इत्र-मोहिनी मन्त्रः- “काला भैंरु, बावन वीर, पर-त्रिया से कर दे सीर । पर-त्रिया छ: अगन कँवारी, पर जोबन में लागे प्यारी । चम्पा के फुल जू आवे बास, घर का धणी की छोड़ दे आस । कपड़ा से बाद भरावे, अङ्ग से अङ्ग मिलावे । तीजी घड़ी-तीजी शाद । अङ्ग से अङ्ग न मिलावे, तो… Read More


रक्षा मन्त्र मन्त्रः- “बांएँ हुसैन, दाहिने नदी । पीठ पे अली, सर पे खुदा । तेरी पनाह, तेरी पनाह, तेरी पनाह ।”… Read More


किसान बन्धुओं के लिए मन्त्र उत्तम खेती के लिए मन्त्र मन्त्रः- “ॐ नमो आदेश । गुरु जी को आदेश । आनिल देवी । आगच्छ आगच्छ । साईं गोरखनाथ की द्वाही । शुरू की शक्ति, मेरी भक्ति । चले मन्त्र, ईश्वरी वाचा । गुरू गोरख- नाथ फा शब्द सच्चा ।।”… Read More


नाथ-पन्थीय टोटके (१) चूहे का उपद्रव बन्द करना :- ऊँट के बाएँ पैर का नाखून अनुराधा, पुष्य या उत्तरा नक्षत्र में लाकर घर में जलाएं । सभी चूहे भाग जाएंगे ।… Read More


रोजगार पाने का मन्त्र मन्त्र:- “बिस्व भरन पोषन कर जोई । ताकर नाम भरत अस होई ।। गई बहोर गरीब नेवाजू । सरल सबल साहिब रघुराजु ।।”… Read More


मकर संक्रान्ति ग्रह जब एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है, उसी का नाम संक्रान्ति या संक्रमण है। सब ग्रहों में से सूर्य के द्वारा राशि परिवर्तन करने का नाम लोक में ‘संक्रान्ति’ प्रसिद्ध हो गया है। संक्रान्ति में वर्ज्य कालः- सूर्य की संक्रान्ति से ३३ घड़ी (घटी) पहले व बाद में, चन्द्रमा… Read More