बैरी-नाशन मन्त्र छत्तीसगढ के अनुभूत शाबर मन्त्र बैरी-नाशन मन्त्र विधि — एक निम्बू, (२) एक नारियल, (३) चुटकी भर सिन्दूर, (४) काले कपड़े का टुकड़ा, (५) बबूल के सात कांटे । अमा-वस्या के दिन उक्त मन्त्र का १०८ बार जप कर ११ बार गूगुल की धूप दें । फिर निम्बू पर शत्रु का नाम सिन्दूर से लिखकर,… Read More
उत्तम खेती के लिए मन्त्र किसान बन्धुओं के लिए मन्त्र उत्तम खेती के लिए मन्त्र मन्त्रः- “ॐ नमो आदेश । गुरु जी को आदेश । आनिल देवी । आगच्छ आगच्छ । साईं गोरखनाथ की द्वाही । शुरू की शक्ति, मेरी भक्ति । चले मन्त्र, ईश्वरी वाचा । गुरू गोरख- नाथ फा शब्द सच्चा ।।”… Read More
नाथ-पन्थीय टोटके नाथ-पन्थीय टोटके (१) चूहे का उपद्रव बन्द करना :- ऊँट के बाएँ पैर का नाखून अनुराधा, पुष्य या उत्तरा नक्षत्र में लाकर घर में जलाएं । सभी चूहे भाग जाएंगे ।… Read More
शीघ्र फल-दायक सिद्ध शाबर मन्त्र Quick remedy shabar mantra शीघ्र फल-दायक सिद्ध शाबर मन्त्र Quick remedy shabar mantra ‘साबर’ का प्रतीक अर्थ होता है ग्राम्य, अपरिष्कृत । ‘साबर-तन्त्र’ – तन्त्र की ग्राम्य-शाखा है । इसके प्रवर्तक भगवान् शंकर प्रत्यक्ष-तया नहीं है, किन्तु जिन सिद्धों ने इसका आविष्कार किया, वे परम-शिव-भक्त अवश्य थे । गुरु गोरखनाथ तथा गुरु मछन्दर नाथ ‘साबर-मन्त्र’ के जनक माने जाते… Read More
नव-नाथ-स्मरण नव-नाथ-स्मरण “आदि-नाथ ओ स्वरुप, उदय-नाथ उमा-महि-रुप। जल-रुपी ब्रह्मा सत-नाथ, रवि-रुप विष्णु सन्तोष-नाथ। हस्ती-रुप गनेश भतीजै, ताकु कन्थड-नाथ कही जै। माया-रुपी मछिन्दर-नाथ, चन्द-रुप चौरङ्गी-नाथ। शेष-रुप अचम्भे-नाथ, वायु-रुपी गुरु गोरख-नाथ। घट-घट-व्यापक घट का राव, अमी महा-रस स्त्रवती खाव। ॐ नमो नव-नाथ-गण, चौरासी गोमेश। आदि-नाथ आदि-पुरुष, शिव गोरख आदेश। ॐ श्री नव-नाथाय नमः।।”… Read More
गुरु गोरखनाथ का सरभंगा (जञ्जीरा) मन्त्र गुरु गोरखनाथ का सरभंगा (जञ्जीरा) मन्त्र “ॐ गुरुजी में सरभंगी सबका संगी, दूध-मास का इक-रणगी, अमर में एक तमर दरसे, तमर में एक झाँई, झाँई में परछाई दरसे, वहाँ दरसे मेरा साँई। मूल चक्र सर-भंग आसन, कुण सर-भंग से न्यारा है, वाँहि मेरा श्याम विराजे। ब्रह्म तन्त से न्यारा है, औघड़ का चेला-फिरुँ अकेला, कभी… Read More