संकट नाशन मन्त्र मन्त्रः- “दीन दयाल बिरिदु सम्भारी । हरहु नाथ मम संकट भारी ।।” मन्त्र की प्रयोग विधि और लाभ… Read More


श्रीराम प्रसन्नता का मन्त्र “अरथ न धरम न काम रुचि गति न चहउँ निरबान जनम जनम रति राम पद यह बरदान न आन ।।” मन्त्र की प्रयोग विधि और लाभ… Read More


श्रीदुर्गा आसुरी-कल्प विनियोगः- ॐ आसुरी-मन्त्रस्य, अंगिरा ऋषिः, विराट् छन्दः, श्रीदुर्गा आसुरी देवता, ॐ वीजं, स्वाहा शक्तिः, वशीकरणे जपे विनियोगः । ऋष्यादि-न्यासः- अंगिरा ऋषये नमः शिरसि, विराट् छन्दसे नमः मुखे, श्रीदुर्गा आसुरी देवतायै नमः हृदि, ॐ वीजाय नमः गुह्ये, स्वाहा शक्तये नमः पादयो, वशीकरणे जपे विनियोगाय नमः सर्वांगे ।… Read More


अत्यधिक कष्ट-शान्ति के लिए श्रीवन-दुर्गा मन्त्र-विधान सङ्कल्पः- देश-कालौ स्मृत्वा अमुक-गोत्रोऽमुक-शर्माहं अमुक-कार्य-सिद्धयर्थे (मनोऽभिलषित-कार्य-सिद्धयर्थे वा) श्रीवन-दुर्गा-मन्त्रस्य एकादश-शत-संख्यक-जपं करिष्ये । विनियोगः- ॐ अस्य श्रीवन-दुर्गा-देवता-मन्त्रस्य श्रीआरण्यक ऋषिः, अनुष्टुप छन्दः, श्रीवन-दुर्गा देवता, ॐ वीजं, स्वाहा शक्तिः, सङ्कल्पोद्दिष्ट-कार्य-सिद्धयर्थे जपे विनियोगः ।… Read More


वैष्णवी अपराजिता मन्त्रः- श्रीः ह्रीं ॐ नमः कृष्ण-वाससे, सहस्र-हिंसिनि, सहस्र-वदने, महा-बले, अपराजिते, प्रत्यंगिरे, पर-सैन्य-पर-कर्म-विध्वंसिनि, पर-मन्त्रोत्सादिनि, रावे, भूत-दमनि ! सर्बान् देवान् बन्ध, सर्व-विद्यां छिन्धि-छिन्धि, क्षोभय-क्षोभय, पर-यन्त्राणि स्फोटय-स्फोटय, सर्व-श्रृंखला त्रोटय-त्रोटय, ज्वल-ज्वल, जिह्वे, कराल-वदने, प्रत्यंगिरे ! क्रीं नमः ।… Read More


नवग्रह शाबर मन्त्र रविदेव हवन – हवन सामग्रीः- गौघृत तथा अर्क की लकड़ी । दिशाः- पूर्व, मुद्रा-हंसी, संख्याः- ९ बार या १०८ बार । मन्त्रः- “सत नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी । सुन बा योग मूल कहे बारी बार । सतगुरु का सहज विचार ।। ॐ आदित्य खोजो आवागमन घट में… Read More


कार्य-सिद्धि कारक गोरक्षनाथ मंत्र मन्त्रः- “ॐ गों गोरक्षनाथ महासिद्धः, सर्व-व्याधि विनाशकः । विस्फोटकं भयं प्राप्ते, रक्ष रक्ष महाबल ।। १।। यत्र त्वं तिष्ठते देव, लिखितोऽक्षर पंक्तिभिः । रोगास्तत्र प्रणश्यन्ति, वातपित्त कफोद्भवाः ।। २।। तत्र राजभयं नास्ति, यान्ति कर्णे जपाः क्षयम् । शाकिनी भूत वैताला, राक्षसा प्रभवन्ति न ।। ३।। नाऽकाले मरणं तस्य, न च सर्पेण… Read More


गृह बाधा शान्ति शाबर मन्त्र यह मंत्र जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में साधक की रक्षा करता है । कोई भी व्यक्ति इसे सिद्ध करके स्वयं को सुरक्षित कर सकता है । जिसने इसे सिद्ध कर लिया हो, ऐसा व्यक्ति कहीं भी जाए, उसको किसी प्रकार की शारीरिक हानि की आशंका नहीं रहेगी । केवल आततायी… Read More


कार्य-सिद्ध भैरव शाबर मन्त्र मन्त्रः- “ॐ गुरु ॐ गुरु ॐ गुरु ॐ-कार ! ॐ गुरु भु-मसान, ॐ गुरु सत्य गुरु, सत्य नाम काल भैरव कामरु जटा चार पहर खोले चोपटा, बैठे नगर में सुमरो तोय दृष्टि बाँध दे सबकी । मोय हनुमान बसे हथेली । भैरव बसे कपाल । नरसिंह जी की मोहिनी मोहे सकल… Read More


साधना सफलता का शाबर मन्त्र मन्त्रः- “ॐ इक ओंकार, सत नाम करता पुरुष निर्मै निर्वैर अकाल मूर्ति अजूनि सैभं गुर प्रसादि जप आदि सच, जुगादि सच है भी सच, नानक होसी भी सच – मन की जै जहाँ लागे अख, तहाँ-तहाँ सत नाम की रख । चिन्तामणि कल्पतरु आए कामधेनु को संग ले आए, आए… Read More