।। अथ श्री हनुमत साठिका ।। ।। चौपाईयाँ ।। जय जय जय हनुमान अडंगी, महावीर विक्रम बजरंगी । जय कपीश जय पवन कुमारा, जय जगवंदन शील आगारा ॥ जय आदित्य अमर अविकारी, अरि मर्दन जय जय गिरधारी । अंजनि उदर जन्म तुम लीन्हा, जय जयकार देवतन कीन्हा ॥ बाजै दुन्दुभि गगन गम्भीरा, सुर मन हर्ष… Read More


संकट मोचन हनुमान् स्तोत्रम् काहे विलम्ब करो अंजनी-सुत । संकट बेगि में होहु सहाई ।। नहिं जप जोग न ध्यान करो । तुम्हरे पद पंकज में सिर नाई ।। खेलत खात अचेत फिरौं । ममता-मद-लोभ रहे तन छाई ।। हेरत पन्थ रहो निसि वासर । कारण कौन विलम्बु लगाई ।। काहे विलम्ब करो अंजनी सुत… Read More


हनुमान् वडवानल स्तोत्र यह स्तोत्र सभी रोगों के निवारण में, शत्रुनाश, दूसरों के द्वारा किये गये पीड़ा कारक कृत्या अभिचार के निवारण, राज-बंधन विमोचन आदि कई प्रयोगों में काम आता है । विधिः- सरसों के तेल का दीपक जलाकर १०८ पाठ नित्य ४१ दिन तक करने पर सभी बाधाओं का शमन होकर अभीष्ट कार्य की… Read More


श्रीहनुमत्-मन्त्र-चमत्कार-अनुष्ठान (प्रस्तुत विधान के प्रत्येक मन्त्र के ११००० ‘जप‘ एवं दशांश ‘हवन’ से सिद्धि होती है। हनुमान जी के मन्दिर में, ‘रुद्राक्ष’ की माला से, ब्रह्मचर्य-पूर्वक ‘जप करें। नमक न खाए तो उत्तम है। कठिन-से-कठिन कार्य इन मन्त्रों की सिद्धि से सुचारु रुप से होते हैं।) १॰ ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, वायु-सुताय, अञ्जनी-गर्भ-सम्भूताय, अखण्ड-ब्रह्मचर्य-व्रत-पालन-तत्पराय, धवली-कृत-जगत्-त्रितयाय,… Read More


हनुमान सिद्धि मन्त्र मन्त्रः- “अजरंग पहनूं, बजरंग पहनूं, सबरंग रक्खू पास । दांये चले भीम सेन, बांये हनुमन्त, आगे चले काजी साहब, पीछे कुल बलारद । आतर चौकी कच्छ कुरान । आगे पीछे तूं रहमान । धड़ खुदा, सिर राखे । सुलेमान, लोहे का कोट, तांबे का ताला, करला । हंसा बीरा । करतल बसे… Read More


श्री हनुमान सिद्धि के लिए मन्त्रः- “ॐ नमो देव लोक दिविख्या देवी, जहाँ बसे इस्माईल योगी । छप्पन भैरों, हनुमन्त वीर, भूत-प्रेत दैत्य को मार, भगावें । पराई माया ल्यावें । लाडू पेड़ा बरफी सेव सिंघाड़ा पाक बताशा मिश्री घेवर बालूसाई लोंग डोडा इलायची दाना तेल देवी काली के ऊपर । हनुमन्त गाजै ।। एती… Read More


हनुमान जी के संकट-नाशक अनुष्ठान १॰ विनियोगः- ॐ अस्य श्री हनुमन्महामन्त्रस्य ईश्वर ऋषिः, गायत्री छन्दः, हनुमान देवता, हं बीजं, नमः शक्तिः, आञ्जनेयाय कीलकम् मम सर्व-प्रतिबन्धक-निवृत्ति-पूर्वकं हनुमत्प्रसाद-सिद्धयर्थे जपे विनियोगः । ऋष्यादिन्यासः- ईश्वर ऋषये नमः शिरसि, गायत्री छन्दसे नमः मुखे, हनुमान देवतायै नमः हृदि, हं बीजाय नमः नाभौ, नमः शक्तये नमः गुह्ये, आञ्जनेयाय कीलकाय नमः पादयो मम… Read More


सर्व सिद्धिदायक हनुमान मन्त्र श्री हनुमान् जी का यह मंत्र समस्त प्रकार के कार्यों की सिद्धि के लिए प्रयोग किया जाता है । मन्त्र सिद्ध करने के लिए हनुमान जी के मन्दिर में जाकर हनुमान जी की पंचोपचार पूजा करें और शुद्ध घृत का दीपक जलाकर भीगी हुई चने की दाल और गुड़ का प्रसाद… Read More


भूत-प्रेत-नाशक श्री हनुमान् जी का ‘झाड़ा’-मन्त्र मन्त्रः- “जयति हनुमान जी, नित ध्यान धरुँ । सेऊँ वीर हनुमान, जटा-जूट अवधुत जंग जञ्जीर ।। लँगोट गाढ़ा भूत को बस कर, प्रेत को बसकर, गदा की मार से, तेल-सिन्दूर फल-फूल पान मंगल चढ़े, आप देखें जब रोट होवे । सत्य की नाव नरसिंह खेवे, दुष्ट के लात बजरंग… Read More


श्री हनुमान अष्टादशाक्षर मन्त्र-प्रयोग मन्त्रः- “ॐ नमो हनुमते आवेशय आवेशय स्वाहा ।” विधिः- सबसे पहले हनुमान जी की एक मूर्त्ति रक्त-चन्दन से बनवाए । किसी शुभ मुहूर्त्त में उस मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा कर उसे रक्त-वस्त्रों से सु-शोभित करे । फिर रात्रि में स्वयं रक्त-वस्त्र धारण कर, रक्त आसन पर पूर्व की तरफ मुँह करके बैठे… Read More