विविध फल-दायिनी श्रीचित्रसेन-साधना September 10, 2015 | aspundir | 1 Comment विविध फल-दायिनी श्रीचित्रसेन-साधना मन्त्रः- “क्लीं राजन् गन्धर्व-गगनाश्रय-चित्रसेन ! कन्यां प्रयच्छ मे स्वाहा ।” विनियोगः- ॐ अस्य श्रीचित्रसेन-मन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषिः । विराट् छन्दः । गन्धर्व-प्रवर-श्रीचित्रसेन देवता । अभीष्ट-सिद्धयर्थे जपे विनियोगः ।… Read More
दुःस्वप्न-नाशक प्रयोग September 10, 2015 | aspundir | Leave a comment दुःस्वप्न-नाशक प्रयोग १॰ विष्णुं नारायणं कृष्णं, रामं च श्रीहरिं शिवम् । श्रियं लक्ष्मीं राधिकां जानकीं प्रभां च पार्वतीम् ।। जपन् द्वादश दुःस्वप्नः, सत्-फलदः प्रजायते ।।… Read More
मेधा सूक्त September 10, 2015 | aspundir | Leave a comment ॥ मेधा सूक्त ॥ यजुर्वेद के ३२वें अध्याय में मेधा-प्राप्ति के कुछ मन्त्र पठित हैं, जो मेधा-परक होने से ‘मेधा-सूक्त’ कहलाते हैं । ‘मेधा’ शब्द का शाब्दिक अर्थ है – धारणा शक्ति (Judgeent Power), प्रज्ञा (WisefulL, Intellect), बुद्धि आदि । मेधा-शक्ति-सम्पन्न व्यक्ति ही ‘मेधावी’ (Intelligent, Brilliant) कहलाता है । ‘मेधा’ बुद्धि की एक शक्ति-विशेष है… Read More
लक्ष्मी – नाम मन्त्र द्वारा हवन September 10, 2015 | aspundir | Leave a comment ‘श्रीलक्ष्मी’- नाम मन्त्र द्वारा हवन – पूर्व-मुख होकर आसन पर बैठे और अपने पास गन्ध, पुष्प, अक्षत, समानान्यार्घ्य-जल, कुश, काष्ठ आदि पूजन सामग्री रखें । – कुश से काष्ठ आदि सकल सामग्री का मार्जन करें । – भूमि को गो-मय और जल से लीपे । – तीन बार ‘मूल-मन्त्र’ अथवा “श्रीं” – एकाक्षर बीज का… Read More
श्रीललिता-महा-लक्ष्म्याः स्तोत्रम् September 10, 2015 | aspundir | Leave a comment श्रीललिता-महा-लक्ष्म्याः स्तोत्रम् वैष्णव-सम्प्रदाय के प्रसिद्ध ग्रन्थ “लक्ष्मी-नारायण-संहिता” से उद्धृत निम्न स्तोत्र शक्ति-साधना से सम्बन्धित है । वैष्णव ग्रन्थ होने के कारण इनकी साधना-प्रणाली ‘वैष्णवाचार’-परक है ।… Read More
श्री महा-नवार्ण-मन्त्र साधन-विधि September 9, 2015 | aspundir | Leave a comment श्री महा-नवार्ण-मन्त्र साधन-विधि गायत्रीः- “ॐ हूं घोर-रावायै विद्महे मुण्ड-मालिन्यै धीमहि तन्नो चामुण्डा प्रचोदयात् ।” विनियोगः- ॐ अस्य श्रीमहा-नवार्ण-मन्त्रस्य श्रीत्रिशिरात्मक ऋषिः, गायत्र्युष्णिगनुष्टुभः छन्दांसि, श्रीमहाकाली-महालक्ष्मी-महासरस्वती-त्रिशक्ति-चामुण्डा देवता, ऐं बीजं, ह्रीं शक्तिः, क्लीं कीलकं, मोक्षार्थे विनियोगः।… Read More
नव-ग्रह यन्त्र September 9, 2015 | aspundir | Leave a comment नव-ग्रह यन्त्र १५ सूर्य-यन्त्र १८ चन्द्र-यन्त्र २१ मंगल-यन्त्र ६ १ ८ ७ २ ९ ८ ३ १० ७ ५ ३ ८ ६ ४ ९ ७ ५ २ ९ ४ ३ १० ५ ४ ११ ६ २४ बुध-यन्त्र २७ गुरु-यन्त्र ३० शुक्र-यन्त्र ९ ४ ११ १० ५ १२ ११ ६ १३ १० ८ ६ ११ ९… Read More
नवग्रह शांतिदायक टोटके September 8, 2015 | aspundir | Leave a comment नवग्रह शांतिदायक टोटके सूर्यः- १॰ सूर्यदेव के दोष के लिए खीर का भोजन बनाओ और रोजाना चींटी के बिलों पर रखकर आवो और केले को छील कर रखो । २॰ जब वापस आवो तभी गाय को खीर और केला खिलाओ । ३॰ जल और गाय का दूध मिलाकर सूर्यदेव को चढ़ावो। जब जल चढ़ाओ, तो… Read More
कीड़े से महर्षि मैत्रेय September 8, 2015 | aspundir | Leave a comment कीड़े से महर्षि मैत्रेय भगवान् व्यास सभी जीवों की गति तथा भाषा को समझते थे । एक बार जब वे कहीं जा रहे थे, तब रास्ते में उन्होंने एक कीड़े को बड़े वेग से भागते हुए देखा । उन्होंने कृपा करके कीड़े की बोली में ही उससे इस प्रकार भागने का कारण पूछा । कीड़े… Read More
माता महा-लक्ष्मी की अनुभूत साधना / मन्त्र September 8, 2015 | aspundir | Leave a comment माता महा-लक्ष्मी की अनुभूत साधना / मन्त्र १॰ यह साधना अर्द्ध-रात्रि में, पश्चिम-दिशा की ओर मुख कर, कुशासन के ऊपर रक्त-कम्बल तथा उसके ऊपर पीत रेशमी वस्त्र बिछाकर, उस पर बैठकर करनी चाहिए । पहले आचमन-पूर्वक आसन-शुद्धि-मन्त्र द्वारा आसन शुद्ध करे ।… Read More