नजर, बुखार में राम-बाण : शाबर नजर, बुखार में राम-बाण : शाबर मन्त्र :- ‘लोहार, लोहरवा की बेटी ! तोर बाप का करत हय ?’ ‘कोइला काटत हय ।’ ‘ओ कोइला का करी ?’ ‘छप्पन छुरा गढ़ी ।’ ‘ओ छुरा का करी ?’ ‘डीठ काटी, टोना काटी और काटी टापर ।’ दोहाई गुरु धनन्तर की । लोना चमारिन की दोहाई ।… Read More
अकाल मृत्यु नाशक मन्त्र अकाल मृत्यु नाशक मन्त्र मन्त्र:- “नाम पाहरु दिवस निसि, ध्यान तुम्हार कपाट । लोचन निज पद जंत्रित जाहिं प्रान केहिं बाट ।।”… Read More
महामारी भगाने का मन्त्र महामारी भगाने का मन्त्र मन्त्र:- “जय रघुवंस बनज बन भानु । गहन दनुज कुल दहन कृसानू ।।”… Read More
हनुमान जी का वीर-साधन-प्रयोग हनुमान जी का वीर-साधन-प्रयोग ब्राह्म-मुहूर्त में उठकर, ‘सन्ध्या-वन्दनादि’ नित्य क्रिया करने के उपरान्त साधक नदी किनारे जाए। नदी में स्नान करके, ‘तीर्थ-आवाहन’ कर आठ बार मूल-मन्त्र का जप करे। फिर मूल-मन्त्र जपते हुए बारह बार अपने मस्तक पर जल के द्वारा ‘अभिषेक’ करे। अभिषेक करने के बाद वस्त्र धारण कर नदी के किनारे बैठ- ‘ह्रां… Read More
श्रीगायत्री-मन्त्र से रोग-ग्रह-शान्ति श्रीगायत्री-मन्त्र से रोग-ग्रह-शान्ति १॰ क्रूर से क्रूर ग्रह-शान्ति में, शमी-वृक्ष की लकड़ी के छोटे-छोटे टुकड़े कर, गूलर-पाकर-पीपर-बरगद की समिधा के साथ ‘गायत्री-मन्त्र से १०८ आहुतियाँ देने से शान्ति मिलती है। २॰ महान प्राण-संकट में कण्ठ-भर या जाँघ-भर जल में खड़े होकर नित्य १०८ बार गायत्री मन्त्र जपने से प्राण-रक्षा होती है। ३॰ घर के आँगन… Read More
शोक (दुःख) नाशक मन्त्र शोक (दुःख) नाशक मन्त्र मन्त्र:- “जब तें राम ब्याहि घर आए । नित नव मंगल मोद बधाए ।।”… Read More
विघ्न दूर करने का मन्त्र विघ्न दूर करने का मन्त्र मन्त्र:- “सकल विघ्न ब्यापहिं नहिं ताही । राम सुकृपाँ बिलोकहिं जाही ।।”… Read More
भूत भगाने का मन्त्र भूत भगाने का मन्त्र मन्त्र:- “हनुमान अंगद रन गाजे । हाँक सुनत रजनीचर भाजे ।।”… Read More
शत्रु को स्तम्भित करने का मन्त्र शत्रु को स्तम्भित करने का मन्त्र मन्त्र:- “बयरु न कर काहू सन कोई । राम प्रताप विषमता खोई ।।”… Read More
रोग नाशक मन्त्र रोग नाशक मन्त्र मन्त्र:- “दैहिक दैविक भौतिक तापा । राम राज नहिं काहुहिं ब्यापा ।।”… Read More