वशीकरण मन्त्र वशीकरण मन्त्र १॰ “ऐं भग-भुगे, भगनि, भगोदरि, भग-माले, योनि-भग-निपातिनी, सर्व-भग-वशंकरि, भग-रुपे, नित्यक्लैं, भग-स्वरुपे। सर्व-भगानि मे वशमानय। वरदे, रेते, सु-रेते, भग-क्लिन्ने, क्लीं न द्रवे, क्लेदय, द्रावय, अमोघे, भग-विधे, क्षुभ, क्षोभय, सर्व-सत्त्वान्, भगेश्वरी ऐं क्लं जं व्लूं मों व्लूं हे हे क्लिन्ने, सर्वाणि भगानि तस्मै स्वाहा।”… Read More
दर्शन हेतु श्री काली मन्त्र दर्शन हेतु श्री काली मन्त्र “डण्ड भुज-डण्ड, प्रचण्ड नो खण्ड। प्रगट देवि, तुहि झुण्डन के झुण्ड। खगर दिखा खप्पर लियां, खड़ी कालका। तागड़दे मस्तङ्ग, तिलक मागरदे मस्तङ्ग। चोला जरी का, फागड़ दीफू, गले फुल-माल, जय जय जयन्त। जय आदि-शक्ति। जय कालका खपर-धनी। जय मचकुट छन्दनी देव। जय-जय महिरा, जय मरदिनी। जय-जय चुण्ड-मुण्ड भण्डासुर-खण्डनी, जय रक्त-बीज… Read More
व्यापार वृद्धि टोटके व्यापार वृद्धि १॰ व्यवसाय प्रारम्भ करने से पूर्व पत्नी या माता द्वारा यथासंभव भगवान की पूजा कराए, उसके पश्चात् पेड़े का प्रसाद बांटें तथा नौकरों को एक-एक रुपया बांटें। ऐसा नियमपूर्वक प्रत्येक शुक्रवार को करते रहें। २॰ यदि ग्राहक कम आते हैं अथवा आते ही न हों तो यह अचूक प्रयोग करें। सोमवार को सफेद… Read More
रोग विनाशक शाबर मन्त्र पीलिया का मंत्र “ओम नमो बैताल। पीलिया को मिटावे, काटे झारे। रहै न नेंक। रहै कहूं तो डारुं छेद-छेद काटे। आन गुरु गोरख-नाथ। हन हन, हन हन, पच पच, फट् स्वाहा।” विधिः- उक्त मन्त्र को ‘सूर्य-ग्रहण’ के समय १०८ बार जप कर सिद्ध करें। फिर शुक्र या शनिवार को काँसे की कटोरी में एक छटाँक… Read More
पीर विरहना का मन्त्र प्रयोग पीर विरहना का मन्त्र प्रयोग “पीर विरहना, फूल विरहना, घुंघु करे। सवा सेर का तोसा खाए, अस्सी कोस का धावा करे। सात सै कुतक आगे चले, सात सै कुतक पीछे चले। छप्पन सै छूरी चले। बावन से वीर चलें, जिनमें गठ गजना का पीर चले। और की ध्वजा उखाड़ता चले, अपनी ध्वजा टेकता चले। सोते… Read More
पान वशीकरण पान वशीकरण १॰ “कामरु देश कामाख्या देवी, तहाँ बसे इस्माइल जोगी। इस्माइल जोगी ने दीना बीड़ा। पहला बीड़ा आती-जाती, दूजा बीड़ा दिखावे छाती, तीजा बीड़ा अंग लिपटाय। फुरो मन्त्र, ईश्वरो वाचा। दुहाई गुरु गोरखनाथ की।” विधिः- दीपावली की रात्रि में १४४ बार जपने से उक्त मन्त्र सिद्ध हो जाता है। जप के समय दीपक जलाएँ,… Read More
मोहनी शाबर मन्त्र मोहनी शाबर मन्त्र (१) “फूलर से फूल बसे अदूल फूल में, नरसिंह बसे वाही फूल, फूल कचनार छोड़ह, तिरिया माय-बाप कै, चल हमरा संग। दोहाय महत मानी कै।” विधिः- अदूल (गुड़हल) फूल की कली पर बारह बार उक्त मन्त्र पढ़ें। जिस पर फेकेंगे, वह वशीभूत होगा। (२) “मोहन-मोहन क्या करे ? मोहन मेरा नाम। भीत… Read More
गण्डा देने का मन्त्र गण्डा देने का मन्त्र “बन्ध तो बन्ध, मौला मुर्त्तजा अली का बन्ध, कीड़े और मकोड़े का बन्ध, ताप और तिजारी का बन्ध, जड़ी और बुखार का बन्ध, नजर और गुजर का बन्ध, दीठ और मूठ का बन्ध, कीए और कराए का बन्ध, भेजे और भीजाएका बन्ध, पैरों और हाथन का बन्ध, बन्ध तो बन्ध, मौला… Read More
प्राणेश्वर श्रीकृष्ण प्राणेश्वर श्रीकृष्ण मंत्र- “ॐ ऐं श्रीं क्लीं प्राण-वल्लभाय सौः सौभाग्यदाय श्रीकृष्णाय स्वाहा।” (22) विनियोगः- ॐ अस्य श्रीप्राणेश्वर-श्रीकृष्ण-मंन्त्रस्य भगवान् श्रीवेदव्यास ऋषिः, गायत्री छंदः, श्रीकृष्ण-परमात्मा देवता, क्लीं बीजं, श्रीं शक्तिः, ऐं कीलकं, ॐ व्यापकः, मम समस्त-क्लेश-परिहार्थं, चतुर्वर्ग-प्राप्तये, सौभाग्य-वृद्धयर्थं च जपे विनियोगः। ऋष्यादि-न्यासः- श्रीवेदव्यास ऋषये नमः शिरसि, गायत्री छंदसे नमः मुखे, श्रीकृष्ण-परमात्मा देवतायै नमः हृदि, क्लीं बीजाय नमः… Read More
गण्डा देने का मन्त्र गण्डा देने का मन्त्र “बन्ध तो बन्ध, मौला मुर्त्तजा अली का बन्ध, कीड़े और मकोड़े का बन्ध, ताप और तिजारी का बन्ध, जड़ी और बुखार का बन्ध, नजर और गुजर का बन्ध, दीठ और मूठ का बन्ध, कीए और कराए का बन्ध, भेजे और भीजाएका बन्ध, पैरों और हाथन का बन्ध, बन्ध तो बन्ध, मौला… Read More