अग्निपुराण – अध्याय 023 June 6, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 023 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ तेईसवाँ अध्याय देवताओ तथा भगवान् विष्णु की सामान्य पूजा-विधि सामान्य आदिमूर्त्यादिदेवतानां पूजाविधिः नारदजी बोले — ब्रह्मर्षियो! अब मैं पूजा की विधि का वर्णन करूँगा, जिसका अनुष्ठान करके मनुष्य सम्पूर्ण कामनाओं को प्राप्त कर लेता है। हाथ-पैर धोकर, आसन पर बैठकर… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 022 June 6, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 022 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ बाईसवाँ अध्याय पूजा के अधिकार की सिद्धि के लिये सामान्यतः स्नान विधि पूजाधिकारार्थं सामान्यः स्नानविधिः नारदजी बोले — विप्रवरो! पूजन आदि क्रियाओं के लिये पहले स्नान विधि का वर्णन करता हूँ। पहले नृसिंह-सम्बन्धी बीज या मन्त्र से 1 मृत्तिका हाथ… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 021 June 6, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 021 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ इक्कीसवाँ अध्याय विष्णु आदि देवताओं की सामान्य पूजा का विधान विष्ण्वादिदेवतानां सामान्यपूविधाजानम् नारदजी बोले — अब मैं विष्णु आदि देवताओं की सामान्य पूजा का वर्णन करता हूँ तथा समस्त कामनाओं को देने वाले पूजा-सम्बन्धी मन्त्रों को भी बतलाता हूँ। भगवान्… Read More
मुद्रा लक्षण – मुद्रा प्रकरण June 5, 2025 | aspundir | Leave a comment मुद्रा लक्षण – प्रकरणम् अर्चने जपकाले च ध्याने काम्ये च कर्मणि । स्नाने चावाहने शङ्खे प्रतिष्ठाया च रक्षणे ॥ १ ॥ नैवेद्ये च तान्यत्र तत्तत्कल्पप्रकाशिते । स्थाने मुद्राः प्रदष्टव्या स्वस्वलक्षणसंयुताः ॥ २ ॥ आवाहनादि मुद्रा नव साधारणी मताः । तथा षडङ्गमुद्राश्च सर्वमन्त्रेषु योजयेत् ॥ ३ ॥ एकोनविंशतिर्मुद्रा विष्णोरुक्ता मनीषिभिः । काममुद्रा परा ख्याता शिवस्य दश… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 020 June 5, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 020 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ बीसवाँ अध्याय सर्ग का वर्णन जगत्सर्गवर्णनम् अग्निदेव कहते हैं — मुने ! (प्रकृति से) पहले महत्तत्त्व की सृष्टि हुई, इसे ब्राह्मसर्ग समझना चाहिये। दूसरी तन्मात्राओं की सृष्टि हुई, इसे भूतसर्ग कहा गया है। तीसरी वैकारिक सृष्टि है, इसे ऐन्द्रियकसर्ग कहते… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 019 June 5, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 019 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ उन्नीसवाँ अध्याय कश्यप आदि के वंश का वर्णन कश्यपवंशवर्णनम् अग्निदेव बोले — हे मुने! अब मैं अदिति आदि दक्ष कन्याओं से उत्पन्न हुई कश्यपजी की सृष्टि का वर्णन करता हूँ — चाक्षुष मन्वन्तर में जो तुषित नामक बारह देवता थे,… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 018 June 5, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 018 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ अठारहवाँ अध्याय स्वायम्भुव मनु के वंश का वर्णन स्वायम्भुववंशवर्णनम् अग्निदेव कहते हैं — मुने! स्वायम्भुव मनु से उनकी तपस्विनी भार्या शतरूपा ने प्रियव्रत और उत्तानपाद नामक दो पुत्र और एक सुन्दरी कन्या उत्पन्न की। वह कमनीया कन्या (देवहूति) कर्दम ऋषि… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 017 June 5, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 017 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ सत्रहवाँ अध्याय जगत् की सृष्टि का वर्णन सृष्टिविषयकवर्णनम् अग्निदेव कहते हैं — ब्रह्मन् ! अब मैं जगत् की सृष्टि आदि का, जो श्रीहरि की लीलामात्र है, वर्णन करूँगा; सुनो। श्रीहरि ही स्वर्ग आदि के रचयिता हैं। सृष्टि और प्रलय आदि… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 016 June 5, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 016 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ सोलहवाँ अध्याय बुद्ध और कल्कि अवतारों की कथा बुद्धाद्यतारकथनम् अग्निदेव कहते हैं — अब मैं बुद्धावतार का वर्णन करूँगा, जो पढ़ने और सुनने वालों के मनोरथ को सिद्ध करने वाला है। पूर्वकाल में देवताओं और असुरों में घोर संग्राम हुआ।… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 015 June 4, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 015 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ पंद्रहवाँ अध्याय यदुकुल का संहार और पाण्डवों का स्वर्गगमन पाण्डवस्वर्गरोहणवर्णनम् अग्निदेव कहते हैं — ब्रह्मन् ! जब युधिष्ठिर राजसिंहासन पर विराजमान हो गये, तब धृतराष्ट्र गृहस्थ आश्रम से वानप्रस्थ आश्रम में प्रविष्ट हो वन में चले गये। [अथवा ऋषियों के… Read More