शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 44 शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 44 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः चौवालीसवाँ अध्याय अन्धकासुर की तपस्या, ब्रह्मा द्वारा उसे अनेक वरों की प्राप्ति, त्रिलोकी को जीतकर उसका स्वेच्छाचार में प्रवृत्त होना, मन्त्रियों द्वारा पार्वती के सौन्दर्य को सुनकर मुग्ध हो शिव के पास सन्देश भेजना और शिव का उत्तर सुनकर क्रुद्ध हो… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 43 शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 43 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः तैंतालीसवाँ अध्याय हिरण्यकशिपु की तपस्या, ब्रह्मा से वरदान पाकर उसका अत्याचार, भगवान् नृसिंह द्वारा उसका वध और प्रह्लाद को राज्यप्राप्ति व्यासजी बोले — हे सर्वज्ञ ! हे सनत्कुमार ! देवताओं से द्रोह करनेवाले उस हिरण्याक्ष के मार दिये जाने पर उसके… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 42 शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 42 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः बयालीसवाँ अध्याय अन्धकासुर की उत्पत्ति की कथा, शिव के वरदान से हिरण्याक्ष द्वारा अन्धक को पुत्ररूप में प्राप्त करना, हिरण्याक्ष द्वारा पृथ्वी को पाताललोक में ले जाना, भगवान् विष्णु द्वारा वाराहरूप धारणकर हिरण्याक्ष का वधकर पृथ्वी को यथास्थान स्थापित करना नारदजी… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 41 शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 41 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः इकतालीसवाँ अध्याय शंखचूड का रूप धारणकर भगवान् विष्णु द्वारा तुलसी के शील का हरण, तुलसी द्वारा विष्णु को पाषाण होने का शाप देना, शंकरजी द्वारा तुलसी को सान्त्वना, शंख, तुलसी, गण्डकी एवं शालग्राम की उत्पत्ति तथा माहात्म्य की कथा व्यासजी बोले… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 40 शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 40 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः चालीसवाँ अध्याय शिव और शंखचूड का युद्ध, आकाशवाणी द्वारा शंकर को युद्ध से विरत करना, विष्णु का ब्राह्मणरूप धारणकर शंखचूड का कवच माँगना, कवचहीन शंखचूड का भगवान् शिव द्वारा वध, सर्वत्र हर्षोल्लास सनत्कुमार बोले — [हे व्यास!] इसके बाद अपनी मुख्य-मुख्य… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 39 शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 39 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः उनतालीसवाँ अध्याय शिव और शंखचूड के महाभयंकर युद्ध में शंखचूड के सैनिकों के संहार का वर्णन व्यासजी बोले — हे महाप्राज्ञ ! भद्रकाली के वचन को सुनकर शिवजी ने क्या कहा और क्या किया ? उसे आप तत्त्वतः कहिये, मुझे सुनने… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 38 शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 38 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः अड़तीसवाँ अध्याय श्रीकाली का शंखचूड के साथ महान् युद्ध, आकाशवाणी सुनकर काली का शिव के पास आकर युद्ध का वृत्तान्त बताना सनत्कुमार बोले — [हे व्यास!] महादेवी ने युद्धस्थल में पहुँचते ही सिंहनाद किया, देवी के उस नाद से दानव मूर्च्छित… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 37 शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 37 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः सैंतीसवाँ अध्याय शंखचूड के साथ कार्तिकेय आदि महावीरों का युद्ध सनत्कुमार बोले — [हे व्यासजी!] उस समय दानवों ने सभी देवताओं को पराजित कर दिया, जिससे शस्त्रास्त्रों से क्षत-विक्षत अंगोंवाले देवता भयभीत होकर भागने लगे ॥ १ ॥ वे लौटकर शिवजी… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 36 शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 36 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः छत्तीसवाँ अध्याय शंखचूड को उद्देश्यकर देवताओं का दानवों के साथ महासंग्राम सनत्कुमार बोले — उस दूत ने वहाँ जाकर शिवजी की सारी बात तथा उनका निश्चय विस्तारपूर्वक यथार्थ रूप से कह दिया ॥ १ ॥ उसे सुनकर उस प्रतापी दानवेन्द्र शंखचूड… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 35 शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 35 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः पैंतीसवाँ अध्याय शंखचूड का अपने एक बुद्धिमान् दूत को शंकर के पास भेजना, दूत तथा शिव की वार्ता, शंकर का सन्देश लेकर दूत का वापस शंखचूड के पास आना सनत्कुमार बोले — [हे व्यास!] वहाँ स्थित होकर उस दानवेन्द्र ने अत्यन्त… Read More