श्रीगिरिजा दशक: एक सिद्ध प्रयोग August 18, 2015 | aspundir | Leave a comment ‘श्रीगिरिजा दशक’: एक सिद्ध प्रयोग बैल पर बैठे हुए शिव पार्वती का ध्यान कर माँ पार्वती से दया की भीख माँगनी चाहिए। जैसे सन्तान पेट दिखाकर माता से माँगती है, वैसे ही माँगना चाहिए। कल्याण की इच्छा होगी तो माँ अवश्य सर्वतोमुखी कल्याण करेगीं।… Read More
सर्वाभीष्ट-दायक रुप-सप्त-श्लोकी चण्डी August 18, 2015 | aspundir | Leave a comment सर्वाभीष्ट-दायक रुप-सप्त-श्लोकी चण्डी संकल्पः- ॐ तत्सत् अद्यैतस्य ब्रह्मणोऽह्नि द्वितीय-प्रहरार्द्धे श्वेत-वराह-कल्पे जम्बू-द्वीपे भरत-खण्डे आर्यावर्त्त-देशे अमुक-पुण्य-क्षेत्रे कलि युगे कलि-प्रथम-चरणे अमुक-संवत्सरे अमुक-मासे अमुक-पक्षे अमुक-तिथौ अमुक-वासरे अमुक-गोत्रोत्पन्नो अमुक-नाम-शर्मा (वर्मा-गुप्तो-दासो वाऽहं) श्रीमहा-काली-महा-लक्ष्मी-महा-सरस्वती-देवता-प्रीति-पूर्वक सर्वाभीष्ट-सिद्धयर्थं रुपं देहीति संयोज्य नवार्ण-मनुना सह सप्त-श्लोकी चण्डी-मन्त्रस्य अमुक-संख्यक-जपं करिष्यामि।… Read More
बैरि-नाशक हनुमान ग्यारहवाँ August 18, 2015 | aspundir | Leave a comment बैरि-नाशक हनुमान ग्यारहवाँ विधिः- दूसरे से माँगे हुए मकान में, रक्षा-विधान, कलश-स्थापन, गणपत्यादि लोकपालों का पूजन कर हनुमान जी की प्रतिमा-प्रतिष्ठा करे। नित्य ११ या १२१ पाठ, ११ दिन तक करे। ‘प्रयोग’ भौमवार से प्रारम्भ करे। ‘प्रयोग’-कर्त्ता रक्त-वस्त्र धारण करे और किसी के साथ अन्न-जल न ग्रहण करे।… Read More
श्रीविचित्र-वीर-हनुमन्-माला-मन्त्र August 18, 2015 | aspundir | 3 Comments श्रीविचित्र-वीर-हनुमन्-माला-मन्त्र प्रस्तुत ‘विचित्र-वीर-हनुमन्-माला-मन्त्र’ दिव्य प्रभाव से परिपूर्ण है। इससे सभी प्रकार की बाधा, पीड़ा, दुःख का निवारण हो जाता है। शत्रु-विजय हेतु यह अनुपम अमोघ शस्त्र है। पहले प्रतिदिन इस माला मन्त्र के ११०० पाठ १० दिनों तक कर, दशांश गुग्गुल से ‘हवन’ करके सिद्ध कर ले। फिर आवश्यकतानुसार एक बार पाठ करने पर ‘श्रीहनुमानजी’… Read More
शाबर मन्त्र को जाग्रत करने की अनुभूत विधि August 18, 2015 | aspundir | Leave a comment शाबर मन्त्र को जाग्रत करने की अनुभूत विधि कभी ऐसा भी होता है कि उचित विधि से शाबर मन्त्र का प्रयोग करने के बाद भी साधना में सिद्धि नहीं मिलती। ऐसे समय शाबर मन्त्र को जाग्रत करने की आवश्यकता होती है। शाबर मन्त्र को जाग्रत करने की अनुभूत विधियाँ इस प्रकार हैः- १॰ एक अखण्ड… Read More
सर्व-कार्य-सिद्धि जञ्जीरा मन्त्र August 18, 2015 | aspundir | Leave a comment सर्व-कार्य-सिद्धि जञ्जीरा मन्त्र “या उस्ताद बैठो पास, काम आवै रास। ला इलाही लिल्ला हजरत वीर कौशल्या वीर, आज मज रे जालिम शुभ करम दिन करै जञ्जीर। जञ्जीर से कौन-कौन चले? बावन वीर चलें, छप्पन कलवा चलें। चौंसठ योगिनी चलें, नब्बे नारसिंह चलें। देव चलें, दानव चलें। पाँचों त्रिशेम चलें, लांगुरिया सलार चलें। भीम की गदा… Read More
शान्ति मन्त्र August 18, 2015 | aspundir | Leave a comment ग्रह-बाधा-शान्ति मन्त्र “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं दह दह।” विधि- सोम-प्रदोष से ७ दिन तक, माल-पुआ व कस्तुरी से उक्त मन्त्र से १०८ आहुतियाँ दें। इससे सभी प्रकार की ग्रह-बाधाएँ नष्ट होती है।… Read More
साधना-रक्षक-मन्त्र प्रयोग August 16, 2015 | aspundir | Leave a comment शाबर मन्त्रों को सिद्ध कैसे करें ? १॰ शाबर-मन्त्रों की साधना’ के पूर्व निम्न-लिखित ‘सर्वार्थ-साधक-मन्त्र’ को २१ बार जप लेना चाहिए- “गुरु सठ गुरु सठ गुरु हैं वीर, गुरु साहब सुमरौं बड़ी भाँत। सिङ्गी टोरीं बन कहौं, मन नाऊँ करतार। सकल गुरु की हर भजे, घट्टा पकर उठ जाग, चेत सम्भार श्री परम-हंस।” २॰ इसके… Read More
श्रीकृष्ण कीलक August 16, 2015 | aspundir | 1 Comment श्रीकृष्ण कीलक एक बार माता पार्वती कृष्ण बनी तथा श्री शिवजी माँ राधा बने। उन्हीं पार्वती रूप कृष्ण की उपासना हेतु उक्त ‘कृष्ण-कीलक’ की रचना हुई।… Read More
भाग्योदय हेतु श्रीमहा-लक्ष्मी-साधना August 16, 2015 | aspundir | Leave a comment भाग्योदय हेतु श्रीमहा-लक्ष्मी-साधना भाग्योदय हेतु श्रीमहा-लक्ष्मी की तीन मास की सरल, व्यय रहित साधना है। यह साधना कभी भी ब्राह्म मुहूर्त्त पर प्रारम्भ की जा सकती है। ‘दीपावली’ जैसे महापर्व पर यदि यह प्रारम्भ की जाए, तो अति उत्तम। ‘साधना’ हेतु सर्व-प्रथम स्नान आदि के बाद यथा-शक्ति (कम-से-कम १०८ बार) “ॐ ह्रीं सूर्याय नमः” मन्त्र… Read More