शिवमहापुराण — उमासंहिता — अध्याय 46 October 6, 2024 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण — उमासंहिता — अध्याय 46 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण उमासंहिता छियालीसवाँ अध्याय महिषासुरके अत्याचारसे पीड़ित ब्रह्मादि देवोंकी प्रार्थनासे प्रादुर्भूत महालक्ष्मीद्वारा महिषासुरका वध ऋषि बोले – [ हे राजन् ! ] पूर्व समयमें दैत्यवंशशिरोमणि रम्भ नामक दैत्य था, उससे महिष नामक महातेजस्वी दानव उत्पन्न हुआ। उस दैत्यराज महिषने युद्धमें सभी… Read More
शिवमहापुराण — उमासंहिता — अध्याय 45 October 6, 2024 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण — उमासंहिता — अध्याय 45 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण उमासंहिता पैंतालीसवाँ अध्याय भगवती जगदम्बाके चरितवर्णनक्रममें सुरथराज एवं समाधि वैश्यका वृत्तान्त तथा मधु-कैटभके वधका वर्णन मुनिगण बोले- हे सूतजी ! हमलोगोंने अनेक आख्यानोंसे युक्त मनोहर शिवकथा सुनी, जो अनेक अवतारोंसे सम्बन्धित तथा मनुष्योंको मुक्ति एवं भुक्ति देनेवाली है । हे… Read More
शिवमहापुराण — उमासंहिता — अध्याय 44 October 6, 2024 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण — उमासंहिता — अध्याय 44 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण उमासंहिता चौवालीसवाँ अध्याय व्यासजीकी उत्पत्तिकी कथा, उनके द्वारा तीर्थाटनके प्रसंगमें काशीमें व्यासेश्वरलिंगकी स्थापना तथा मध्यमेश्वरके अनुग्रहसे पुराणनिर्माण मुनि बोले – हे महाबुद्धे ! हे सूत ! हे दयासागर ! हे स्वामिन्! हे प्रभो ! अब आप व्यासजीकी उत्पत्तिके विषयमें कहिये… Read More
शिवमहापुराण — उमासंहिता — अध्याय 43 October 6, 2024 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण — उमासंहिता — अध्याय 43 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण उमासंहिता तैंतालीसवाँ अध्याय आचार्यपूजन एवं पुराणश्रवणके अनन्तर कर्तव्य – कथन शौनकजी बोले- हे सूतजी ! हे व्यासशिष्य ! अब आचार्यपूजनकी विधिको कहिये और पुराण सुननेके बाद क्या करना चाहिये, यह भी बताइये ? ॥ १ ॥… Read More
शिवमहापुराण — उमासंहिता — अध्याय 42 October 6, 2024 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण — उमासंहिता — अध्याय 42 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण उमासंहिता बयालीसवाँ अध्याय ‘सप्त व्याध’ सम्बन्धी श्लोक सुनकर राजा ब्रह्मदत्त और उनके मन्त्रियोंको पूर्वजन्मका स्मरण होना और योगका आश्रय लेकर उनका मुक्त होना भीष्मजी बोले- हे मार्कण्डेयजी ! हे महाप्राज्ञ ! हे पितृभक्तोंमें श्रेष्ठ! हे मुनिश्रेष्ठ ! इसके अनन्तर क्या… Read More
शिवमहापुराण — उमासंहिता — अध्याय 41 October 6, 2024 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण — उमासंहिता — अध्याय 41 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण उमासंहिता इकतालीसवाँ अध्याय पितरोंकी महिमाके वर्णनक्रममें सप्त व्याधोंके आख्यानका प्रारम्भ सनत्कुमारजी बोले – हे तपस्वियोंमें श्रेष्ठ ! स्वर्गमें सात पितृगण कहे गये हैं, जिनमें चार मूर्तिमान् हैं एवं तीन अमूर्त हैं। वे पितर पूर्व से ही योगबलके द्वारा सोमको तृप्त… Read More
शिवमहापुराण — उमासंहिता — अध्याय 40 October 5, 2024 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण — उमासंहिता — अध्याय 40 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण उमासंहिता चालीसवाँ अध्याय पितृश्राद्धका प्रभाव – वर्णन व्यासजी बोले – श्राद्धदेव सूर्यके वंशके वर्णनको सुनकर मुनिश्रेष्ठ शौनकने सूतजीसे आदरपूर्वक पूछा ॥ १ ॥ शौनकजी बोले- हे सूतजी ! हे चिरंजीव ! हे व्यासशिष्य ! आपको नमस्कार है, आपने परम दिव्य… Read More
शिवमहापुराण — उमासंहिता — अध्याय 39 October 5, 2024 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण — उमासंहिता — अध्याय 39 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण उमासंहिता उनतालीसवाँ अध्याय सगरकी दोनों पत्नियोंके वंशविस्तारवर्णनपूर्वक वैवस्वतवंशमें उत्पन्न राजाओंका वर्णन शौनक बोले- हे सूतजी ! सगरके साठ हजार महाबली पुत्र किस प्रकार उत्पन्न हुए और उन्होंने किस प्रकार अपना पराक्रम प्रदर्शित किया, वह सब कहिये ॥ १ ॥ सूतजी… Read More
शिवमहापुराण — उमासंहिता — अध्याय 38 October 5, 2024 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण — उमासंहिता — अध्याय 38 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण उमासंहिता अड़तीसवाँ अध्याय सत्यव्रत – त्रिशंकु – सगर आदिके जन्मके निरूपणपूर्वक उनके चरित्रका वर्णन सूतजी बोले- तदनन्तर सत्यव्रत उनकी सेवाके उद्देश्यसे तथा कृपासे और अपनी प्रतिज्ञासे विश्वामित्रकी पत्नीका [भरण-] पोषण करने लगा ॥ १ ॥ हे मुने! वह मृग, वाराह,… Read More
शिवमहापुराण — उमासंहिता — अध्याय 37 October 5, 2024 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण — उमासंहिता — अध्याय 37 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण उमासंहिता सैंतीसवाँ अध्याय इक्ष्वाकु आदि मनुवंशीय राजाओंका वर्णन सूतजी बोले- पूर्व समयमें [छींकते समय ] मनुकी नासिकासे इक्ष्वाकु नामक पुत्रका जन्म हुआ । उन इक्ष्वाकुके विपुल दक्षिणा देनेवाले सौ पुत्र हुए ॥ १ ॥ हे द्विजो ! उनके बाद इस… Read More