बगलामुखी ब्रह्मास्त्र कवचम् बगलामुखी ब्रह्मास्त्र कवचम् इस कवच में प्रयुक्त मंत्र के जप एवं सम्पुटित दुर्गा पाठ कराने पर शत्रुनाश, प्रेतदोषशमन, आर्थिक उन्नति आदि के सफल प्रयोग किये जा सकते हैं । षट्त्रिंशतात्मक (३६ अक्षर) मंत्र के विकल्प में इस मंत्र में मंत्रोच्चारण या ध्यान समय त्रुटि की सम्भावना भी नहीं रहती है ।… Read More
श्री बगला यंत्रराज रक्षा स्तोत्रम् श्री बगला यंत्रराज रक्षा स्तोत्रम् इस स्तोत्र में बगला मंत्र ऋषि नारद, छंद पंक्ति, देवता पीताम्बरा, ह्लीं बीजं, स्वाहा शक्ति, सं कीलक, शत्रु-विनाशक विनियोग कहा गया है तथा इस स्तोत्र के पाठ से यंत्रार्चन का फल प्राप्त होता है ।… Read More
श्री बगला प्रत्यंगिरा कवचम् श्री बगला प्रत्यंगिरा कवचम् ।। श्री शिव उवाच ।। अधुनाऽहं प्रवक्ष्यामि बगलायाः सुदुर्लभम् । यस्य पठन मात्रेण पवनोपि स्थिरायते ।। प्रत्यंगिरां तां देवेशि श्रृणुष्व कमलानने । यस्य स्मरण मात्रेण शत्रवो विलयं गताः ।।… Read More
श्रीबगला पञ्जर स्तोत्र श्रीबगला पञ्जर स्तोत्र (यह स्तोत्र शेवागम-सारोक्त है । इसी स्तोत्र के उपयोग से मथुरा (उ॰प्र॰) के प्रख्यात स्व॰ विष्णु भट्ट अथर्ववेदी ने विपुल यशार्जन किया था) इस स्तोत्र के सहस्र (एक हजार) पाठ सिद्धि-प्राप्ति के लिए पहले करने चाहिए । फिर सौ पाठ अनुष्ठान कार्य-सिद्धि के लिए करना चाहिए । नित्य कर्म करके स्व-शरीर-रक्षार्थ इस… Read More
श्रीबगलामुखी हृदय स्तोत्रम् श्रीबगलामुखी हृदय स्तोत्रम् विनियोगः- ॐ अस्य श्रीबगला-मुखी हृदयमालामन्त्रस्य श्रीनारद ऋषिः, अनुष्टुप छन्दः, श्री बगला-मुखी देवता, ‘ह्लीं’ बीजं, ‘क्लीं’ शक्तिः, ‘ऐं’ कीलकं, श्रीबगला-मुखी-वर-प्रसाद सिद्धयर्थे जपे विनियोगः । ऋष्यादि-न्यासः- श्रीनारद ऋषये नमः शिरसि, अनुष्टुप छन्दसे नमः मुखे, श्री बगला-मुखी देवतायै नमः हृदि, ‘ह्लीं’ बीजाय नमः गुह्ये, ‘क्लीं’ शक्त्यै नमः नाभौ, ‘ऐं’ कीलकाय नमः पादयोः, श्रीबगला-मुखी-वर-प्रसाद सिद्धयर्थे जपे… Read More
श्री बगला हृदय स्तोत्रम् श्री बगला हृदय स्तोत्रम् ।। श्रीदेव्युवाच ।। इदानीं खलु मे देव ! बगला-हृदयं प्रभो ! कथयस्व महा-देव ! यद्यहं तव वल्लभा ।। १… Read More
श्रीबगला कीलक-स्तोत्रम् श्रीबगला कीलक-स्तोत्रम् ह्लीं ह्लीं ह्लींकार-वाणे, रिपुदल-दलने, घोर-गम्भीर-नादे ! ज्रीं ह्रीं ह्रींकार-रुपे, मुनि-गण-नमिते, सिद्धिदे, शुभ्र-देहे ! भ्रों भ्रों भ्रोंकार-नादे, निखिल-रिपु-घटा-त्रोटने, लग्न-चित्ते ! मातर्मातर्नमस्ते सकल-भय-हरे ! नौमि पीताम्बरे ! त्वाम् ।। १… Read More
पीताम्बरा बगलामुखी खड्ग मालामन्त्र पीताम्बरा बगलामुखी खड्ग मालामन्त्र यह स्तोत्र शत्रुनाश एवं कृत्यानाश, परविद्या छेदन करने वाला एवं रक्षा कार्य हेतु प्रभावी है । साधारण साधकों को कुछ समय आवेश व आर्थिक दबाव रहता है, अतः पूजा उपरान्त नमस्तस्यादि शांति स्तोत्र पढ़ने चाहिये ।… Read More
बगलामुखी मन्त्र प्रयोग ग्रह आदि बाधा, रोग-निवारक प्रयोग बगलामुखी मन्त्र प्रयोग संकल्पः- ॐ अद्यैतस्य…………………….अमुक-मासे अमुक-पक्षे अमुक वासरे अमुक-गोत्रोत्पन्नो अमुक-शर्माऽहं (वर्माऽहं, गुप्तोऽहं वा) मम स्व-शरीरस्य (मम अमुक-यजमानस्य शरीरस्य वा) सम्पूर्ण-रोग-समूह-वात्तिक-पैत्तिक-श्लैष्मिक-द्वन्द्वज-नाना-रोगा-दुष्ट-रोगा-जन्मज-पातकज-नाना-ग्रहोपग्रह-प्रयोग-ग्रह-प्रवेश-ग्रह-प्रयोग-ग्रहादि-शान्त्यर्थे सर्व-ग्रहोच्चाटनार्थे श्रीबगलामुखी-देवता-मन्त्रस्य अयुत-जप-तद्-दशांश-होम-तर्पण-मार्जनाय संकल्पमहं करिष्ये ।… Read More
श्रीबगला-प्रातः-स्मरण श्रीबगला-प्रातः-स्मरण प्रातः स्मरामि मधु-पूर्ण-सुधा-समुद्रम्, तन्मध्य-दिव्य-मणिद्वीप-मनोहरं च । कल्पाटवीममित-रत्न-विभूष-कोटम्, श्रीमण्डपं विशद-शोभि हृदि स्फुरन्तम् ।। १… Read More