शिव – श्रीकण्ठादि कलामातृका न्यासः ॥ शिव श्रीकण्ठादि कलामातृका न्यासः ॥ कोई भी रुद्र प्रयोग हो, मृत्युंजय प्रयोग या शिव के किसी अन्य स्वरूप का यन्त्र का प्रयोग पुरश्चरणादि, होवें तो श्रीकण्ठादि कलामातृका न्यास करने से विशेष सिद्धि प्राप्त होती है । विनियोगः – अस्य श्रीकण्ठादिकलान्यासस्य दक्षिणामूर्ति ऋषिः, गायत्री छन्दः, अर्द्धनारीश्वरो देवता, हलो बीजानि, स्वराः शक्तयः, चतुर्विध पुरुषार्थ सिद्ध्यर्थे न्यासे… Read More
रुद्र यन्त्रम् ॥ रुद्र यन्त्रम् ॥ रुद्र यन्त्र के मध्य में पञ्चकोण है, उसके बाहर अष्टदल, उसके बाहर षोडशदल, उसके ऊपर चतुर्विंशतिदल, उसके ऊपर द्वात्रिंशदल तथा उसके बाहर चत्वारिंशदल (कहीं-कहीं पर ४५ दल का भी लेख है।) पश्चात् बाहर भूपूर में (द्वारयुक्त परिधि) बनाकर यन्त्र शोधन करें। यह यन्त्र शिव पूजन व मृत्युञ्जय प्रयोग दोनों में किया… Read More
त्वरित रुद्रमन्त्र प्रयोगः ॥ अथ त्वरित रुद्रमन्त्र प्रयोगः॥ (हेमाद्रिशांति रत्नेषु) इस मन्त्र का प्रयोग सभी कामनाओं की सिद्धि हेतु तथा विघ्ननाश हेतु किया जाता है । औषधोपचार में यदि दवाकाम नहीं कर रही है तो इसके प्रयोग से मार्गदर्शन होकर रोगी को लाभ प्राप्त होगा । मन्त्रोयथा – ॐ यो रुद्रो ऽग्नौ योऽप्सुय ओषधीषु यो रुद्रो विश्वाभुवनाविवेश तस्मै… Read More
दशाक्षररुद्र मन्त्र विधानम् ॥ अथ दशाक्षररुद्र मन्त्र विधानम् ॥ रुद्रयाग व विशिष्ट साधना में विविध ऋचाओं से न्यास किये जाते है । मन्त्र – ॐ नमो भगवते रुद्राय। विनियोगः – ॐ अस्य श्री रुद्रमन्त्रस्य बोधायन ऋषिः, पंक्ति छन्दः, रुद्रो देवता ममाभिष्ट सिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः ॥ ऋषिन्यासः- ॐ बोधायनर्षये नमः शिरसि, पंक्ति छन्दसे नमः मुखे, रुद्र देवतायै नमः हृदि,… Read More
अष्टाक्षरी शिवमन्त्र प्रयोगः ॥ अष्टाक्षरी शिवमन्त्र प्रयोगः ॥ उमापति (शारदायाम्) मन्त्र – “ह्रीं ॐ नमः शिवाय ह्रीं” । विनियोगः – ॐ अस्य श्रीशिवाष्टाक्षर मन्त्रस्य वामदेव ऋषिः, पंक्ति छन्दः, उमापतिर्देवता सर्वेष्टसिद्धये जपे विनियोगः । ऋषिन्यासः – ॐ वामदेवर्षये नमः शिरसि, पंक्ति छन्दसे नमः मुखे, उमापतिदेवतायै नमः हृदि, विनियोगाय नमः सर्वाङ्गे ॥… Read More
शिव ताण्डव स्तोत्रम् ॥ अथ रावणकृत शिव ताण्डव स्तोत्रम् ॥ ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम् । डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥ १ ॥ जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी- विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्द्धनि । धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ॥ २ ॥… Read More
द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम् ॥ द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम् ॥ सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम् । भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये ॥ १ ॥ श्रीशैलशृङ्गे विबुधातिसङ्गे तुलाद्रितुङ्गेऽपि मुदा वसन्तम् । तमर्जुनं मल्लिकपूर्वमेकं नमामि संसारसमुद्रसेतुम् ॥ २ ॥… Read More
शिव पञ्चाक्षरी मन्त्र प्रयोगः ॥ अथ शिव पञ्चाक्षरी मन्त्र प्रयोगः ॥ मन्त्र – (शारदायाम्) “नमः शिवाय” एवं षडाक्षरी ” ॐ नमः शिवाय” ऋष्यादि से विनियोग करके न्यास करें – विनियोगः- अस्य मन्त्रस्य वामदेव ऋषिः, पंक्ति छन्द, ईशान देवता, ॐ बीजाय, नमः शक्तये, शिवायेति कीलकाय, सदाशिव प्रसन्नार्थे जपे विनियोगः । ऋष्यादिन्यासः- ॐ वामदेवर्षये नमः शिरसि । पंक्ति छन्दसे नमः मुखे… Read More
शिव मानस पूजा ॥ शिव मानस पूजा ॥ रत्नैः कल्पितमासनं हिम-जलैः स्नानं च दिव्याम्बरं नाना-रत्न-विभूषितं मृगमदामोदाङ्कितं चन्दनं । जाती-चम्पक-बिल्व-पत्र-रचितं पुष्पं च धूपं तथा, दीपं देव दयानिधे पशुपते हृत-कल्पितं गृह्यताम् ॥ १ ॥… Read More
श्रीशिवापराधक्षमापणस्तोत्रम् अथवा शिवापराधभञ्जनस्तोत्रम् ॥ श्रीशिवापराधक्षमापणस्तोत्रम् अथवा शिवापराधभञ्जनस्तोत्रम् ॥ आदौ कर्मप्रसङ्गात् कलयति कलुषं मातृकुक्षौ स्थितं मां विण्मूत्रामेध्यमध्ये क्वथयति नितरां जाठरो जातवेदाः । यद्यद्वै तत्र दुःखं व्यथयति नितरां शक्यते केन वक्तुं क्षन्तव्यो मेऽपराधः शिव शिव शिव भो श्रीमहादेव शम्भो ॥ १ ॥… Read More