क्लेश-हरण-मर्यादा-रक्षक मन्त्र क्लेश-हरण-मर्यादा-रक्षक मन्त्र मन्त्र:- “हरन कठिन कलि कलुष कलेषु । महामोह निसि दलन दिनेसू ।।”… Read More
भक्त श्रीसीहाजी राठौड् भक्त श्रीसीहाजी राठौड् हथूंडी / पाली, मारवाड तेरहवीं शताब्दी का समय था । भारत के क्षितिजि पर संकट के बादल मंडरा रहे थे । मुसलमानों कं आतंक से देशवासी पीड़ित थे । भारत छोटे-छोटे हिन्दू राज्यों में बटा हुआ था, जो मुसलमान आक्रमणकारियों का सामना करने में असमर्थ थे । राजस्थान की दशा विशेष रूप… Read More
श्रुतिका मांगलिक स्तवन श्रुतिका मांगलिक स्तवन नमस्ते गणपतये । त्वमेव प्रत्यक्षं तत्त्वमसि । त्वमेव केवलं कर्तासि । त्वमेव केवलं धर्तासि । त्वमेव केवलं हर्तासि । त्वमेव सर्व खल्विदं ब्रह्मासि । त्यं साक्षादात्मासि नित्यम् ।। गणपति को नमस्कार है, तुम्हीं प्रत्यक्ष तत्त्व हो, तुम्हीं केवल कर्ता, तुम्हीं केवल धारणकर्ता और तुम्हीं केचल संहारकर्ता हो, तुम्हीं केवल समस्त विश्वरूप ब्रह्म… Read More
नमस्ते कमलाकान्त नमस्ते सुखदायिन ।।नमस्ते कमलाकान्त नमस्ते सुखदायिन।। नमो नमस्तेऽखिलकारणाय नमो नमस्तेऽखिलपालकाय । नमो नमस्तेऽमरनायकाय नमो नमो दैत्यविमर्दनाय ।। नमो नमो भक्तजनप्रियाय नमो नम: पापविदारणाय । नमो नमो दुर्जननाशकाय नमोऽस्तु तस्मैं जगदीश्वराय ।। नमो नमः कारणवामनाय नारायाणायामितविक्रमाय । श्रीशार्ङ्गश्चक्रासिगदाधराय नमोऽस्तु तस्मै पुरुषोत्तमाय ।। नम: पयोराशिनिवासकाय नमोऽस्तु लक्ष्मीपतयेऽव्ययाय । नमोऽस्तु सूर्याद्यमितप्रभाय नमो नम. पुण्यगतागताय ।। नमो नमोऽर्केन्दुविलोचनाय नमोऽस्तु ते यज्ञफलप्रदाय… Read More
भगवत्स्तुति भगवत्स्तुति नमोऽस्म्यहं त्वाखिलहेतुहेतुं नारायणं पूरुषमाद्यमव्ययम् । यन्नाभिजातादरविन्दकोशाद् ब्रह्मऽऽविरासीद् यत एष लोक: ।। भूस्तोयमग्रि: पवन: खमादिर्महानजादिर्मन इन्द्रियाणि । सर्वेन्द्रियार्था विबुधाश्च सर्वे ये हेतवस्ते जगतोऽङ्गभूता: ।। यानि यानीह रूपाणि क्रीडनार्थ बिभर्षि हि । तैरामृष्टशुचो लोका मुदा गायन्ति ते यश: ।। नम: कारणमत्स्याय प्रलयाब्धिचराय च । हयशीर्ष्णे नमस्तुभ्यं मधुकैटभमृत्यवे । । अकूपाराय बृहते नमो मन्दरधारिणे । क्षित्युद्धारविहाराय नम:… Read More
पञ्च-दशी यन्त्र से भगवती लक्ष्मी की कृपा-प्राप्ति पञ्च-दशी यन्त्र से भगवती लक्ष्मी की कृपा-प्राप्ति “दीपावली” की सन्ध्या में सूर्यास्त के बाद उक्त यन्त्र लिखना प्रारम्भ करे। अगले दिन सूर्योदय तक यन्त्र लिखता रहे। सूर्योदय के समय अन्तिम यन्त्र एक बड़े कागज के ऊपर लिखकर ‘पूजा-स्थान में रखे। उसे धूप-दीप दिखाए। साथ ही, एक छोटा यन्त्र भी बनाकर उसे ‘ताबीज’ में भरकर गले… Read More
सर्वदुःख निवारण यंत्र-मंत्र सर्वदुःख निवारण यंत्र-मंत्र किसी शुभ रविवार के दिन भोजपत्र अथवा शुद्ध सादा कागज पर हल्दी के रस (घोल) की स्याही से अनार की कलम से इस यंत्र को तैयार कर पूजा-अर्चना करें। यंत्र के पीछे (दूसरी ओर) अपनी समस्या लिखें। यंत्र लिखित भोजपत्र को शुद्ध रुई में रखकर उसको बत्ती की तरह लपेट कर उसे… Read More
श्री महालक्ष्मी सहस्रनाम स्तोत्रम् || श्री महालक्ष्मी सहस्रनाम स्तोत्रम् || श्रीः पद्मा प्रकृतिः सत्त्वा शान्ता चिच्छक्तिरव्यया | केवला निष्कला शुद्धा व्यापिनी व्योमविग्रहा || १|| व्योमपद्मकृताधारा परा व्योमामृतोद्भवा | निर्व्योमा व्योममध्यस्था पञ्चव्योमपदाश्रिता || २||… Read More
कार्य सिद्धि यन्त्र कार्य सिद्धि यन्त्र नवरात्र, होली, दीपावली, ग्रहणकाल या पुष्य नक्षत्र वाले दिन शुभ एवं अनुकूल मुहूर्त में ताम्रपत्र पर बने हुए यंत्र को पंचामृत से स्नान करवाकर शुद्ध कर लें। तत्पश्चात् यंत्र को शिवलिंग की जलहरी के नीचे इस तरह रखें कि शिवलिंग पर जल एवं दूध चढ़ाने के दौरान चढा हुआ जल व दूध… Read More
धन समृद्धि हेतु यन्त्र धन समृद्धि हेतु यन्त्र इस यन्त्र को दीपावली की रात्रि में लिखने का विधान है। एक स्वच्छ सफेद वस्त्र पर इस यन्त्र को लाल कुंकुम, केसर के घोल से अनार की कलम से लिखना चाहिए। अपने पूजागृह में गणेश-लक्ष्मी प्रतिमा या चित्रों के सम्मुख इस यन्त्र को स्थापित करें। तदनंतर लाल पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य… Read More