नारी-मोहन मन्त्र  – मन्त्रः- ”आ चन्दा की चांदनी, होकर उन्मादिनी । सतगुरु की है पुकार । मान-मान मानिनी ।। तुझे कामाक्षा की आन, छोड़ हठ: चीर घटा-पट । आ जा नदी के किनार, गा ले प्रीति रागिनी ।। ॐ नमः कामा-क्षाय अं कं बं टं तं पं वं शं हीं क्रीं श्रीं फट् स्वाहा ।।”… Read More


गृह-बाधा-निवारक मन्त्र मन्त्रः- “ॐ ह्रीं चामुण्ड-भृकुटि अट्टहासे भीम-दर्शने ! रक्ष: रक्ष: चौरेभ्य वजुर्वेभ्यः अग्निभ्यः श्वापदेभ्यः दुष्ट-जनेभ्यः सर्वेभ्यः सर्वोपद्रवेभ्यः गण्डी ह्रीं ह्रों ठः ठः ।”… Read More


रोग-आपत्ति-निवारक मन्त्र मन्त्रः- “ॐ शान्ते ! शान्ते ! सर्वारिष्ट-नाशिनी ! स्वाहा ।” अथवा “ॐ नमो शान्ते ! प्रशान्ते ! सर्व-क्रोधोपशमनी ! स्वाहा ।”… Read More


मुकदमों में विजय-प्राप्ति का मन्त्र मन्त्रः- “ॐ वट वरदाय विजय गणपतये नमः ।” विधि : जिस मन्दिर में ‘गणपति’ स्थापित हों, वहां ‘प्रयोग’ करे । विधि-वत् पूजन करके प्रयोगारम्भ करे । अथवा, निवास-स्थान में गणपति जी की मूर्ति या चित्र के सामने बैठकर ‘प्रयोग’ करे ।… Read More


धन-प्राप्ति के लिए प्रभावी ‘शाबर’-मन्त्र ‘शाबर-मन्त्र-साधना’ में धन – प्राप्ति के लिए प्रभावी मन्त्र इस प्रकार है – १॰ “ॐ श्रैं ह्रीं श्रीं श्रिये नमो भनवलि ! मम समृध्यौ जवल जवल, मा सर्व सम्पद देहि, ममालक्ष्मी नाशय नाराय, हुँ फट्र स्वाहा” विधि : उक्त मन्त्र को उपयुंक्त विधि से २१ माला २१ दिनों तक नित्य… Read More


शाबर मन्त्रों का प्रभाव और साधना ‘शाबर-मन्त्रों का प्रभाव अचूक होता है । इस विद्या के पितामह भगवान् दत्तात्नेय हैं । भगवान् दत्तावेय ने भगवान् मत्स्येन्द्रनाथ, गोरक्षनाथ आदि नव-नाथों को यह विद्या बताई थी । आदि-शङ्कराचार्य ने भी तपस्या करके ‘शाबरी माता’ का आशीर्वाद प्राप्त किया था । ‘नवनाथ-पन्थ’ में ‘शाबर’ – मन्त्रों को ही… Read More


साधना-रक्षक मन्त्र-प्रयोग मन्त्र – “ॐ नमो सर्वार्थ-साधिनी स्वाहा ।” विधि–उक्त ११ अक्षरों के मन्त्र को शुभ मुहूर्त में १००० बार जपे । १ माला जप के साथ ‘होम’ करे । अथवा ग्रहण – काल में १२५००० जप कर हवन-तर्पण-मार्जन और ब्रह्म-भोज करे । फिर आवश्यकता पड़ने पर जब किसी शाबर – मन्त्र का अनुष्ठान करे,… Read More