भगवान् श्रीकृष्ण से सर्वमनोकामना पूर्ति हेतु सरल अनुष्ठान भगवान् श्रीकृष्ण से सर्वमनोकामना पूर्ति हेतु सरल अनुष्ठान मन्त्रः- ॐ ऐं ह्रीं श्रीं नमो भगवते राधाप्रियाय राधारमणाय गोपीजनवल्लभाय ममाभीष्टं पूरय पूरय हुं फट् स्वाहा ॥… Read More
श्रीराधाजी का आश्रय एवं लौकिक समृद्धि पाने हेतु सरल अनुष्ठान श्रीराधाजी का आश्रय एवं लौकिक समृद्धि पाने हेतु सरल अनुष्ठान कृपयति यदि राधा बाधिताशेषबाधा किमपरमवशिष्टं पुष्टिमर्यादयोर्मे । यदि वदति च किंचित् स्मेरहासोदितश्रीद्विजवरमणिपङ्क्त्या मुक्तिशुक्त्या तदा किम् ॥ श्यामसुन्दर शिखण्डशेखर स्मेरहास्य मुरलीमनोहर । राधिकारसिक मां कृपानिधे स्वप्रियाचरणकिङ्करीं कुरु ॥… Read More
भगवान् श्रीकृष्ण के दर्शन के लिये सरल अनुष्ठान भगवान् श्रीकृष्ण के दर्शन के लिये लौकिक सरल अनुष्ठान (१) कच्चित्तुलसि कल्याणि गोविन्दचरणप्रिये । सह त्वालिकुलैर्बिभ्रद् दृष्टस्तेऽतिप्रियोऽच्युतः ॥ (श्रीमद्भागवत १० । ३०। ७)… Read More
श्रीराधा-माधवप्रेमकी प्राप्तिके लिये लौकिक सरल अनुष्ठान श्रीराधा-माधवप्रेमकी प्राप्तिके लिये लौकिक सरल अनुष्ठान साधक भक्त स्नान करनेके बाद श्रीराधामाधव- प्रेमप्राप्तिके लिये सर्वप्रथम भगवान् श्रीराधामाधव के युगलस्वरूपवाले किसी मनभावन चित्रपट को सामने रखकर उसका पंचोपचार पूजन करे, तत्पश्चात् शुद्ध वस्त्र धारणकर, शुद्ध आसनपर बैठकर श्रीमद्भागवत के निम्नलिखित चारों श्लोकों (१०। ३३ । २२-२५) को, श्रीमद्भागवत के ही निम्नलिखित (१०।३३। ४०) श्लोक के द्वारा… Read More
श्रीराधास्तोत्रम् ॥ श्रीराधास्तोत्रम् ॥ राधे राधे च कृष्णेशे कृष्णप्राणे मनोहरे । भक्तधामप्रदे देवि राधिके त्वं प्रसीद मे ॥ १ ॥ रहःकेलिसुखस्थाने सखीप्रेमकरेऽनघे । कृष्णोत्कर्षकरे नित्यं राधिके त्वं प्रसीद मे ॥ २ ॥… Read More
गोपालस्तोत्रं अथवा गोपालस्तवराजस्तोत्रम् ॥ गोपालस्तोत्रं अथवा गोपालस्तवराजस्तोत्रम् ॥ श्रीमद्गोपीजनवल्लभाय नमः । विनियोगः- ॐ अस्य श्रीगोपालस्तवराजमन्त्रस्य श्रीनारद ऋषिः । अनुष्टुप् छन्दः । श्रीकृष्णः परमात्मा देवता । श्रीकृष्णप्रीत्यर्थे जपे विनोयोगः ॥ ॥ ध्यानम् ॥ सजलजलदनीलं दर्शितोदारशीलं करतलधृतशैलं वेणुवाद्यै रसालम् । व्रजजनकुलपालं कामिनीकेलिलोलं तरुणतुलसिमालं नौमि गोपालबालम् ॥… Read More
श्रीकृष्ण सहस्रनाम स्तोत्र ॥ श्रीकृष्णसहस्रनामस्तोत्र ॥ श्रीमद्रुक्मिमहीपालवंशरक्षामणिः स्थिरः । राजा हरिहरः क्षोणीं रक्षत्यम्बुधिमेखलाम् ॥ १ ॥ स राजा सर्वतन्त्रज्ञः समभ्यर्च्य वरप्रदम् । देवं श्रियः पतिं स्तुत्या समस्तौद्वेदवेदितम् ॥ २ ॥ तस्य हृष्टाशयः स्तुत्या विष्णुर्गोपांगनावृतः । स पिंछश्यामलं रूपं पिंछोत्तंसमदर्शयत् ॥ ३ ॥ स पुनः स्वात्मविन्यस्तचित्तं हरिहरं नृपम् । अभिषिच्य कृपावर्षैरभाषत कृतांजलिम् ॥ ४ ॥… Read More
श्रीकृष्णस्तोत्रम् ॥ श्रीकृष्णस्तोत्रम् ॥ ॥ पार्वत्युवाच ॥ भगवन् श्रोतुमिच्छामि यथा कृष्णः प्रसीदति । विना जपं विना सेवां विना पूजामपि प्रभो ॥ १ ॥ पार्वती ने कहा – हे भगवन ! हे प्रभो ! मैं यह पूँछना चाहती हूँ कि बिना जप, बिना सेवा तथा बिना पूजाके भी कृष्ण कैसे प्रसन्न होते हैं ? ॥ १ ॥… Read More
श्रीकृष्ण यंत्रावरण पूजनम् ॥ अथ श्रीकृष्ण यंत्रावरण पूजनम् ॥ सम्प्रदाय भेद से एक अन्य यंत्रार्चन इस प्रकार है । यन्त्ररचना -बिन्दु, त्रिकोण, षट्कोण, अष्टदल, दशदल, द्वादशदल, चतुर्दशदल एवं षोडशदल बनाकर भूपुर बनाये। ॥ श्रीकृष्ण पूजन यन्त्रम् ॥ प्रत्येक आवरण पूजन बाद, पुष्पांजलि देकर प्रार्थना करे ।… Read More