ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 97 ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 97 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ (उत्तरार्द्ध) सत्तानबेवाँ अध्याय राधा का उद्धव को बिदा करना, बिदा होते समय उद्धव द्वारा राधा-महत्त्व – वर्णन तथा उद्धव के यशोदा के पास चले जाने पर राधा का मूर्च्छित होना श्रीनारायण कहते हैं — नारद! उद्धव को जाने के लिये उद्यत देखकर श्रीहरि… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 96 ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 96 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ (उत्तरार्द्ध) छियानबेवाँ अध्याय उद्धव को उपदेश देकर मथुरा जाने की आज्ञा देना श्रीनारायण कहते हैं — तदनन्तर माधवी की प्रेरणा से उद्धव के पूछने पर श्रीराधा ने उनको उपदेश दिया। राधिका बोलीं — ‘वत्स! लोकों के स्वामी, कालके काल, जगद्गुरु, निर्गुण, इच्छारहित और… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 95 ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 95 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ (उत्तरार्द्ध) पंचानबेवाँ अध्याय उद्धव का कथन सुनकर राधा का चैतन्य होना और अपना दुःख सुनाना श्रीनारायण कहते हैं — नारद! उद्धव के वचन सुनकर राधिका की चेतना लौट आयी। वे उठकर उत्तम रत्न-सिंहासन पर जा विराजीं । उस समय सात गोपियाँ भक्तिपूर्वक श्वेत… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 94 ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 94 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ (उत्तरार्द्ध) चौरानबेवाँ अध्याय सखियों द्वारा श्रीकृष्ण की निन्दा एवं प्रशंसा और उद्धव का मूर्च्छित हुई राधा को सान्त्वना प्रदान करना श्रीनारायण कहते हैं — मुने ! राधिकाको मूर्च्छित देखकर उद्धव को महान् विस्मय और भय प्राप्त हुआ। वे राधा की सच्ची भक्ति और… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 93 ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 93 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ (उत्तरार्द्ध) तिरानबेवाँ अध्याय राधा- उद्धव-संवाद श्रीनारायण कहते हैं — नारद! उद्धव द्वारा किये गये स्तवन को सुनकर राधिका की चेतना लौट आयी। तब वे विषादग्रस्त हो उद्धव को श्रीकृष्ण के सदृश आकार वाला देखकर बोलीं। श्रीराधिका ने कहा — वत्स ! तुम्हारा क्या… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 92 ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 92 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ (उत्तरार्द्ध) बानबेवाँ अध्याय उद्धव का गोकुल में सत्कार तथा उनका वृन्दावन आदि सभी वनों की शोभा देखते हुए राधिका के पास पहुँचना और राधास्तोत्र द्वारा उनका स्तवन करना श्रीनारायण कहते हैं — नारद! श्रीकृष्णकी प्रेरणासे उद्धव हर्षपूर्वक गणेश्वरको प्रणाम करके नारायण, शम्भु, दुर्गा,… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 91 ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 91 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ (उत्तरार्द्ध) इक्यानबेवाँ अध्याय श्रीकृष्ण का उद्धव को गोकुल भेजना श्रीभगवान् ने कहा — तात ! कर्मफल- भोग के अनुसार संयोग और उसी से वियोग भी होता है तथा उसी से क्षणमात्र में दर्शन भी प्राप्त हो जाता है। भला, उस कर्मभोग को कौन… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 90 ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 90 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ (उत्तरार्द्ध) नब्बेवाँ अध्याय श्रीकृष्ण द्वारा चारों युगों के धर्मादि का कथन, श्रीकृष्ण को गोकुल चलने के लिये नन्द का आग्रह श्रीकृष्ण ने कहा — नन्दजी ! पुराणों में जैसी अत्यन्त मधुर रमणीय कथा कही गयी है, उसे कहता हूँ। आप प्रसन्नमन होकर उसे… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 89 ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 89 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ (उत्तरार्द्ध) नवासीवाँ अध्याय श्रीकृष्ण द्वारा नन्द प्रार्थना तथा वर प्रदान [ तत्पश्चात् नन्द से श्रीकृष्ण ने कहा- ] ‘नन्दजी ! अब आप दुर्लभ ज्ञान से संयुक्त होने के कारण मोह का त्याग करके प्रसन्न मन से व्रजवासियों सहित व्रज को लौट जाइये ।… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 88 ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 88 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ (उत्तरार्द्ध) अट्ठासीवाँ अध्याय श्रीकृष्ण का नन्द को दुर्गा स्तोत्र सुनाना तथा व्रज लौट जाने का आदेश देना, नन्द का श्रीकृष्ण से चारों युगों के धर्म का वर्णन करने के लिये प्रार्थना करना श्रीकृष्ण ने कहा — हे तात! चेत करो । पिताजी! होश… Read More