॥ द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम् ॥ सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम् । भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये ॥ १ ॥ श्रीशैलशृङ्गे विबुधातिसङ्गे तुलाद्रितुङ्गेऽपि मुदा वसन्तम् । तमर्जुनं मल्लिकपूर्वमेकं नमामि संसारसमुद्रसेतुम् ॥ २ ॥… Read More


शिवमहापुराण – प्रथम विद्येश्वरसंहिता – अध्याय 05 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः पाँचवाँ अध्याय भगवान् शिव के लिंग एवं साकार विग्रह की पूजा के रहस्य तथा महत्त्व का वर्णन सूतजी बोले — हे शौनक ! जो श्रवण, कीर्तन और मनन — इन तीनों साधनों के अनुष्ठान में समर्थ न हो, वह भगवान् शंकर के… Read More


शिवमहापुराण – प्रथम विद्येश्वरसंहिता – अध्याय 04 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः चौथा अध्याय श्रवण, कीर्तन और मनन-इन तीन साधनोंकी श्रेष्ठताका प्रतिपादन मुनिगण बोले — हे ब्रह्मन् ! मनन कैसा होता है, श्रवण का स्वरूप कैसा है और उनका कीर्तन कैसे किया जाता है, यथार्थ रूप में आप वर्णन करें ॥ १ ॥ ब्रह्माजी… Read More


शिवमहापुराण – प्रथम विद्येश्वरसंहिता – अध्याय 03 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः तीसरा अध्याय साध्य-साधन आदि का विचार व्यासजी बोले — सूतजी का यह वचन सुनकर वे सब महर्षि बोले — अब आप हमें वेदान्त के सारसर्वस्वरूप अद्भुत शिवपुराण को सुनाइये ॥ १ ॥ मुनियों का यह वचन सुनकर अतिशय प्रसन्न हो वे सूतजी… Read More


शिवमहापुराण – प्रथम विद्येश्वरसंहिता – अध्याय 02 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः दूसरा अध्याय शिवपुराण का माहात्म्य एवं परिचय सूतजी बोले — हे साधु-महात्माओ ! आप सबने तीनों लोकों का हित करनेवाली अच्छी बात पूछी है । मैं गुरुदेव व्यासजी का स्मरण करके आप लोगों के स्नेहवश इस विषय का वर्णन करूँगा, आपलोग आदरपूर्वक… Read More


शिवमहापुराण – प्रथम विद्येश्वरसंहिता – अध्याय 01 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः पहला अध्याय प्रयाग में सूतजी से मुनियों का शीघ्र पापनाश करनेवाले साधन के विषय में प्रश्न आद्यन्तमङ्गलमजातसमानभावमार्यं तमीशमजरामरमात्मदेवम्। पञ्चाननं प्रबलपञ्चविनोदशीलं सम्भावये मनसि शङ्करमम्बिकेशम्॥ जो आदि और अन्त में [तथा मध्य में भी] नित्य मङ्गलमय हैं, जिनकी समानता अथवा तुलना कहीं भी नहीं… Read More


॥ अथ शिव पञ्चाक्षरी मन्त्र प्रयोगः ॥ मन्त्र – (शारदायाम्) “नमः शिवाय” एवं षडाक्षरी ” ॐ नमः शिवाय” ऋष्यादि से विनियोग करके न्यास करें – विनियोगः- अस्य मन्त्रस्य वामदेव ऋषिः, पंक्ति छन्द, ईशान देवता, ॐ बीजाय, नमः शक्तये, शिवायेति कीलकाय, सदाशिव प्रसन्नार्थे जपे विनियोगः । ऋष्यादिन्यासः- ॐ वामदेवर्षये नमः शिरसि । पंक्ति छन्दसे नमः मुखे… Read More


॥ शिव मानस पूजा ॥ रत्नैः कल्पितमासनं हिम-जलैः स्नानं च दिव्याम्बरं नाना-रत्न-विभूषितं मृगमदामोदाङ्कितं चन्दनं । जाती-चम्पक-बिल्व-पत्र-रचितं पुष्पं च धूपं तथा, दीपं देव दयानिधे पशुपते हृत-कल्पितं गृह्यताम् ॥ १ ॥… Read More


॥ श्रीशिवापराधक्षमापणस्तोत्रम् अथवा शिवापराधभञ्जनस्तोत्रम् ॥ आदौ कर्मप्रसङ्गात् कलयति कलुषं मातृकुक्षौ स्थितं मां विण्मूत्रामेध्यमध्ये क्वथयति नितरां जाठरो जातवेदाः । यद्यद्वै तत्र दुःखं व्यथयति नितरां शक्यते केन वक्तुं क्षन्तव्यो मेऽपराधः शिव शिव शिव भो श्रीमहादेव शम्भो ॥ १ ॥… Read More


॥ शिव पंचाक्षर स्तोत्र ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय । नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै ‘न’ काराय नमः शिवाय ॥ १ ॥ मन्दाकिनि-सलिलचन्दन-चर्चिताय नन्दीश्वर-प्रमथनाथ- महेश्वराय । मन्दारपुष्प-बहुपुष्प-सुपूजिताय तस्मै ‘म’ काराय नमः शिवाय ॥ २ ॥… Read More