भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय १९ से २१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय – १९ से २१ यज्ञ-पात्रों का स्वरूप और पूर्णाहुति की विधि सूतजी बोले — ब्राह्मणों ! यज्ञ-क्रिया के उपयोग में आनेवाली स्रुवा के निर्माण में — श्रीपर्णी, शिंशपा, क्षीरी (दूधवाले वृक्ष)… Read More


भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय १७ से १८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय – १७ से १८ विविध कर्मों में अग्निके नाम तथा होम-द्रव्यों का वर्णन सूतजी बोले — ब्राह्मणों ! अब मैं शास्त्रसम्मत-विधि के अनुसार किये गये विविध यज्ञों में अग्नि के नामों… Read More


भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय १६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय – १६ अग्नि-पूजन-विधि सूतज़ी बोले — ब्राह्मणो ! नित्य-नैमित्तिक यागादिक समाप्ति में हवन हो जाने पर भगवान् अग्निदेव की षोडश उपचारों से पूजा करनी चाहिये । अग्नि को वायु द्वारा प्रदीप्त कर पीठस्थ… Read More


भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय १३ से १५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय – १३ से १५ कुण्ड-निर्माण एवं उनके संस्कार की विधि और ग्रह-शान्ति का माहात्म्य सूतजी बोले — द्विजश्रेष्ठ ! अब मैं यज्ञकुण्डों के निर्माण एवं उनके संस्कार की संक्षिप्त विधि बता… Read More


भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय १२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय – १२ देव-प्रतिमा-निर्माण-विधि सूतजी बोले— ब्राह्मणों ! अब मैं प्रतिमा का शास्त्रसम्मत लक्षण कहता हूँ । उत्तम लक्षणों से रहित प्रतिमा का पूजन नहीं करना चाहिये । पाषाण, काष्ठ, मृतिका, रत्न, ताम्र एवं… Read More


भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय १० से ११ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय – १० से ११ प्रासाद, उद्यान आदि के निर्माण में भूमि-परिक्षण तथा वृक्षारोपण की महिमा सूतजी बोले — ब्राह्मणों ! देवमन्दिर, तडाग आदि के निर्माण करने में सबसे पहले प्रमाणानुसार गृहीत… Read More


भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय ९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय – ९ पूर्त-कर्म – निरूपण सूतजीने कहा — ब्राह्मणों ! युगान्तर में ब्रह्माजी ने जिस अन्तर्वेदि और बहिर्वेदि की बात बतलायी है, वह द्वापर और कलियुग के लिये अत्यन्त उत्तम मानी गयी है… Read More


भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय ७ से ८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय – ७ से ८ पुराण-श्रवण की विधि तथा पुराण-वाचक की महिमा श्रीसूतजी बोले — ब्राह्मणों ! पूर्वकाल में महातेजस्वी ब्रह्माजी ने पुराण-श्रवण की जिस विधि को मुझसे कहा था, उसे मैं… Read More


भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय ६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय ६ माता, पिता एवं गुरु की महिमा श्रीसूतजी बोले — द्विजश्रेष्ठ ! चारों वर्णों के लिये पिता ही सबसे बड़ा अपना सहायक है । पिता के समान अन्य कोई अपना बन्धु नहीं है,… Read More


भविष्यपुराण – मध्यमपर्व प्रथम – अध्याय ५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — प्रथम भाग) अध्याय ५ ब्राह्मणों की महिमा तथा छब्बीस दोषों का वर्णन श्रीसूतजी बोले — हे द्विजोत्तम ! तीनों वर्णों में ब्राह्मण जन्म से प्रभु हैं । हव्य और कव्य सभी की रक्षा के लिये तपस्या… Read More