नवदुर्गोपनिषत् October 11, 2015 | aspundir | Leave a comment नवदुर्गोपनिषत् उक्तं चाथर्वणरहस्ये । विनियोगः- ॐ अस्य श्रीनवदुर्गामहामन्त्रस्य किरातरुपधर ईश्वर ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः, अन्तर्यामी नारायणः किरातरुप धरेश्वरो नवदुर्गागायत्री देवता, ॐ बीजं, स्वाहा शक्तिः, क्लीं कीलकं, मम धर्मार्थकाममोक्षार्थे जपे विनियोगः ।… Read More
श्री दुर्गा पूजन और श्रीदुर्गा-सप्तशती पाठ का सही क्रम October 11, 2015 | aspundir | Leave a comment श्री दुर्गा पूजन और श्रीदुर्गा-सप्तशती पाठ का सही क्रम नवरात्र में माता दुर्गा की प्रसन्नता के लिए श्रीदुर्गा-सप्तशती का पाठ करने का भी विधान है। कतिपय ध्यातव्य नियम इस प्रकार हैं – १॰ प्रथम दिन घट-स्थापना की जाती है और उसके बाद ही देवी के स्वरुप एवं अन्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की जाती है। देवी… Read More
श्रीदुर्गा-सप्तशती-पाठ के विविध क्रम October 10, 2015 | aspundir | Leave a comment श्रीदुर्गा-सप्तशती-पाठ के विविध क्रम – ‘श्रीदुर्गा-सप्तशती’ के स्वाध्याय अर्थात् पाठ की कई विधियाँ है। ‘मरीच-कल्प’ में लिखा है कि ‘सप्तशती’ का पाठ करने के पहले ‘रात्रि-सूक्त’ का पाठ करना चाहिए और जब उसका पाठ कर चुके, तब अन्त में ‘देवी-सूक्त’ का पाठ करे। – दूसरा मत यह है कि ‘सप्तशती’ का पाठ उसके अंगों के… Read More
सर्वोपयोगी अनुभूत साधना October 10, 2015 | aspundir | Leave a comment सर्वोपयोगी अनुभूत साधना इस ‘साधना-क्रम’ में तीन उपासनाएँ है- (१) श्री गायत्री उपासना, (२) श्री दुर्गोपासना एवं (३) श्री बटुक-भैरवोपासना। प्रतिदिन प्रातःकाल और रात्रि-भोजन के पूर्व, निजी आसन पर बैठकर नियमित रुप से निश्वित समय पर इस साधना कप करने से जीवन की सभी बाधाएँ दूर होती हैं एवं सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।… Read More
अमोघ लघु प्रयोग October 10, 2015 | aspundir | Leave a comment अमोघ लघु प्रयोग नवार्ण-मन्त्रः- “ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।।” ‘ऐं’ – बीजमादीन्दु – समान – दीप्तिम् । ‘ह्रीं’ सूर्य – तेजो – द्युतिं द्वितीयम् ।। ‘क्लीं’ – मूर्तिः वैश्वानर – तुल्य – रुपम् । तृतीयमानन्द – सुखाय चिन्त्यम् ।।१ ‘चां’ शुद्ध – जाम्बु – वत् – कान्ति – तुर्यम् । ‘मुं’ पञ्चमं रक्त – तरं… Read More
सप्त-दिवसीय श्रीदुर्गा-सप्तशती-पाठ का परिचय एवं विधि October 10, 2015 | aspundir | Leave a comment सप्त-दिवसीय श्रीदुर्गा-सप्तशती-पाठ का परिचय एवं विधि १॰ सप्त-दिवसीय श्रीदुर्गा-सप्तशती-पाठ के अन्तर्गत श्रीदुर्गा-सप्तशती के १३ अध्यायों का पाठ सात दिनों में किया जाता है। २॰ “पा – ठोऽ – यं – व – र – का – रः” – सूत्र के अनुसार पहले दिन एक अध्याय (प), दूसरे दिन दो अध्याय (ठ), तीसरे दिन एक अध्याय… Read More
श्रीदुर्गा-सप्तशती October 10, 2015 | aspundir | Leave a comment श्रीदुर्गा-सप्तशती (क) दुर्गा-सप्तशती श्रीमार्कण्डेय पुराणान्तर्गत सात सौ पद्यों का इसमें समावेश होने से इसे “सप्तशती” का नाम दिया गया है। वैसे इसमें सात सतियों की प्रधानता होने से इसे “सप्तसती” भी कहते हैं। दुर्गा सप्तशती में ७०० मन्त्र हैं, किन्तु वे उवाचमन्त्र, अर्ध-श्लोक एवं त्रिपाद-श्लोकों के संग्रह से पूर्ण होते हैं। हजारों वर्षों से लाखों… Read More
बगलामुखी मंत्र प्रयोग October 6, 2015 | aspundir | 1 Comment बगलामुखी मंत्र प्रयोग बगलामुखी एकाक्षरी मंत्र – || ह्लीं || इसे स्थिर माया कहते हैं । यह मंत्र दक्षिण आम्नाय का है । दक्षिणाम्नाय में बगलामुखी के दो भुजायें हैं । अन्य बीज “ह्रीं” का उल्लेख भी बगलामुखी के मंत्रों में आता है, इसे “भुवन-माया” भी कहते हैं । चतुर्भुज रुप में यह विद्या विपरीत… Read More
ब्रह्मास्त्र महा-विद्या श्रीबगला स्तोत्र October 6, 2015 | aspundir | Leave a comment ब्रह्मास्त्र महा-विद्या श्रीबगला स्तोत्र विनियोगः- ॐ अस्य श्रीब्रह्मास्त्र-महा-विद्या-श्रीबगला-मुखी स्तोत्रस्य श्रीनारद ऋषिः, त्रिष्टुप् छन्दः, श्री बगला-मुखी देवता, मम सन्निहिता-नामसन्निहितानां विरोधिनां दुष्टानां वाङ्मुख-बुद्धिनां स्तम्भनार्थं श्रीमहा-माया-बगला मुखी-वर-प्रसाद सिद्धयर्थं जपे (पाठे) विनियोगः ।… Read More
श्री बगला दिग्बंधन रक्षा स्तोत्रम् October 6, 2015 | aspundir | Leave a comment श्री बगला दिग्बंधन रक्षा स्तोत्रम् ब्रह्मास्त्र प्रवक्ष्यामि बगलां नारदसेविताम् । देवगन्धर्वयक्षादि सेवितपादपंकजाम् ।। त्रैलोक्य-स्तम्भिनी विद्या सर्व-शत्रु-वशंकरी आकर्षणकरी उच्चाटनकरी विद्वेषणकरी जारणकरी मारणकरी जृम्भणकरी स्तम्भनकरी ब्रह्मास्त्रेण सर्व-वश्यं कुरु कुरु ॐ ह्लां बगलामुखि हुं फट् स्वाहा ।… Read More