धन समृद्धि हेतु यन्त्र धन समृद्धि हेतु यन्त्र इस यन्त्र को दीपावली की रात्रि में लिखने का विधान है। एक स्वच्छ सफेद वस्त्र पर इस यन्त्र को लाल कुंकुम, केसर के घोल से अनार की कलम से लिखना चाहिए। अपने पूजागृह में गणेश-लक्ष्मी प्रतिमा या चित्रों के सम्मुख इस यन्त्र को स्थापित करें। तदनंतर लाल पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य… Read More
सिद्ध बीसा-यन्त्र प्रयोग विधि सिद्ध बीसा-यन्त्र प्रयोग विधि “बीसा-यन्त्र” अष्ट-गन्ध (सफेद चन्दन, रक्त चन्दन, अगर काष्ठ, कपूर, केसर, शुद्ध कस्तूरी, कुष्ठ, गोरोचन) से तैयार मसी (स्याही) से लिखा जाता है। यन्त्र लिखने के लिए शुभ (गुरु-पुष्य या रविपुष्य) योग में विधिवत तैयार अनार की कलम से भोजपत्र या रेशमी वस्त्र पर लिखें। बीसा यन्त्र लिखने के बाद बची स्याही… Read More
नवार्ण-यन्त्र-पूजन नवार्ण-यन्त्र-पूजन (१) स्नान आदि करके साधक ‘पूजा-स्थान’ में प्रवेश करे। पूजा-स्थान को सुसज्जित तथा सुगन्धित करे। (२) पूजा-स्थान में चार अंगुल ऊँची, डेढ़ हाथ चौड़ी मिट्टी की वेदी बनाए। (३) वेदी के ऊपर रक्त-चन्दन से अनार या बेल की कलम से द्वारा ‘अष्ट-दल-कमल’ बनाए। (४) ‘अष्ट-दल-कमल’ को हरिद्रा-मिश्रित अक्षत-चूर्ण एवं रक्त-चन्दन-मिश्रित अक्षत-चूर्ण से सजाए।… Read More
धनाधीश कुबेर यन्त्र धनाधीश कुबेर यन्त्र 1. नवरात्र, धनतेरस, दीपावली या अन्य किसी शुभ-मुहूर्त्त में इस यन्त्र की रचना की जाती है, मंगलवार का दिन भी यदि उस दिन हो तो अति उत्तम । अर्द्ध-रात्रि में स्नान करके लाल वस्त्र पहन कर, भोजपत्र पर अथवा ताम्रपत्र पर अष्टगन्ध की स्याही तथा अनार की या पारिजात की कलम से,… Read More
श्रीसूक्त-विधान “श्रीसूक्त”-विधान विनियोगः- ॐ हिरण्य – वर्णामित्यादि-पञ्चदशर्चस्य श्रीसूक्तस्याद्यायाः ऋचः श्री ऋषिः तां म आवहेति चतुर्दशानामृचां आनन्द-कर्दम-चिक्लीत-इन्दिरा-सुताश्चत्वारः ऋचयः, आद्य-मन्त्र-त्रयाणां अनुष्टुप् छन्दः, कांसोऽस्मीत्यस्याः चतुर्थ्या वृहती छन्दः, पञ्चम-षष्ठयोः त्रिष्टुप् छन्दः, ततोऽष्टावनुष्टुभः, अन्त्या प्रस्तार-पंक्तिः छन्दः । श्रीरग्निश्च देवते । हिरण्य-वर्णां बीजं । “तां म आवह जातवेद” शक्तिः । कीर्तिसमृद्धिं ददातु मे” कीलकम् । मम श्रीमहालक्ष्मी-प्रसाद-सिद्धयर्थे जपे विनियोगः ।… Read More
सर्व-यंत्र-मन्त्र-तंत्रोत्कीलन-स्तोत्र सर्व-यंत्र-मन्त्र-तंत्रोत्कीलन-स्तोत्र ।। पार्वत्युवाच ।। देवेश परमानन्द, भक्तानाम भयं प्रद ! आगमाः निगमाश्चैव, बीजं बीजोदयस्तथा ।।१।। समुदायेन बीजानां, मन्त्रो मंत्रस्य संहिता । ऋषिच्छन्दादिकं भेदो, वैदिकं यामलादिकम् ।।२।। धर्मोऽधर्मस्तथा ज्ञानं, विज्ञानं च विकल्पन । निर्विकल्प-विभागेन, तथा षट्-कर्म-सिद्धये ।।३।। भुक्ति-मुक्ति-प्रकारश्च, सर्वं प्राप्तं प्रसादतः । कीलनं सर्व-मन्त्राणां, शंसयद् हृदये वचः ।।४।। इति श्रुत्वा शिवा-नाथः, पार्वत्या वचनं शुभम् । उवाच… Read More
नव-ग्रह यन्त्र नव-ग्रह यन्त्र १५ सूर्य-यन्त्र १८ चन्द्र-यन्त्र २१ मंगल-यन्त्र ६ १ ८ ७ २ ९ ८ ३ १० ७ ५ ३ ८ ६ ४ ९ ७ ५ २ ९ ४ ३ १० ५ ४ ११ ६ २४ बुध-यन्त्र २७ गुरु-यन्त्र ३० शुक्र-यन्त्र ९ ४ ११ १० ५ १२ ११ ६ १३ १० ८ ६ ११ ९… Read More
सिद्ध वशीकरण मन्त्र सिद्ध वशीकरण मन्त्र १॰ “बारा राखौ, बरैनी, मूँह म राखौं कालिका। चण्डी म राखौं मोहिनी, भुजा म राखौं जोहनी। आगू म राखौं सिलेमान, पाछे म राखौं जमादार। जाँघे म राखौं लोहा के झार, पिण्डरी म राखौं सोखन वीर। उल्टन काया, पुल्टन वीर, हाँक देत हनुमन्ता छुटे। राजा राम के परे दोहाई, हनुमान के पीड़ा चौकी।… Read More
सर्व-कामना-सिद्धि स्तोत्र सर्व-कामना-सिद्धि स्तोत्र श्री हिरण्य-मयी हस्ति-वाहिनी, सम्पत्ति-शक्ति-दायिनी। मोक्ष-मुक्ति-प्रदायिनी, सद्-बुद्धि-शक्ति-दात्रिणी।।१ सन्तति-सम्वृद्धि-दायिनी, शुभ-शिष्य-वृन्द-प्रदायिनी। नव-रत्ना नारायणी, भगवती भद्र-कारिणी।।२ धर्म-न्याय-नीतिदा, विद्या-कला-कौशल्यदा। प्रेम-भक्ति-वर-सेवा-प्रदा, राज-द्वार-यश-विजयदा।।३ धन-द्रव्य-अन्न-वस्त्रदा, प्रकृति पद्मा कीर्तिदा।… Read More
दूकान की बिक्री दूकान की बिक्री १॰ “श्री शुक्ले महा-शुक्ले कमल-दल निवासे श्री महालक्ष्मी नमो नमः। लक्ष्मी माई, सत्त की सवाई। आओ, चेतो, करो भलाई। ना करो, तो सात समुद्रों की दुहाई। ऋद्धि-सिद्धि खावोगी, तो नौ नाथ चौरासी सिद्धों की दुहाई।” विधि- घर से नहा-धोकर दुकान पर जाकर अगर-बत्ती जलाकर उसी से लक्ष्मी जी के चित्र की आरती… Read More