श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-सप्तमः स्कन्धः-अध्याय-10 May 6, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-सप्तमः स्कन्धः-अध्याय-10 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उत्तरार्ध-सप्तमः स्कन्धः-दशमोऽध्यायः दसवाँ अध्याय सूर्यवंशी राजा अरुण द्वारा राजकुमार सत्यव्रत का त्याग, सत्यव्रत का वन में भगवती जगदम्बा के मन्त्र – जप में रत होना सत्यव्रताख्यानवर्णनम् व्यासजी बोले — [ हे जनमेजय !] वे महाराज मान्धाता सत्यप्रतिज्ञ तथा चक्रवर्ती नरेश हुए।… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-सप्तमः स्कन्धः-अध्याय-09 May 6, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-सप्तमः स्कन्धः-अध्याय-09 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उत्तरार्ध-सप्तमः स्कन्धः-नवमोऽध्यायः नौवाँ अध्याय सूर्यवंशी राजाओं के वर्णन के क्रम में राजा ककुत्स्थ, युवनाश्व और मान्धाता की कथा मान्धातोत्पत्तिवर्णनम् व्यासजी बोले — हे राजन् ! किसी समय अष्टका-श्राद्ध के अवसर पर बुद्धिमान् भूपति इक्ष्वाकु ने विकुक्षि को आज्ञा दी कि हे… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-सप्तमः स्कन्धः-अध्याय-08 May 6, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-सप्तमः स्कन्धः-अध्याय-08 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उत्तरार्ध-सप्तमः स्कन्धः-अष्टमोऽध्यायः आठवाँ अध्याय राजा रेवत की कथा इक्ष्वाकुवंशवर्णनम् जनमेजय बोले — हे ब्रह्मन् ! मेरे मन में यह महान् संशय हो रहा है कि स्वयं राजा रेवत अपनी कन्या रेवती को साथ लेकर ब्रह्मलोक चले गये। मैंने पूर्वकाल में ब्राह्मणों… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-सप्तमः स्कन्धः-अध्याय-07 May 6, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-सप्तमः स्कन्धः-अध्याय-07 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उत्तरार्ध-सप्तमः स्कन्धः-सप्तमोऽध्यायः सातवाँ अध्याय क्रुद्ध इन्द्र का विरोध करना; परंतु च्यवन के प्रभाव को देखकर शान्त हो जाना, शर्याति के बाद के सूर्यवंशी राजाओं का विवरण रेवतस्य रेवतीवरार्थं ब्रह्मलोकगमनवर्णनम् व्यासजी बोले — हे राजेन्द्र ! [ च्यवनमुनि के द्वारा अश्विनीकुमारों को]… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-सप्तमः स्कन्धः-अध्याय-06 May 6, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-सप्तमः स्कन्धः-अध्याय-06 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उत्तरार्ध-सप्तमः स्कन्धः-षष्ठोऽध्यायः छठा अध्याय राजा शर्याति के यज्ञ में च्यवनमुनि का अश्विनीकुमारों को सोमरस देना च्यवनेश्विनोः कृते सोमपानाधिकारत्वचेष्टावर्णनम् जनमेजय बोले — [ हे व्यासजी ! ] च्यवन ने उन दोनों वैद्यों को सोमरस पीने का अधिकारी किस प्रकार बनाया? उन महात्मा… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-सप्तमः स्कन्धः-अध्याय-04 May 4, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-सप्तमः स्कन्धः-अध्याय-04 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उत्तरार्ध-सप्तमः स्कन्धः-चतुर्थोऽध्यायः चौथा अध्याय सुकन्या की पतिसेवा तथा वन में अश्विनीकुमारों से भेंट का वर्णन अश्विनीकुमारयोः सुकन्यां प्रति बोधवचनवर्णनम् व्यासजी बोले — [ हे जनमेजय !] राजा शर्याति के चले जाने पर सुकन्या अपने पति च्यवन-मुनि की सेवामें संलग्न हो गयी… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-सप्तमः स्कन्धः-अध्याय-05 May 4, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-सप्तमः स्कन्धः-अध्याय-05 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उत्तरार्ध-सप्तमः स्कन्धः-पञ्चमोऽध्यायः पाँचवाँ अध्याय अश्विनीकुमारों का च्यवनमुनि को नेत्र तथा नवयौवन से सम्पन्न बनाना अश्विभ्यां च्यवनद्वारा सोमपानाय प्रतिज्ञावर्णनम् व्यासजी बोले — उन अश्विनीकुमारों की वह बात सुनकर मितभाषिणी राजपुत्री सुकन्या थर-थर काँपने लगी और धैर्य धारण करके उनसे बोल — ॥… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-सप्तमः स्कन्धः-अध्याय-03 May 4, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-सप्तमः स्कन्धः-अध्याय-03 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उत्तरार्ध-सप्तमः स्कन्धः-तृतीयोऽध्यायः तीसरा अध्याय सुकन्या का च्यवनमुनि के साथ विवाह च्यवनसुकन्ययोर्गार्हस्थ्यवर्णनम् व्यासजी बोले — हे राजन् ! इस घटना से अत्यन्त चिन्तित राजा शर्याति ने उन सबसे पूछने के पश्चात् शान्ति तथा उग्रतापूर्वक भी अपने बन्धुजनों से पूछा ॥ १ ॥… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-सप्तमः स्कन्धः-अध्याय-02 May 4, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-सप्तमः स्कन्धः-अध्याय-02 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उत्तरार्ध-सप्तमः स्कन्धः-द्वितीयोऽध्यायः दूसरा अध्याय सूर्यवंश के वर्णन के प्रसंग में सुकन्या की कथा की उत्पत्ति शर्यातिराजवर्णनम् जनमेजय बोले — हे महाभाग ! आप मुझसे राजाओं के वंश का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिये और विशेषरूप से सूर्यवंश में उत्पन्न धर्मज्ञ राजाओं के वंश… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-सप्तमः स्कन्धः-अध्याय-01 May 4, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-सप्तमः स्कन्धः-अध्याय-01 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उत्तरार्ध-सप्तमः स्कन्धः-प्रथमोऽध्यायः पहला अध्याय पितामह ब्रह्मा की मानसी सृष्टि का वर्णन, नारदजी का दक्ष के पुत्रों को सन्तानोत्पत्ति से विरत करना और दक्ष का उन्हें शाप देना, दक्षकन्याओं से देवताओं और दानवों की उत्पत्ति सोमसूर्यवंशवर्णने दक्षप्रजापतिवर्णनं सूतजी बोले — [ हे… Read More