भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १९२ January 15, 2019 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १९२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १९२ नक्षत्र दान-विधि का वर्णन युधिष्ठिर ने कहा — माधव ! आप की कृपा से मैंने समस्त दानों का विधान जान लिया है अतः इस समय मुझे नक्षत्र-दान का सविधान दान कल्प बतायें । श्रीकृष्ण बोले —… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १९१ January 15, 2019 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १९१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १९१ भुवनप्रतिष्ठा का वर्णन युधिष्ठिर ने कहा — मधुसूदन ! किस दान द्वारा शाश्वती (नियमित) प्रतिष्ठा, लोक-परलोक में अद्भुतकीर्ति, पितृ-पितामह आदि की सद्गति, लोक में अक्षय सन्तान, अत्यन्त धन की प्राप्ति होती है । महाभाग, यदुनन्दन !… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १९० January 15, 2019 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १९० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १९० विश्वचक्रदान-विधि-वर्णन श्रीकृष्ण बोले — मैं तुम्हें विश्वचक्र नामक अत्यन्त अद्भुत दान बता रहा हूँ, जो प्रख्यात और समस्त पापों का नाश करता है । अग्नि संतृप्त एवं अत्यन्त विशुद्ध सुवर्ण का वह चक्र बनाना चाहिए ।… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १८९ January 15, 2019 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १८९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १८९ सुवर्णनिर्मितहाथी के रथ-दान का वर्णन श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! मैं तुम्हें सुवर्ण निर्मित गजरथ का दान बता रहा हूँ, जिसके प्रदान करने से मनुष्य को विष्णु लोक प्राप्त होता है । किसी पर्व, संक्रान्ति, या… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १८८ January 15, 2019 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १८८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १८८ कृष्णमृगचर्म (मृगछाला या कृष्णाजिन) दान -विधि-वर्णन युधिष्ठिर ने कहा — अनघ ! कृष्ण मृग चर्म का प्रदान काल और विधान तथा ब्राह्मण भी मुझे बताने की कृपा करें, क्योंकि इसमें मुझे महान् संशय उत्पन्न हो रहा… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १८७ January 15, 2019 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १८७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १८७ हिरण्याश्वरथदान विधि-वर्णन श्रीकृष्ण बोले — पाण्डुकुलोद्भव ! मैं तुम्हें उस पुण्य हेम का विधान बता रहा हूँ, जो महान् पातकों का नाश करता है । ब्राह्मण की अनुज्ञा द्वारा किसी पुण्य दिन गोबर से लिपे-पुते गृहाङ्गण… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १८६ January 15, 2019 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १८६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १८६ सुवर्णनिर्मित अश्वदान-विधि का वर्णन श्रीकृष्ण बोले — मैं तुम्हें इस समय सुवर्ण निर्मित अश्व की प्रतिमाका दान विधान बता रहा हूँ । नरोत्तम ! किसी पुण्य दिवस में किसी गुणी सत्पात्र को यथाशक्ति तीन पल से… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १८५ January 15, 2019 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १८५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १८५ आत्मप्रतिकृति दान विधि का वर्णन श्रीकृष्ण बोले — मैं तुम्हें आत्मप्रतिकृति (अपनी प्रतिमा) का दान जो मान बढ़ाने वाला है, पहले किसी को बता भी चुका हूँ, इस समय बता रहा हूँ । पार्थ ! मुनियों… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १८४ January 15, 2019 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १८४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १८४ शय्यादान का वर्णन श्रीकृष्ण बोले — पाण्डुकुलोद्भव ! मैं तुम्हें शय्या दान का विधान बता रहा हूँ, जिसके प्रदान से प्राणी लोक परलोक मैं सुखी होता है इसलिए श्रेष्ठ व्राह्मणगण सदैव शय्या दान सम्पन्न करते रहते… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १८३ January 15, 2019 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १८३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १८३ महाभूतघटदान का वर्णन श्रीकृष्ण बोले — मैं तुम्हें महाभूत घट दान नामक एक अन्य उत्तम दान बता रहा हूँ, जो महान पातकों का विनाश करता है । किसी पुण्य तिथि में अपने लिये अपने गृहाङ्गण में… Read More