भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय ४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय ४ भूगोल एवं ज्योतिश्चक्र का वर्णन श्रीसूतजी बोले — मुनियों ! अब मैं भूर्लोक का वर्णन करता हूँ । भूर्लोक में जम्बू, प्लक्ष, शाल्मलि, कुश, क्रौञ्च, शाक और पुष्कर नाम के सात महाद्वीप… Read More


भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय २ से ३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय २ से ३ सृष्टि तथा सात ऊर्ध्व एवं सात पाताल लोकों का वर्णन श्रीसूतजी बोले — मुनियों ! अब मैं कल्प के अनुसार सैकड़ों मन्वन्तरों के अनुगत ईश्वर-सम्बन्धी कालचक्र का वर्णन… Read More


भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय १ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय १ गृहस्थाश्रम एवं धर्म की महिमा जयति भुवनदीपो भास्करो लोककर्ता जयति च शितिदेहः शार्ङ्गधन्वा मुरारिः । जयति च शशिमौली रुद्रनामाभिधेयो जयति सकलमौलीर्भानुमांश्चित्रभानुः ॥ ‘संसार की सृष्टि करनेवाले भुवन के दीपस्वरुप भगवान् भास्कर की… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय २१६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – २१६ ब्राह्मपर्व—श्रवण का माहात्म्य, पुराण-श्रवण की विधि, पुराणों तथा पुराणवाचक व्यासकी महिमा सुमन्तुजी ने कहा — राजन् ! भविष्यपुराण के इस प्रथम ब्राह्मपर्व के सुनने से मानव सम्पूर्ण पापों से मुक्त हो जाता है तथा… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय २१५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – २१५ निम्ब-सप्तमी तथा फल-सप्तमी-व्रत का वर्णन सुमन्तुजी ने कहा — हे वीर ! अब मैं तृतीय निम्ब-सप्तमी (वैशाख शुक्ल-सप्तमी)— की विधि बता रहा हूँ, आप सुने । इसमें निम्ब-पत्र का सेवन किया जाता है ।… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय २१२ से २१४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – २१२ से २१४ मरिच-सप्तमी-व्रत-वर्णन सुमन्तुजीने कहा — हे वीर ! मैंने तुमको अर्क-सम्पुटिका-व्रत की संक्षिप्त विधि बतलायी । अब मरिच-सप्तमी का वर्णन कर रहा हूँ, इसमें मरिच का भक्षण किया जाता है ।… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय २१० से २११ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – २१० से २११ अर्कसम्पुटिका-सप्तमीव्रत-विधि, सप्तमी-व्रत-माहात्म्य में कौथुमि का आख्यान सुमन्तुजी बोले — राजन् ! फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को अर्क-सप्तमी कहते हैं । इसमें षष्ठी को उपवास रहकर स्नान करके… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय २०८ से २०९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – २०८ से २०९ सप्त-सप्तमी तथा द्वादश मास-सप्तमी-व्रतों का वर्णन शतानीक ने कहा — मुने ! भगवान् भास्कर को अति प्रिय जिन अर्क-सम्पुटिका आदि सात सप्तमी-व्रतों की आपने पूर्व में चर्चा की है, उन्हें… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय २०३ से २०७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – २०३ से २०७ भगवान् भास्कर के व्योम-पूजन की विधि तथा आदित्य-माहात्म्य विष्णु भगवान् ने पूछा — हे सुरश्रेष्ठ चतुरानन ! अब आप भगवान् आदित्य के व्योम-पूजन की विधि बतलाये । अष्ट-शृङ्गयुक्त व्योमस्वरूप भगवान्… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १९८ से २०२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – १९८ से २०२ सूर्यनारायण की महिमा, अर्घ्य प्रदान करनेका फल तथा आदित्य-पूजन की विधियाँ महाराज शतानीक ने कहा — सुमन्तु मुने ! इस लोक में ऐसे कौन देवता हैं जिनकी पूजा-स्तुति करके सभी… Read More