विपत्तिनाश, सम्पदा-प्राप्ति, साधन-सिद्धि August 10, 2015 | aspundir | Leave a comment विपत्तिनाश, सम्पदा-प्राप्ति, साधन-सिद्धि (१) श्रीहनुमानजी का अनुष्ठान “ॐ नमो भगवते पञ्चवदनाय महाभीमपराक्रमाय सकलशत्रुसंहारणाय स्वाहा। ॐ नमो भगवते पञ्चवदनाय महाबलप्रचण्डाय सकलब्रह्माण्डनायकाय सकलभूत-प्रेत-पिशाच-शाकिनी-डाकिनी-यक्षिणी-पूतना-महामारी-सकलविघ्ननिवारणाय स्वाहा। ॐ आञ्जनेयाय विद्महे महाबलाय धीमहि तन्नो हनुमान् प्रचोदयात् (गायत्री) ॐ नमो हनुमते महाबलप्रचण्डाय महाभीम पराक्रमाय गजक्रान्तदिङ्मण्डलयशोवितानधवलीकृतमहाचलपराक्रमाय पञ्चवदनाय नृसिंहाय वज्रदेहाय ज्वलदग्नितनूरुहाय रुद्रावताराय महाभीमाय, मम मनोरथपरकायसिद्धिं देहि देहि स्वाहा। ॐ नमो भगवते पञ्चवदनाय महाभीमपराक्रमाय सकलसिद्धिदाय… Read More
सर्वापत्ति-निवारक हनुमान-स्तुति August 10, 2015 | aspundir | Leave a comment सर्वापत्ति-निवारक हनुमान-स्तुति ॐ सीता-राम जानत हों, सीता-राम मानत हों। सीता-राम पूजत, जपत सीता-राम हों। सीता-राम सों बसै प्राण, ध्यान धरत सीता-राम अभिराम हों। सीता-राम तेरे मन की कल्प-तरु, सीता-राम सों सनेह, सीता-राम को गुलाम हों। शिखा वज्र, नयन वज्र, तेरो मुख-दन्त वज्र, छाती-भुज पिंग-वज्र। लाल-लाल दन्त हैं, काया लाल, ग्रीवा लाल, वसन लंगुर लाल, असन-अधर… Read More
हनुमान जी को प्रसन्न करने के उपाय August 10, 2015 | aspundir | Leave a comment हनुमान जी को प्रसन्न करने के उपाय श्रावण महीने में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। हनुमानजी भी भगवान शिव के ही अवतार हैं। मान्यता के अनुसार, श्रावण में आने वाले मंगलवार को यदि हनुमानजी को प्रसन्न करने के कुछ आसान उपाय किए जाएं तो भक्तों की मनोकामना पूरी हो सकती है। हनुमानजी… Read More
अक्षय-धन-प्राप्ति मन्त्र August 8, 2015 | aspundir | 1 Comment अक्षय-धन-प्राप्ति मन्त्र प्रार्थना हे मां लक्ष्मी, शरण हम तुम्हारी। पूरण करो अब माता कामना हमारी।। धन की अधिष्ठात्री, जीवन-सुख-दात्री। सुनो-सुनो अम्बे सत्-गुरु की पुकार। शम्भु की पुकार, मां कामाक्षा की पुकार।। तुम्हें विष्णु की आन, अब मत करो मान। आशा लगाकर अम देते हैं दीप-दान।। मन्त्र- विधि- ‘दीपावली’ की सन्ध्या को पाँच मिट्टी के दीपकों… Read More
गोवर्धन पर्वत धारण करने पर नीचे की भुमि जलमग्न क्यों नहीं हुई? August 8, 2015 | aspundir | Leave a comment गोवर्धन पर्वत धारण करने पर नीचे की भुमि जलमग्न क्यों नहीं हुई? एक समय शिवजी ने पार्वती जी के सामने सन्तों की बड़ी महिमा गाई। सन्तों की महिमा सुनकर पार्वती जी की श्रद्धा उमड़ी और उसी दिन उन्होंने श्री अगस्त्य मुनि को भोजन का निमन्त्रण दे डाला तथा शिवजी को बाद में इस बाबत बतलाया… Read More
ऋण-परिहारक प्रदोष व्रत August 8, 2015 | aspundir | Leave a comment ऋण-परिहारक प्रदोष व्रत ‘प्रदोष व्रत’ के दिन प्रातः स्नानादि के भगवान् शंकर का यथाशक्ति पञ्चोपचार या षोडशोपचार से पूजन करें। फिर निम्नलिखित ‘विनियोग’ आदि कर निर्दिष्ट मन्त्र का यथा-शक्ति २१ या ११ माला जप करे। संभव न हो, तो एक ही माला या केवल ११ बार जप करे। जितना अधिक जप होगा, उतना ही प्रभावी… Read More
सुपारी-मोहनी मन्त्र August 8, 2015 | aspundir | 2 Comments सुपारी-मोहनी मन्त्र “खरी सुपारी टामनगारी, राजा-प्रजा खरी पियारी, मन्त्र पढ़कर लगाऊँ, तो रही या कलेजा लावे तोड़, जीवत चाटे पगथली, मूवे सेवस मसान, या शब्द की यारी न लावे, तो जती हनुमान की आज्ञा न माने। शब्द साँचा, पिण्ड काचा, फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा।”… Read More
वशीकरण मन्त्र August 8, 2015 | aspundir | Leave a comment वशीकरण मन्त्र १॰ “ऐं भग-भुगे, भगनि, भगोदरि, भग-माले, योनि-भग-निपातिनी, सर्व-भग-वशंकरि, भग-रुपे, नित्यक्लैं, भग-स्वरुपे। सर्व-भगानि मे वशमानय। वरदे, रेते, सु-रेते, भग-क्लिन्ने, क्लीं न द्रवे, क्लेदय, द्रावय, अमोघे, भग-विधे, क्षुभ, क्षोभय, सर्व-सत्त्वान्, भगेश्वरी ऐं क्लं जं व्लूं मों व्लूं हे हे क्लिन्ने, सर्वाणि भगानि तस्मै स्वाहा।”… Read More
दर्शन हेतु श्री काली मन्त्र August 6, 2015 | aspundir | 1 Comment दर्शन हेतु श्री काली मन्त्र “डण्ड भुज-डण्ड, प्रचण्ड नो खण्ड। प्रगट देवि, तुहि झुण्डन के झुण्ड। खगर दिखा खप्पर लियां, खड़ी कालका। तागड़दे मस्तङ्ग, तिलक मागरदे मस्तङ्ग। चोला जरी का, फागड़ दीफू, गले फुल-माल, जय जय जयन्त। जय आदि-शक्ति। जय कालका खपर-धनी। जय मचकुट छन्दनी देव। जय-जय महिरा, जय मरदिनी। जय-जय चुण्ड-मुण्ड भण्डासुर-खण्डनी, जय रक्त-बीज… Read More
व्यापार वृद्धि टोटके August 6, 2015 | aspundir | Leave a comment व्यापार वृद्धि १॰ व्यवसाय प्रारम्भ करने से पूर्व पत्नी या माता द्वारा यथासंभव भगवान की पूजा कराए, उसके पश्चात् पेड़े का प्रसाद बांटें तथा नौकरों को एक-एक रुपया बांटें। ऐसा नियमपूर्वक प्रत्येक शुक्रवार को करते रहें। २॰ यदि ग्राहक कम आते हैं अथवा आते ही न हों तो यह अचूक प्रयोग करें। सोमवार को सफेद… Read More