अग्निपुराण – अध्याय 033 June 7, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 033 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ तैंतीसवाँ अध्याय पवित्रारोपण, भूतशुद्धि, योगपीठस्थ देवताओं तथा प्रधान देवता के पार्षद-आवरणदेवों की पूजा पवित्रकारोपण विधि कथनम् अग्निदेव कहते हैं — मुने! अब मैं पवित्रारोपण 1 की विधि बताऊँगा। वर्ष में एक बार किया गया पवित्रारोपण सम्पूर्ण वर्षभर की हुई श्रीहरि… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 032 June 7, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 032 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ बत्तीसवाँ अध्याय निर्वाणदि-दीक्षा की सिद्धि के उद्देश्य से सम्पादनीय संस्कारों का वर्णन निर्वाणदीक्षासिद्ध्यर्थानां संस्काराणां वर्णनम् अग्निदेव कहते हैं — ब्रह्मन् ! बुद्धिमान् पुरुष निर्वाणादि दीक्षाओं में अड़तालीस संस्कार करावे । उन संस्कारों का वर्णन सुनिये, जिनसे मनुष्य देवतुल्य हो जाता… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 031 June 7, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 031 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ इकतीसवाँ अध्याय ‘अपामार्जन-विधान’ एवं ‘कुशापामार्जन’ नामक स्तोत्र का वर्णन अपामार्जन विधानं च कुशापामार्जन स्तोत्रम् ॥ अग्निरुवाच ॥ रक्षां स्वस्य परेषाञ्च वक्ष्ये तां मार्जनाह्वयाम् । यया विमुच्यते दुःखैः सुखञ्च प्राप्नुयान्नरः ॥ १ ॥ ॐ नमः परमार्थाय पुरुषाय महात्मने । अरूपबहुरूपाय व्यापिने… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 030 June 6, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 030 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ तीसवाँ अध्याय भद्र-मण्डल आदि की पूजन-विधि का वर्णन सर्वतोभद्रमण्डलादिविधिकथनम् नारदजी कहते हैं — मुनिवरो ! पूर्वोक्त भद्रमण्डल के मध्यवर्ती कमल में अङ्गसहित ब्रह्म का पूजन करना चाहिये। पूर्ववर्ती कमल में भगवान् पद्मनाभ का, अग्निकोणवाले कमल में प्रकृतिदेवी का तथा दक्षिण… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 029 June 6, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 029 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ उन्तीसवाँ अध्याय मन्त्र-साधन-विधि, सर्वतोभद्रादि मण्डलों के लक्षण मंत्रसाधनविधिः सर्वतोभद्रादिमण्डललक्षणानि च नारदजी कहते हैं — मुनिवरो! साधक को चाहिये कि वह देव मन्दिर आदि में मन्त्र की साधना करे। घर के भीतर शुद्ध भूमि पर मण्डल में परमेश्वर श्रीहरि का विशेष… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 028 June 6, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 028 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ अट्ठाईसवाँ अध्याय आचार्य के अभिषेक का विधान अभिषेकविधानम् नारदजी कहते हैं — महर्षियो! अब मैं आचार्य के अभिषेक का वर्णन करूँगा, जिसे पुत्र अथवा पुत्रोपम श्रद्धालु शिष्य सम्पादित कर सकता है। इस अभिषेक से साधक सिद्धि का भागी होता है… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 027 June 6, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 027 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ सत्ताईसवाँ अध्याय शिष्यों को दीक्षा देने की विधि का वर्णन शिष्येभ्यो दीक्षादानविधिः नारदजी कहते हैं — महर्षिगण ! अब मैं सब कुछ देनेवाली दीक्षा का वर्णन करूँगा। कमलाकार मण्डल में श्रीहरि का पूजन करे। दशमी तिथि को समस्त यज्ञ सम्बन्धी… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 026 June 6, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 026 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ छब्बीसवाँ अध्याय मुद्राणां लक्षणानि नारदजी कहते हैं — मुनिगण! अब मैं मुद्राओं का लक्षण बताऊँगा। सांनिध्य 1 (संनिधापिनी) आदि 2 मुद्रा के प्रकार-भेद हैं। पहली मुद्रा अञ्जलि 3 है, दूसरी वन्दनी 4 है और तीसरी हृदयानुगा है। बायें हाथ की… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 025 June 6, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 025 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ पचीसवाँ अध्याय वासुदेव, संकर्षण आदि के मन्त्रों का निर्देश तथा एक व्यूह से लेकर द्वादश व्यूह तक के व्यूहों का एवं पञ्चविंश और षड्विंश व्यूह का वर्णन वासुदेवादिमन्त्राणां लक्षणानि नारदजी कहते हैं — ऋषियो ! अब मैं वासुदेव आदि के… Read More
अग्निपुराण – अध्याय 024 June 6, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 024 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ चौबीसवाँ अध्याय कुण्ड-निर्माण एवं अग्नि-स्थापन-सम्बन्धी कार्य आदि का वर्णन कुण्डनिर्माणाद्यग्निकार्यादिकथनम् नारदजी कहते हैं — महर्षियो ! अब मैं अग्नि- सम्बन्धी कार्य का वर्णन करूँगा, जिससे मनुष्य सम्पूर्ण मनोवाञ्छित वस्तुओं का भागी होता है। चौबीस अङ्गुल की चौकोर भूमि को सूत… Read More