विपत्ति नाशक व सुख-प्राप्ति का मन्त्र विपत्ति नाशक व सुख-प्राप्ति का मन्त्र मन्त्र:- “राजिव नयन धरें धनुसायक । भगति बिपति भंजन सुखदायक ।।”… Read More
अपनी रक्षा के लिए मन्त्र अपनी रक्षा के लिए मन्त्र मन्त्र:- “ममाभिरक्षय रघुकुल नायक । धृतबरचाप रुचिकर सायक ।। मोरे हित हरि सम नहीं कोऊ । ऐहि अवसर सहाय सोइ होऊ ।।”… Read More
क्लेश-हरण-मर्यादा-रक्षक मन्त्र क्लेश-हरण-मर्यादा-रक्षक मन्त्र मन्त्र:- “हरन कठिन कलि कलुष कलेषु । महामोह निसि दलन दिनेसू ।।”… Read More
पापों के क्षय के लिए मन्त्र पापों के क्षय के लिए मन्त्र “मोहि समान को पापनिवासु।।” मन्त्र की प्रयोग विधि और लाभ… Read More
बगलामुखी मन्त्र वृहत् उत्कीलन विधानम् बगलामुखी मन्त्र वृहत् उत्कीलन विधानम् इसको नित्य करने की आवश्यकता नहीं है, पर्वादि में या पुरश्चरण काल में अवश्य करना चाहिये । विनियोगः- ॐ अस्य श्री उत्कीलन मंत्रस्य सदाशिव ऋषिः, वृहत् गायत्री छंदः, सूचीमुख्यै देवता, ॐ ऐं क्लीं ह्लीं ह्लीं ऐं अं बीजाय, ब्रह्म-ग्रंथिं उत्कीलय शक्तिः, ॐ ब्लूं ह्लौं ह्लं ह्लीं ह्लां ॐ कीलकं, श्रीं… Read More
बगलामुखी मातृका || बगलामुखी मातृका || ॐ ह्ल्रीं श्रीं अं बगलामुख्यै नमः शिरसि । ॐ ह्ल्रीं श्रीं आं स्तम्भिन्यै नमः मुखे । ॐ ह्ल्रीं श्रीं इं जिभृण्यै नमः दक्षनेत्रे ।… Read More
ब्रह्मास्त्र उपसंहार विद्या ब्रह्मास्त्र उपसंहार विद्या यदि शत्रु भी बगला ब्रह्मास्त्र का ज्ञाता है, परप्रयोग भारी है तो यह कालरात्रि का मंत्र शीघ्र काम करता है, कृत्या व शत्रु शक्ति को सम्मोहित कर निष्प्राण कर शिथिल कर देता है ।… Read More
पीताम्बरा पञ्चास्त्र मंत्राः पीताम्बरा पञ्चास्त्र मंत्राः पीताम्बरा के पाँच विशेष उग्र मंत्र हैं, जो शत्रू समूह को नष्ट करने में समर्थ हैं । १॰ वडवामुखी, २॰ उल्कामुखी, ३॰ जातवेदमुखी, ४॰ ज्वालामुखी तथा ५॰ वृहद्भानुमुखी ।… Read More
बगलामुखी ब्रह्मास्त्र कवचम् बगलामुखी ब्रह्मास्त्र कवचम् इस कवच में प्रयुक्त मंत्र के जप एवं सम्पुटित दुर्गा पाठ कराने पर शत्रुनाश, प्रेतदोषशमन, आर्थिक उन्नति आदि के सफल प्रयोग किये जा सकते हैं । षट्त्रिंशतात्मक (३६ अक्षर) मंत्र के विकल्प में इस मंत्र में मंत्रोच्चारण या ध्यान समय त्रुटि की सम्भावना भी नहीं रहती है ।… Read More
श्री बगला यंत्रराज रक्षा स्तोत्रम् श्री बगला यंत्रराज रक्षा स्तोत्रम् इस स्तोत्र में बगला मंत्र ऋषि नारद, छंद पंक्ति, देवता पीताम्बरा, ह्लीं बीजं, स्वाहा शक्ति, सं कीलक, शत्रु-विनाशक विनियोग कहा गया है तथा इस स्तोत्र के पाठ से यंत्रार्चन का फल प्राप्त होता है ।… Read More