हनुमान जी को प्रसन्न करने के उपाय हनुमान जी को प्रसन्न करने के उपाय श्रावण महीने में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। हनुमानजी भी भगवान शिव के ही अवतार हैं। मान्यता के अनुसार, श्रावण में आने वाले मंगलवार को यदि हनुमानजी को प्रसन्न करने के कुछ आसान उपाय किए जाएं तो भक्तों की मनोकामना पूरी हो सकती है। हनुमानजी… Read More
अक्षय-धन-प्राप्ति मन्त्र अक्षय-धन-प्राप्ति मन्त्र प्रार्थना हे मां लक्ष्मी, शरण हम तुम्हारी। पूरण करो अब माता कामना हमारी।। धन की अधिष्ठात्री, जीवन-सुख-दात्री। सुनो-सुनो अम्बे सत्-गुरु की पुकार। शम्भु की पुकार, मां कामाक्षा की पुकार।। तुम्हें विष्णु की आन, अब मत करो मान। आशा लगाकर अम देते हैं दीप-दान।। मन्त्र- विधि- ‘दीपावली’ की सन्ध्या को पाँच मिट्टी के दीपकों… Read More
गोवर्धन पर्वत धारण करने पर नीचे की भुमि जलमग्न क्यों नहीं हुई? गोवर्धन पर्वत धारण करने पर नीचे की भुमि जलमग्न क्यों नहीं हुई? एक समय शिवजी ने पार्वती जी के सामने सन्तों की बड़ी महिमा गाई। सन्तों की महिमा सुनकर पार्वती जी की श्रद्धा उमड़ी और उसी दिन उन्होंने श्री अगस्त्य मुनि को भोजन का निमन्त्रण दे डाला तथा शिवजी को बाद में इस बाबत बतलाया… Read More
ऋण-परिहारक प्रदोष व्रत ऋण-परिहारक प्रदोष व्रत ‘प्रदोष व्रत’ के दिन प्रातः स्नानादि के भगवान् शंकर का यथाशक्ति पञ्चोपचार या षोडशोपचार से पूजन करें। फिर निम्नलिखित ‘विनियोग’ आदि कर निर्दिष्ट मन्त्र का यथा-शक्ति २१ या ११ माला जप करे। संभव न हो, तो एक ही माला या केवल ११ बार जप करे। जितना अधिक जप होगा, उतना ही प्रभावी… Read More
सुपारी-मोहनी मन्त्र सुपारी-मोहनी मन्त्र “खरी सुपारी टामनगारी, राजा-प्रजा खरी पियारी, मन्त्र पढ़कर लगाऊँ, तो रही या कलेजा लावे तोड़, जीवत चाटे पगथली, मूवे सेवस मसान, या शब्द की यारी न लावे, तो जती हनुमान की आज्ञा न माने। शब्द साँचा, पिण्ड काचा, फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा।”… Read More
वशीकरण मन्त्र वशीकरण मन्त्र १॰ “ऐं भग-भुगे, भगनि, भगोदरि, भग-माले, योनि-भग-निपातिनी, सर्व-भग-वशंकरि, भग-रुपे, नित्यक्लैं, भग-स्वरुपे। सर्व-भगानि मे वशमानय। वरदे, रेते, सु-रेते, भग-क्लिन्ने, क्लीं न द्रवे, क्लेदय, द्रावय, अमोघे, भग-विधे, क्षुभ, क्षोभय, सर्व-सत्त्वान्, भगेश्वरी ऐं क्लं जं व्लूं मों व्लूं हे हे क्लिन्ने, सर्वाणि भगानि तस्मै स्वाहा।”… Read More
दर्शन हेतु श्री काली मन्त्र दर्शन हेतु श्री काली मन्त्र “डण्ड भुज-डण्ड, प्रचण्ड नो खण्ड। प्रगट देवि, तुहि झुण्डन के झुण्ड। खगर दिखा खप्पर लियां, खड़ी कालका। तागड़दे मस्तङ्ग, तिलक मागरदे मस्तङ्ग। चोला जरी का, फागड़ दीफू, गले फुल-माल, जय जय जयन्त। जय आदि-शक्ति। जय कालका खपर-धनी। जय मचकुट छन्दनी देव। जय-जय महिरा, जय मरदिनी। जय-जय चुण्ड-मुण्ड भण्डासुर-खण्डनी, जय रक्त-बीज… Read More
व्यापार वृद्धि टोटके व्यापार वृद्धि १॰ व्यवसाय प्रारम्भ करने से पूर्व पत्नी या माता द्वारा यथासंभव भगवान की पूजा कराए, उसके पश्चात् पेड़े का प्रसाद बांटें तथा नौकरों को एक-एक रुपया बांटें। ऐसा नियमपूर्वक प्रत्येक शुक्रवार को करते रहें। २॰ यदि ग्राहक कम आते हैं अथवा आते ही न हों तो यह अचूक प्रयोग करें। सोमवार को सफेद… Read More
सौभाग्याष्टोत्तरशतनामस्तोत्र सौभाग्याष्टोत्तरशतनामस्तोत्र किसी भी श्रद्धा-विश्वास-युक्त स्त्री के द्वारा स्नानादि से शुद्ध होकर सूर्योदय से पहले नीचे लिखे मन्त्र की १० माला प्रतिदिन जप किये जाने से घर में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है तथा उसका सौभाग्य बना रहता है। किसी शुभ दिन जप का आरम्भ करना चाहिये तथा प्रतिवर्ष चैत्र और आश्विन के नवरात्रों में विधिपूर्वक… Read More
रोग विनाशक शाबर मन्त्र पीलिया का मंत्र “ओम नमो बैताल। पीलिया को मिटावे, काटे झारे। रहै न नेंक। रहै कहूं तो डारुं छेद-छेद काटे। आन गुरु गोरख-नाथ। हन हन, हन हन, पच पच, फट् स्वाहा।” विधिः- उक्त मन्त्र को ‘सूर्य-ग्रहण’ के समय १०८ बार जप कर सिद्ध करें। फिर शुक्र या शनिवार को काँसे की कटोरी में एक छटाँक… Read More