January 15, 2016 | aspundir | Leave a comment नाथ-पन्थीय टोटके (१) चूहे का उपद्रव बन्द करना :- ऊँट के बाएँ पैर का नाखून अनुराधा, पुष्य या उत्तरा नक्षत्र में लाकर घर में जलाएं । सभी चूहे भाग जाएंगे । vadicjagat (२) खोए पशु हेतु : गाय, भैंस, बकरी आदि पशु खो जाय या रास्ता भूल कर घर तक न आए, तो जहां उसे बांधा जाता है, वहां की रस्सी में लोहे का चम्मच बांध दे । इससे पशु कितनी भी दूर हो, अवश्य वापस आएगा । हां, कहीं किसी ने उसे बांध कर न रखा हो । (३) दांत का दर्द : करवन्दी (काली मैना, डोंगर मैना) की जड़ पानी में पीस कर उसका लेप दाँतों पर करे या दाँतों से जड़ को चबाते हुए कुछ समय तक उसका रस दांतों पर रहने दे । इससे दाँतों का दर्द दूर होगा । दाँतों में सड़न हुई हो, तो भी यह उपाय लाभ-प्रद होगा । (४) सर्प को भगाना : अच्छी ‘हींग’ और ‘वेखण्ड’ पानी में पीस कर हाथ में लगा ले । इस हाथ से झटके के साथ सर्प की गर्दन पकड़े और उसे कहीं दूर छोड़ आए । उक्त लेप से सर्प – दंश नहीं करता । (५) सांप के काट लेने पर – कड़वे ‘दोड़के’ के फल का काढ़ा बनाकर शुद्ध घी के साथ पिलाने से सर्प – दंश का विष उतर जाता है या उक्त फल के अन्दर की जाली पानी में पीस कर इस पानी को दंश-पीड़ित को पिलाए । (६) सर्प-दंश से रक्षा : श्वेत गुञ्जा की जड़ ग्रहण-काल में ले आए । धूप देकर ताबीज में बन्द कर धारण करे । सर्प-दंश का भय नहीं रहेगा । (७) मिरगी, चक्कर आदि का निवारण : काले धतूरे का रस ९ माशा, तिली के ९ माशे तेल में मिलाकर मिरगी, चक्कर आदि आने पर रोगी को पिलाए । आराम होगा । Please follow and like us: Related Discover more from Vadicjagat Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe