेष्ठता का प्रतिपादन राजा शतानीक ने कहा – मुने ! अब आप ब्राह्मण आदि के आचरण की श्रेष्ठता के विषय के बतलाने की कृपा करें । सुमन्तु मुनि… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३९ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ३९ षष्ठी – कल्प – निरूपण में स्कन्द – षष्ठी – व्रत की महिमा सुमन्तु मुनि बोले – राजन् ! अब मैं षष्ठी तिथि-कल्प का वर्णन करता हूँ । यह तिथि सभी मनोरथों को पूर्ण… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३६ से ३८ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३६ से ३८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ३६ से ३८ सर्पों की भिन्न-भिन्न जातियाँ, सर्पों के काटने के लक्षण, पञ्चमी तिथि का नागों से सम्बन्ध और पञ्चमी-तिथि में नागों के पूजन का फल एवं विधान गौतम मुनि ने कश्यपजी से… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३५ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय- ३५ सर्पों के विष का वेग, फैलाव तथा सात धातुओं में प्राप्त विष के लक्षण और उनकी चिकित्सा कश्यपजी बोले – गौतम ! यदि यह ज्ञात हो जाय कि सर्प ने अपनी यमदूती नामक दाढ़ से… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३४ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ३४ विभिन्न तिथियों एवं नक्षत्रों में कालसर्प से डँसे हुए पुरुष के लक्षण, नागों की उत्पत्ति की कथा कश्यप मुनि बोले – गौतम ! अब मैं कालसर्प से काटे हुए पुरुष का लक्षण कहता हूँ,… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३३ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ३३ सर्पों के लक्षण, स्वरुप और जाति… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३२ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ३२ पञ्चमी-कल्प का आरम्भ, नागपञ्चमी की कथा, पञ्चमी-व्रत का विधान और फल सुमन्तु मुनि बोले – राजन् ! अब मैं पञ्चमी-कल्प का वर्णन करता हूँ । पञ्चमी तिथि नागों को अत्यन्त प्रिय है और उन्हें… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३१ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नम: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ३१ चतुर्थी – कल्प में शिवा, शान्ता तथा सुखा – तीन प्रकार की चतुर्थी का फल और उनका व्रत-विधान सुमन्तु मुनिने कहा – राजन् ! चतुर्थी तिथि तीन प्रकार की होती है – शिवा, शान्ता… Read More