श्रीमद्भागवतमहापुराण – चतुर्थ स्कन्ध – अध्याय ५ February 12, 2019 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्भागवतमहापुराण – चतुर्थ स्कन्ध – अध्याय ५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय पाँचवाँ अध्याय वीरभद्रकृत दक्षयज्ञ विध्वंस और दक्षवध श्रीमैत्रेयजी कहते हैं — महादेवजी ने जब देवर्षि नारद के मुख से सुना कि अपने पिता दक्ष से अपमानित होने के कारण देवी सती ने प्राण त्याग दिये हैं और उसकी… Read More
श्रीमद्भागवतमहापुराण – चतुर्थ स्कन्ध – अध्याय ४ February 12, 2019 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्भागवतमहापुराण – चतुर्थ स्कन्ध – अध्याय ४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय चौथा अध्याय सती का अग्निप्रवेश श्रीमैत्रेयजी कहते हैं — विदुरजी ! इतना कहकर भगवान् शङ्कर मौन हो गये । उन्होंने देखा कि दक्ष के यहाँ जाने देने अथवा जाने देने से रोकने दोनों ही अवस्थाओं में सती के… Read More
श्रीमद्भागवतमहापुराण – चतुर्थ स्कन्ध – अध्याय ३ February 12, 2019 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्भागवतमहापुराण – चतुर्थ स्कन्ध – अध्याय ३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय तीसरा अध्याय सती का पिता के यहाँ यज्ञोत्सव में जाने के लिये आग्रह करना श्रीमैत्रेयजी कहते हैं — विदुरजी ! इस प्रकार उन ससुर और दामाद को आपस में वैर-विरोध रखते हुए बहुत अधिक समय निकल गया ॥… Read More
श्रीमद्भागवतमहापुराण – चतुर्थ स्कन्ध – अध्याय २ February 12, 2019 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्भागवतमहापुराण – चतुर्थ स्कन्ध – अध्याय २ ॐ श्रीपरमात्मने नमः ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय दूसरा अध्याय भगवान् शिव और दक्षप्रजापति का मनोमालिन्य विदुरजी ने पूछा — ब्रह्मन् ! प्रजापति दक्ष तो अपनी लड़कियों से बहुत ही स्नेह रखते थे, फिर उन्होंने अपनी कन्या सती का अनादर करके शीलवानों में सबसे श्रेष्ठ श्रीमहादेवजी… Read More
श्रीमद्भागवतमहापुराण – चतुर्थ स्कन्ध – अध्याय १ February 10, 2019 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्भागवतमहापुराण – चतुर्थ स्कन्ध – अध्याय १ ॐ श्रीपरमात्मने नमः ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय पहला अध्याय स्वायम्भुव मनु की कन्याओं के वंश का वर्णन श्रीमैत्रेयज़ी कहते हैं — विदुरजी ! स्वायम्भुव मनु के महारानी शतरूपा से प्रियव्रत और उत्तानपाद— इन दो पुत्रों के सिवा तीन कन्याएँ भी हुई थीं; वे आकूति, देवहूति… Read More
सरस्वतीसूक्त February 9, 2019 | aspundir | Leave a comment सरस्वतीसूक्त वैदिक परम्परा में सरस्वतीरहस्योपनिषद् के अनुसार सरस्वती की उपासना ब्रह्म-ज्ञान प्राप्ति का परमोत्तम साधन है । महर्षि आश्वलायन ने इसके द्वारा तत्त्व-ज्ञान प्राप्त किया था । यह स्तवन ऋग्वेद के उपनिषद् भाग के अन्तर्गत है । इसका आश्रय लेने से माँ सरस्वती की कृपा से विद्याप्राप्ति के विघ्न विशेषरूप से दूर होते हैं तथा… Read More
श्रीपञ्चमी-वसन्तपञ्चमी February 9, 2019 | aspundir | Leave a comment श्रीपञ्चमी-वसन्तपञ्चमी वसन्तपञ्चमी पूजा माघ शुक्ल पूर्वविद्धा पञ्चमी को उत्तम वेदी पर वस्त्र बिछाकर अक्षतों का अष्टदल कमल बनाये। उसके अग्रभाग में गणेशजी और पृष्ठभाग में ‘वसन्त’-जौ, गेहूँ की बाल का पूञ्ज (जो जलपूर्ण कलश में ड़ठल सहित रखकर बनाया जाता है) स्थापित करके सर्वप्रथम गणेशजी का पूजन करे और पीछे उक्त पुञ्ज में “रति” और… Read More
श्रीमद्भागवतमहापुराण – तृतीय स्कन्ध – अध्याय ३३ February 5, 2019 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्भागवतमहापुराण – तृतीय स्कन्ध – अध्याय ३३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय तैंतीसवाँ अध्याय देवहूतिको तत्वज्ञान एवं मोक्षपद की प्राप्ति मैत्रेयजी कहते हैं — विदुरजी ! श्रीकपिल भगवान् के ये वचन सुनकर कर्दमजी की प्रिय पत्नी माता देवहूति के मोह का पर्दा हट गया और वे तत्त्वप्रतिपादक सांख्यशास्त्र के ज्ञान… Read More
श्रीमद्भागवतमहापुराण – तृतीय स्कन्ध – अध्याय ३२ February 5, 2019 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्भागवतमहापुराण – तृतीय स्कन्ध – अध्याय ३२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय बत्तीसवाँ अध्याय धूममार्ग और अर्चिरादि मार्ग से जानेवालों की गति का और भक्तियोग की उत्कृष्टता का वर्णन कपिलदेवजी कहते हैं — माताजी ! जो पुरुष घर में रहकर सकामभाव से गृहस्थ के धर्मों का पालन करता है और… Read More
श्रीमद्भागवतमहापुराण – तृतीय स्कन्ध – अध्याय ३१ February 5, 2019 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्भागवतमहापुराण – तृतीय स्कन्ध – अध्याय ३१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय इकतीसवाँ अध्याय मनुष्य-योनि को प्राप्त हुए जीव की गति का वर्णन श्रीभगवान् कहते हैं — माताजी ! जब जीव को मनुष्यशरीर में जन्म लेना होता है, तो वह भगवान् की प्रेरणा से अपने पूर्वकर्मानुसार देहप्राप्ति के लिये पुरुष… Read More