श्री शिवमहिम्नस्तोत्रम् July 17, 2019 | aspundir | Leave a comment ॥ अथ श्री शिव महिम्न स्तोत्रम् ॥ [एक समय की बात है जब चित्ररथ नामक शिवभक्त राजा हुए जिन्होंने अपने राज्य में कई प्रकार के पुष्पों का एक उद्यान बनवाया, वह शिवपूजन के लिये पुष्प वहीं से ले जाते थे। महान् शिवभक्त गंधर्व पुष्पदंत देवराज इंद्र की सभा के मुख्य गायक थे, एक दिन उनकी… Read More
श्रीशिव प्रातः स्मरण स्तोत्रम् July 17, 2019 | aspundir | Leave a comment ॥ श्रीशिव प्रातः स्मरण स्तोत्रम् ॥ प्रातः स्मरामि भवभीतिहरं सुरेशं गङ्गाधरं वृषभवाहनमम्बिकेशम् । खट्वाङ्गशूलवरदाभयहस्तमीशं संसाररोगहरमौषधमद्वितीयम् ॥ १ ॥… Read More
भगवान् शिव को नमस्कार July 17, 2019 | aspundir | Leave a comment भगवान् शिव को नमस्कार नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शङ्कराय च । मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च ॥ कल्याण एवं सुख के मूल स्रोत भगवान् शिव को नमस्कार है । कल्याण के विस्तार करनेवाले तथा सुख के विस्तार करनेवाले भगवान् शिव को नमस्कार है । मंगलस्वरूप और मंगलमयता की सीमा भगवान् शिव… Read More
अष्टमूर्तिस्तव अथवा मूर्त्यष्टकस्तोत्र July 16, 2019 | aspundir | 1 Comment ॥ अष्टमूर्तिस्तव अथवा मूर्त्यष्टकस्तोत्र ॥ संजीवनीविद्या प्रदान करनेवाली स्तुति महर्षि भृगु के वंश में उत्पन्न श्रीशुक्राचार्य महान् शिवभक्तों में परिगणित हैं । इन्होंने काशीपुरी में आकर एक शिवलिंग की स्थापना की, जो शुक्रेश्वर नाम से प्रसिद्ध हुआ । भगवान् विश्वनाथ का ध्यान करते हुए इन्होंने बहुत कालतक घोर तप किया । उनकी उग्र तपस्या से… Read More
भगवान् शिव के विभिन्न मन्त्र July 16, 2019 | aspundir | Leave a comment ॥ भगवान् शिव के विभिन्न मन्त्र ॥ एकाक्षरीमंत्र – ‘हौं’ । हिन्दी तन्त्रसार में ऋषि वामदेव, छन्द पंक्ति, देवता सदाशिव कहे गये है । शारदा तिलक में ‘हं’ बीज औं’ शक्ति बतलाया गया है । एकाक्षर चिंतामणि – ‘क्ष्रौं’ । शारदा तिलक के अनुसार यह भगवान शिव के उत्तरवक्त्र से सम्बन्धित है । ऋषि काश्यप,… Read More
शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 07 July 16, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 07 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः सातवाँ अध्याय श्रोताओं के पालन करने योग्य नियमों का वर्णन ॥ शौनक उवाच ॥ सूत सूत महाप्राज्ञ धन्यस्त्वं शैवपुङ्गव । श्रावितेयं कथाऽस्माकमद्भुता च शुभावहा ॥ १ ॥ पुंसां शिवपुराणस्य श्रवणव्रतिनां मुने । सर्वलोकहितार्थाय दयया नियमं वद ॥ २ ॥… Read More
शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 06 July 16, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 06 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः छठा अध्याय शिवपुराण के श्रवण की विधि शिवपुराणश्रवणविधिः ॥ शौनक उवाच ॥ सूत सूत महाप्राज्ञ व्यासशिष्य नमोऽस्तु ते । धन्यस्त्वं शैववर्योऽसि वर्णनीयमहद्गुणः ॥ १ ॥ श्रीमच्छिवपुराणस्य श्रवणस्य विधिं वद । येन सर्वं लभेच्छ्रोता सम्पूर्णं फलमुत्तमम् ॥ २ ॥… Read More
शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 05 July 16, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 05 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः पाँचवाँ अध्याय चंचुला के प्रयत्न से पार्वतीजी की आज्ञा पाकर तुम्बुरु का विन्ध्यपर्वत पर शिवपुराण की कथा सुनाकर बिन्दुग का पिशाचयोनि से उद्धार करना तथा उन दोनों दम्पती का शिवधाम में सुखी होना बिन्दुगसद्गतिः ॥ शौनक उवाच ॥ सूत सूत महाभाग धन्यस्त्वं शिवसक्तधीः ।… Read More
शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 04 July 16, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 04 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः चौथा अध्याय चंचुला की प्रार्थना से ब्राह्मण का उसे पूरा शिवपुराण सुनाना और समयानुसार शरीर छोड़कर शिवलोक में जा चंचुला का पार्वतीजी की सखी होना चंचुलायाः सद्गतिः ॥ ब्राह्मण उवाच ॥… Read More
शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 03 July 14, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण माहात्म्य – अध्याय 03 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः तीसरा अध्याय चंचुला का पाप से भय एवं संसार से वैराग्य चंचुलावैराग्यवर्णनम् ॥ शौनक उवाच ॥ सूत सूत महाभाग सर्वज्ञोऽसि महामते । त्वत्प्रसादात्कृतार्थोऽहं कृतार्थोऽहं पुनः पुनः ॥ १ ॥ इतिहासमिमं श्रुत्वा मनो मेऽतीव मोदते । अन्यामपि कथां शम्भोर्वद प्रेमविवर्द्धिनीम् ॥ २ ॥ नामृतम्पिबतां लोके… Read More