॥ नृसिंह द्वात्रिंशद्वर्णात्मको मन्त्रः ॥ मन्त्रः- “ॐ उग्रंवीरं महाविष्णुं ज्वलंतं सर्वतोमुखम् । नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्यं नमाम्यहम् ॥” मृत्युमृत्यु का अर्थ है मृत्यु की मृत्यु करने वाले आप काल के भी काल हैं अर्थात् कालमृत्यु आपके वश में हैं, मन्त्र में ऐसी भावना रखें । विनियोग:- ॐ अस्य मन्त्रस्य ब्रह्माऋषिः, अनुष्टप् छन्दः, श्रीनरसिंहो देवता, हं… Read More


भगवान् नृसिंह मन्त्र प्रयोगः ॥ षडक्षर नृसिंह मन्त्र ॥ मन्त्रः- “आं ह्रीं क्ष्रों क्रौं हुं फट् ।” विनियोगः- अस्य मन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषिः, पंक्ति छन्दः, नरसिंहो देवता सर्वेष्ट सिद्धये जपे विनियोग । मेरुतन्त्र में मन्त्रः- “आं ह्रीं ज्रों क्रों ह्रां फट्” है । ऋषिन्यासः- ॐ ब्रह्मऋषये नमः शिरसि । ॐ पंक्ति छन्दसे नमः मुखे । ॐ… Read More


धनप्राप्ति यंत्र इसकी साधना के लिए बैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक, मार्गशीर्ष तथा माघ मास सबसे उत्तम है। तिथियाँ – द्वितीया, पंचमी, सप्तमी, नवमी, द्वादशी तथा त्रयोदशी श्रेष्ठ हैं। वार – बुधवार, बृहस्पति, शुक्रवार सबसे अच्छे हैं। नक्षत्र – रोहिणी, पुनर्वस, हस्त, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद, उत्तराफाल्गुनी, तथा रेवती शुभ है। स्थान – नदी तट, देवी मन्दिर, पहाड़ की… Read More


वशीकरण यन्त्र विधिः- निम्न ‘यन्त्र’ को शुक्रवार के दिन शुक्र की होरा में, लाल चन्दन द्वारा अनार की लेखनी से १०८ की संख्या में लिखे । तत्पश्चात् गन्ध-अक्षतादि द्वारा पूजा कर इन्हें नदी में बहा दें ।… Read More


महा-काली शाबर मन्त्र मन्त्र :- “सात पूनम काल का, बारह बरस क्वाँर । एको देवी जानिए, चौदह भुवन – द्वार ।। १ द्वि – पक्षे निर्मलिए, तेरह देवन देव । अष्ट-भुजी परमेश्वरी, ग्यारह रुद्र सेव ।। २ सोलह कला सम्पूर्णी, तीन नयन भरपूर । दसों द्वारी तू ही माँ, पाँचों बाजे नूर ।। ३ नव-निधी… Read More


शाबर मन्त्रों का प्रभाव और साधना ‘शाबर-मन्त्रों का प्रभाव अचूक होता है । इस विद्या के पितामह भगवान् दत्तात्नेय हैं । भगवान् दत्तावेय ने भगवान् मत्स्येन्द्रनाथ, गोरक्षनाथ आदि नव-नाथों को यह विद्या बताई थी । आदि-शङ्कराचार्य ने भी तपस्या करके ‘शाबरी माता’ का आशीर्वाद प्राप्त किया था । ‘नवनाथ-पन्थ’ में ‘शाबर’ – मन्त्रों को ही… Read More


सर्वार्थ-सिद्धि-दायक यन्त्र विधि-उत्तम योग में निम्न ‘यन्त्र’ बनाएं । कुमकुम में गुलाब- जल या गंगा-जल मिलाकर स्याही बना लें । भोज-पत्न के एक अखण्ड चौरस टुकड़े पर अनार की कलम या सोने अथवा चांदी की शलाका से ‘यन्त्र’ को लिखे । उसे ताँबे की ताबीज मे भरकर अच्छी तरह बन्द करें और लाल डोरे में… Read More


पञ्च-दशी यन्त्र से भगवती लक्ष्मी की कृपा-प्राप्ति “दीपावली” की सन्ध्या में सूर्यास्त के बाद उक्त यन्त्र लिखना प्रारम्भ करे। अगले दिन सूर्योदय तक यन्त्र लिखता रहे। सूर्योदय के समय अन्तिम यन्त्र एक बड़े कागज के ऊपर लिखकर ‘पूजा-स्थान में रखे। उसे धूप-दीप दिखाए। साथ ही, एक छोटा यन्त्र भी बनाकर उसे ‘ताबीज’ में भरकर गले… Read More


सर्वदुःख निवारण यंत्र-मंत्र किसी शुभ रविवार के दिन भोजपत्र अथवा शुद्ध सादा कागज पर हल्दी के रस (घोल) की स्याही से अनार की कलम से इस यंत्र को तैयार कर पूजा-अर्चना करें। यंत्र के पीछे (दूसरी ओर) अपनी समस्या लिखें। यंत्र लिखित भोजपत्र को शुद्ध रुई में रखकर उसको बत्ती की तरह लपेट कर उसे… Read More


कार्य सिद्धि यन्त्र  नवरात्र, होली, दीपावली, ग्रहणकाल या पुष्य नक्षत्र वाले दिन शुभ एवं अनुकूल मुहूर्त में ताम्रपत्र पर बने हुए यंत्र को पंचामृत से स्नान करवाकर शुद्ध कर लें। तत्पश्चात् यंत्र को शिवलिंग की जलहरी के नीचे इस तरह रखें कि शिवलिंग पर जल एवं दूध चढ़ाने के दौरान चढा हुआ जल व दूध… Read More