दरोगा बड़ा August 22, 2015 | aspundir | Leave a comment एक ताऊ 10 साल बाद एक मुकदमा जीत गए… जज-बधाई हो बावा आप केस जीत गए। ताऊ-शाबाश, भगवान तेरी इतनी तरक्की करे कि तू दरोगा बन जाए जज-रे ताऊ, मैं तो जज हूं, जज तो दरोगा से बड़ा होवे है… ताऊ- ना मेरी नजर में तो दरोगा बड़ा है जज-कैसे ? ताऊ-तूने केस खत्म करने में 10 साल लगा दिए,… Read More
प्रोसीजर August 22, 2015 | aspundir | Leave a comment बैंक में एक ग्राहक ने सुन्दर बैंक कर्मी से बड़ी ही शालीनता से पूछा ? ग्राहक :– मैडम जी,क्या मैं यह जान सकता हूं कि जो चेक मैंने अभी दिया है वो कितने दिन में क्लियर होगा! मैडम :– कम से कम 2 दिन लगेंगे ! ग्राहक :– लेकिन मैडम, इतना टाइम क्यों लगेगा? जिस… Read More
घण्टाकर्ण कल्प August 21, 2015 | aspundir | Leave a comment ।। अथ घण्टाकर्ण कल्प ।। प्रस्तुत प्रयोग जैन साधक की संवत १६६१ की पाण्डुलिपि में से उद्धृत् है । प्रयोग शुभ मास, शुक्ल पक्ष तथा ५-१०-१५ तिथि सोम, बुध व गुरुवार में करें । रवि-पुष्य, हस्त व मूल नक्षत्र में हो या अन्य कोई “अमृत-सिद्धि-योग” बने तब प्रयोग करें । प्रयोग देवस्थान, नदी, तालाब के… Read More
दश महाविद्या जयन्ती August 21, 2015 | aspundir | Leave a comment दश महाविद्या जयन्ती १॰ श्री भुवनेश्वरी जयन्तीः- भाद्रपद शुक्ला द्वादशी, रविवार । २॰ श्री काली जयन्तीः- भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को अर्द्ध-रात्रि । ३॰ श्री ललिता जयन्तीः- माघ पूर्णिमा को प्रदोष समय । ४॰ श्री तारा जयन्तीः- चैत्र शुक्ल नवमी, शनिवार को मध्य रात्रि । ५॰ श्री छिन्न-मस्ता जयन्तीः- वैशाख शुक्ल चतुर्दशी को अर्द्ध-रात्रि । ६॰… Read More
सप्तशती पाठ चतुःषष्ठि योगिनी August 21, 2015 | aspundir | Leave a comment सप्तशती पाठ चतुःषष्ठि योगिनी चतुःषष्ठि योगिनी के देशकाल आधार पर भिन्न-भिन्न नाम बतलाये जाते हैं । दैनिक कर्म में पूजित ६४ योगिनियाँ अलग हैं तथा प्रत्येक चरित की महाकाली, महालक्ष्मी तथा महासरस्वती की भिन्न-भिन्न ६४ योगिनियाँ अलग हैं । प्रत्येक चरित के साथ क्रमशः उनका पाठ किया जा सकता है । ९ दुर्गा की प्रत्येक… Read More
ब्रह्मणस्पती सूक्त August 21, 2015 | aspundir | Leave a comment ब्रह्मणस्पती सूक्त ऋग्वेद-संहिता – प्रथम मंडल सूक्त १८ [ऋषि-मेधातिथी काण्व। देवता- १-३ ब्रह्मणस्पति, ४ इन्द्र,ब्रह्मणस्पति,सोम ५-ब्रह्मणस्पति,दक्षिणा, ६-८ सदसस्पति,९,नराशंस। छन्द -गायत्री]… Read More
दकारादि-दुर्गा-सहस्रनाम-नामावली August 21, 2015 | aspundir | Leave a comment ध्यानम् ॐ विद्युद्दामसमप्रभां मृगपतिस्कन्धस्थितां भीषणां कन्याभि: करवालखेटविलसद्धस्ताभिरासेविताम् । हस्तैश्चक्रगदासिखेटविशिखांश्चापं गुणं तर्जनीं बिभ्राणामनलात्मिकां शशिधरां दुर्गां त्रिनेत्रां भजे ॥… Read More
सिद्ध वशीकरण मन्त्र August 20, 2015 | aspundir | 1 Comment सिद्ध वशीकरण मन्त्र १॰ “बारा राखौ, बरैनी, मूँह म राखौं कालिका। चण्डी म राखौं मोहिनी, भुजा म राखौं जोहनी। आगू म राखौं सिलेमान, पाछे म राखौं जमादार। जाँघे म राखौं लोहा के झार, पिण्डरी म राखौं सोखन वीर। उल्टन काया, पुल्टन वीर, हाँक देत हनुमन्ता छुटे। राजा राम के परे दोहाई, हनुमान के पीड़ा चौकी।… Read More
महालक्ष्मी के सिद्ध मंत्र August 20, 2015 | aspundir | 1 Comment महालक्ष्मी के सिद्ध मंत्र हमने यहां भगवती लक्ष्मी की उपासना के लिए विभिन्न सिद्ध मंत्र दिए हैं। इनमें से आपको जो भी उचित लगें उसका पूर्ण श्रद्धा, निष्ठा और आस्था के साथ नियमित जाप करें। इससे महालक्ष्मी निश्चित ही आप पर प्रसन्न होकर इच्छित फल प्रदान करेंगी।… Read More
सर्व-कामना-सिद्धि स्तोत्र August 20, 2015 | aspundir | 1 Comment सर्व-कामना-सिद्धि स्तोत्र श्री हिरण्य-मयी हस्ति-वाहिनी, सम्पत्ति-शक्ति-दायिनी। मोक्ष-मुक्ति-प्रदायिनी, सद्-बुद्धि-शक्ति-दात्रिणी।।१ सन्तति-सम्वृद्धि-दायिनी, शुभ-शिष्य-वृन्द-प्रदायिनी। नव-रत्ना नारायणी, भगवती भद्र-कारिणी।।२ धर्म-न्याय-नीतिदा, विद्या-कला-कौशल्यदा। प्रेम-भक्ति-वर-सेवा-प्रदा, राज-द्वार-यश-विजयदा।।३ धन-द्रव्य-अन्न-वस्त्रदा, प्रकृति पद्मा कीर्तिदा।… Read More