श्रीबगला अष्टोत्तर-शत-नाम स्तोत्रम् October 6, 2015 | aspundir | Leave a comment श्रीबगला अष्टोत्तर-शत-नाम स्तोत्रम् इस शतनाम स्तोत्र से देवकृपा प्राप्त होती है तथा अंगरक्षक के समान कार्य करता है ।… Read More
बगला पञ्जर न्यास स्तोत्र October 6, 2015 | aspundir | Leave a comment बगला पञ्जर न्यास स्तोत्र (दिग्-रक्षण प्रयोग) बगला पूर्वतो रक्षेद् आग्नेय्यां च गदाधरी । पीताम्बरा दक्षिणे च स्तम्भिनी चैव नैऋते ।। १ ।। जिह्वाकीलिन्यतो रक्षेत् पश्चिमे सर्वदा हि माम् । वायव्ये च मदोन्मत्ता कौवेर्यां च त्रिशूलिनी ।। २ ।।… Read More
श्रीविष्णुकृतं गणेश स्तोत्रम् October 5, 2015 | aspundir | Leave a comment श्रीविष्णुकृतं गणेश स्तोत्रम् नारायण उवाच अथ विष्णुः सभामध्ये सम्पूज्य तं गणेश्वरम् । तुष्टाव परया भक्तया सर्वविघ्नविनाशकम् ।।१ श्रीविष्णुरुवाच ईश त्वां स्तोतुमिच्छामि ब्रह्मज्योतिः सनातनम् । निरुपितुमशक्तोऽहमनुरुपमनीहकम् ।।२ प्रवरं सर्वदेवानां सिद्धानां योगिनां गुरुम् । सर्वस्वरुपं सर्वेशं ज्ञानराशिस्वरुपिणम् ।।३… Read More
रमल प्रश्नावली October 5, 2015 | aspundir | Leave a comment रमल प्रश्नावली इस प्रश्नावली का तरीका है कि चंदन की लकड़ी का चौकोर पासा बनाकर उस पर १, २, ३, ४ खुदवा लें। फिर अपने कार्य का चिंतन करते हुए तीन बार पासा छोड़ें। उसका जो अंक आये, उसी अंक पर फल देखें। यदि किसी के पास पासा नहीं हो तो, नीचे दी गई सारणी… Read More
दत्तात्रेय वज्र कवच October 5, 2015 | aspundir | Leave a comment ॥श्रीहरि:॥ दत्तात्रेय वज्र कवच ॐ ॥श्रीदत्तात्रेयवज्रकवचम् ॥ श्रीगणेशाय नम: । श्रीदत्तात्रेयाय नम: । ऋषय ऊचु: । कथं संकल्पसिद्धि: स्याद्वेदव्यास कलौ युगे । धर्मार्थकाममोक्षणां साधनं किमुदाह्रतम् ॥ १ ॥ व्यास उवाच ।… Read More
मन की शान्ति के लिये राम मन्त्र October 5, 2015 | aspundir | Leave a comment मन की शान्ति के लिये राम मन्त्र “राम राम कहि राम कहि । राम राम कहि राम ।।”… Read More
भगवान राम की पूजा-अर्चना का मन्त्र October 5, 2015 | aspundir | Leave a comment भगवान राम की पूजा-अर्चना का मन्त्र “अब नाथ करि करुना बिलोकहु देहु जो बर मागऊँ । जेहिं जोनि जन्मौं कर्म बस तहँ रामपद अनुरागऊँ ।।”… Read More
सूरदास और कन्या October 4, 2015 | aspundir | Leave a comment सूरदास और कन्या उस समय मुगल सम्राट् अकबर राज्य कर रहा था । उसके बहुत-सी हिंदू बेगमें भी थीं । उनमें से एक का नाम था “जोधाबाई” । एक दिन जोधाबाई नदी में नहाने गयी । वहाँ उसने देखा कि एक छोटी-सी सुकुमार लड़की पानी में डूब-सी रही है । उसको दया आ गयी ।… Read More
ब्रह्मणस्पती सूक्त October 4, 2015 | aspundir | Leave a comment ब्रह्मणस्पती सूक्त [ऋषि – कण्व धौर । देवता – ब्रह्मणस्पति । छन्द बाहर्त प्रगाध(विषमा बृहती, समासतो बृहती)।] उत्तिष्ठ ब्रह्मणस्पते देवयन्तस्त्वेमहे । उप प्र यन्तु मरुतः सुदानव इन्द्र प्राशूर्भवा सचा ॥१॥ हे ब्रह्मणस्पते! आप उठें, देवो की कामना करने वाले हम आपकी स्तुति करते है। कल्याणकारी मरुद्गण हमारे पास आयें। हे इन्द्रदेव। आप ब्रह्मणस्पति के साथ… Read More
सफलता पाने का मन्त्र October 4, 2015 | aspundir | 1 Comment सफलता पाने का मन्त्र “प्रभु प्रसन्न मन सकुच तजि जो जेहि आयसु देव । सो सिर धरि धरि करिहि सबु मिटिहि अनट अवरेब ।।”… Read More