महा-लक्ष्मी महा-मन्त्र प्रयोग September 29, 2015 | aspundir | Leave a comment महा-लक्ष्मी महा-मन्त्र प्रयोग विनियोगः- ॐ अस्य श्रीपञ्च-दश-ऋचस्य श्री-सूक्तस्य श्रीआनन्द-कर्दम-चिक्लीतेन्दिरा-सुता ऋषयः, अनुष्टुप्-वृहति-प्रस्तार-पंक्ति-छन्दांसि, श्रीमहा-लक्ष्मी देवताः, श्रीमहा-लक्ष्मी-प्रसाद-सिद्धयर्थे राज-वश्यार्थे सर्व-स्त्री-पुरुष-वश्यार्थे महा-मन्त्र-जपे विनियोगः।… Read More
श्राद्ध पक्ष September 29, 2015 | aspundir | Leave a comment ‘सिद्धांत शिरोमणि’ ग्रंथ के अनुसार चंद्रमा की ऊर्ध्व कक्षा में पितृलोक है जहां पितृ रहते हैं। आश्विन (गुजरात-महाराष्ट्र के मुताबिक भाद्रपद) के कृष्ण पक्ष को हमारे हिन्दू धर्म में श्राद्ध पक्ष के रूप में मनाया जाता है। इसे महालय और पितृ पक्ष भी कहते हैं। श्राद्ध की महिमा एवं विधि का वर्णन विष्णु, वायु, वराह,… Read More
रामकथा साहित्य का पर्यवेक्षण September 28, 2015 | aspundir | Leave a comment रामकथा साहित्य का पर्यवेक्षण रामयुग के सम्बन्ध में जानकारी का आधिकारिक स्रोत यद्यपि “वाल्मीकि रामायण” है, तथापि रामकथा का वर्णन न केवल संस्कृत साहित्य, वरन् भारत की अन्य भाषाओं के साहित्य में भी हुआ है, साथ ही अन्य देशों में भी रामकथा का प्रचलन मिलता है ।… Read More
पवनपुत्र प्रश्नावली September 28, 2015 | aspundir | Leave a comment पवनपुत्र प्रश्नावली इच्छुक मनुष्य इस प्रश्नावली के माध्यम से अपने प्रश्न का फल जानना चाहे तो केवल “मंगलवार” या “शनिवार” के दिन ही इस प्रश्नावली का प्रयोग करें । प्रयोग से पूर्व श्रीहनुमानजी का स्मरण करते हुए निम्न दोहे का उच्चारण करें “विघ्न हरण मंगल करन, पूरन पुण्य प्रकाशि । नाम लेत हनुमंत को, सभी… Read More
पितृ-आकर्षण मन्त्र September 28, 2015 | aspundir | Leave a comment पितृ-आकर्षण मन्त्र (कभी-कभी पितृ-पीड़ा से मनुष्य का जीवन दुःख-मय हो जाता है। निर्धारित कार्यों में बाधा, विफलता की प्राप्ति होती है। आकस्मिक दुर्घटनाएँ घटती है। पूरा कुटुम्ब दुःखी रहता है। ऐसी दशा में निम्नलिखित ‘प्रयोग’ करे। यह ‘प्रयोग’ निर्दोष है। पितृ-पीड़ा हो या न हो, सभी प्रकार की बाधाएँ नष्ट हो जाती है और सुख-शान्ति… Read More
पितृ-स्तोत्रम् September 28, 2015 | aspundir | Leave a comment पितृ-स्तोत्रम् रूचिरूवाच नमस्येऽहं पितृन् श्राद्धे ये वसन्त्यधिदेवताः । देवैरपि हि तर्प्यंते ये च श्राद्धैः स्वधोत्तरैः ।।1।। नमस्येऽहं पितृन्स्वर्गे ये तर्प्यन्ते महर्षिभिः । श्राद्धेर्मनोमयैर्भक्तया भुक्ति-मुक्तिमभीप्सुभिः ।।2।। नमस्येऽहं पितृन्स्वर्गे सिद्धाः संतर्पयन्ति यान् । श्राद्धेषु दिव्यैः सकलै रूपहारैरनुत्तमैः ।।3।।… Read More
पितृ-यज्ञः वार्षिक श्राद्ध September 28, 2015 | aspundir | Leave a comment पितृ-यज्ञः वार्षिक श्राद्ध हिन्दू धर्म-ग्रन्थों के अनुसार प्रत्येक गृहस्थ हिन्दू को पाँच यज्ञों को अवश्य करना चाहिए- १॰ ब्रह्म-यज्ञ – प्रतिदिन अध्ययन और अध्यापन करना ही ब्रह्म-यज्ञ है। २॰ पितृ-यज्ञ – ‘श्राद्ध’ और ‘तर्पण’ करना ही पितृ-यज्ञ है। ३॰ देव-यज्ञ – देवताओं की प्रसन्नता हेतु पूजन-हवन आदि करना। ४॰ भूत-यज्ञ – ‘बलि’ और ‘वैश्व देव’… Read More
स्वास्थ्य के लिये टोटके September 27, 2015 | aspundir | 1 Comment स्वास्थ्य के लिये टोटके 1॰ सदा स्वस्थ बने रहने के लिये रात्रि को पानी किसी लोटे या गिलास में सुबह उठ कर पीने के लिये रख दें। उसे पी कर बर्तन को उल्टा रख दें तथा दिन में भी पानी पीने के बाद बर्तन (गिलास आदि) को उल्टा रखने से यकृत सम्बन्धी परेशानियां नहीं होती… Read More
ज्येष्ठा देवी (द्ररिद्रा देवी) का अवतरण September 27, 2015 | aspundir | Leave a comment ज्येष्ठा देवी (द्ररिद्रा देवी) का अवतरण सनत्कुमार-संहिता के कार्तिक माहात्म्य में भगवान सूर्य ने बताया है कि जब द्वापर के अन्त में देवता और दानवों ने भगवान विष्णु और राजा बलि आदि के साथ समुद्र-मन्थन किया तो उस समय मन्दराचल को मथानी और वासुकि नाग को रस्सी बनाया गया। पाँच वर्षों तक मन्थन किया गया… Read More
प्रभु श्रीराम की अनुकम्पा पाने का मन्त्र September 27, 2015 | aspundir | Leave a comment मन्त्र रामायण प्रभु श्रीराम की अनुकम्पा पाने का मन्त्र ” बन्दउँ नाम राम रघुबर को । हेतु कृसानु भानु हिमकर को ।।”… Read More