श्रीबगला-प्रातः-स्मरण श्रीबगला-प्रातः-स्मरण प्रातः स्मरामि बगलां कमलायताक्षी- मिन्दु-प्रसन्न-वदनां परि-पीत-वर्णाम् । पाणि-द्वयेन दधतीं च शिलां गिरीन्द्रे, द्वेष्याञ्छवासन-गतां मद-मत्त-चित्ताम् ।। १… Read More
आकर्षण – वशीकरण शाबर मन्त्र आकर्षण – वशीकरण शाबर मन्त्र १॰ मन्त्र – “बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम” विधिः- मुँह में दूध भरकर उक्त मन्त्र ७८६ बार पढ़ें । फिर वह दूध उगलकर किसी पदार्थ में मिलाकर जिस स्त्री को खिला-पिला दिया जाए, वह आजीवन वश में रहेगी ।… Read More
श्री सप्तमुखी हनुमत् कवचम् ।। अथ श्री सप्तमुखी हनुमत् कवचम् ।। (अथर्णव-रहस्योक्त) विनियोगः- ॐ अस्य श्रीसप्तमुखिवीरहनुमत्कवच स्तोत्र-मन्त्रस्य नारद ऋषिः, अनुष्टुप छन्दः, श्रीसप्तमुखिकपिः परमात्मा देवता, ह्रां बीजम्, ह्रीं शक्तिः, हूं कीलकम्, मम सर्वाभीष्टसिद्धयर्थे जपे विनियोगः । करन्यासः- ॐ ह्रां अंगुष्ठाभ्यां नमः, ॐ ह्रीं तर्जनीभ्यां नमः, ॐ ह्रूं मध्यमाभ्यां नमः, ॐ ह्रैं अनामिकाभ्यां नमः, ॐ ह्रौं कनिष्ठिकाभ्यां नमः, ॐ ह्रः करतलकरपृष्ठाभ्यां… Read More
श्रीपञ्चमुखी-हनुमत्कवचम् ।। अथ श्रीपञ्चमुखी-हनुमत्कवचम् ।। पञ्च-मुख-हनुमत्-कवच पाठान्तर के साथ एक बार पुनः प्रस्तुत है । ।। श्री गणेशाय नमः ।। ।। ईश्वर उवाच।। अथ ध्यानं प्रवक्ष्यामि श्रृणु सर्वाङ्ग-सुन्दरी । यत्कृतं देवदेवेशि ध्यानं हनुमतः परम् ।। १।। पञ्चवक्त्र महाभीमं त्रिपञ्चनयनैर्युतम् । बाहुभिर्दशभिर्युक्तं सर्वकामार्थ सिद्धिदम् ।। २।।… Read More
श्रीपञ्चमुखी-हनुमत्कवचम् ।। अथ श्रीपञ्चमुखी-हनुमत्कवचम् ।। विनियोगः- ॐ अस्य श्रीपञ्चमुख-हनुमन्-कवच-स्तोत्र-मंत्रस्य श्रीरामचन्द्र ऋषिः, अनुष्टुप छंदः, पञ्च-मुख-वीर-हनुमान् देवता, हनुमानिति बीजम्, वायु-पुत्र इति शक्तिः, अञ्जनीसुत इति कीलकम्, श्रीराम-दूत-हनुमत्-प्रसाद-सिद्धयर्थे जपे विनियोगः ।… Read More
शनि-पीड़ा के लिए प्रभाव-पूर्ण उपासनाएँ शनि-पीड़ा के लिए प्रभाव-पूर्ण उपासनाएँ १॰ शनिवार, अमावस्या आदि दिनों पर ‘शनि-मन्दिर’ में जाकर आक-पर्ण (मदार के पत्ते) एवं पुष्पों की माला मूर्ति पर चढ़ाएँ । एक या आधा चम्मच तेल भी चढ़ाएँ । अब मूर्ति के सामने बैठकर शान्त-चित्त से निम्न मन्त्र, मूर्ति के भ्रू-मध्य या दाहिनी आँख पर त्राटक-पूर्वक प्रेम-भाव से, ११ बार… Read More
शनि-साढ़ेसाती के शांति उपाय शनि-साढ़ेसाती के शांति उपाय १॰ श्रीशिवशंकर पर ताँबे का सर्प (नाग) चढ़ाना हितकर है। २॰ पाँच शनिवार लगातार किसी लोहे के पात्र में तेल लें और उसमें अपना चेहरा देखकर तेल आक के पौधे पर डाल दें। अन्तिम शनिवार अर्थात् पाँचवें शनिवार को तेल चढ़ाने के बाद तेल वाला पात्र आक के पौधे के पास… Read More
एरण्ड वृक्ष से वशीकरण का शाबर मन्त्र एरण्ड वृक्ष से वशीकरण का शाबर मन्त्र मन्त्रः- “ॐ नमो काल भैरवी-काली रात, काला आया आधी रात । चलै तो कतार बाँधूँ, तूँ बावन वीर । पर-नारी सो राखै शीर, छाती धरि के वाको लाओ । सोती होय जगा के लाओ । बैठी होय, उठा के लाओ । शब्द साँचा, पिण्ड काँचा । फुँके मन्त्र,… Read More
सर्व-जन-वशीकरण शाबर मन्त्र सर्व-जन-वशीकरण शाबर मन्त्र मन्त्रः- “जय हनुमन्ता, तेज चलन्ता, शहर-गाँव-मरघट में रमता । भैरव साथ उमा को नमता, मेरे वश में अमुक कु लावता । नमु हनुमन्त बजरंग बल-वीरा, ध्यान धरुँ – हिरदय में धीरा ।”… Read More
संकट से रक्षा का शाबर मन्त्र संकट से रक्षा का शाबर मन्त्र मन्त्रः- “हनुमान हठीला लौंग की काट, बजरंग का टीला ! लावो सुपारी । सवा सौ मन का भोगरा, उठाए बड़ा पहलवान । आस कीलूँ – पास कीलूँ, कीलूँ अपनी काया । जागता मसान कीलूँ, बैठूँ जिसकी छाया । जो मुझ पर चोट-चपट करें, तू उस पर बगरंग ! सिला… Read More