आत्म-बल, स्व-शरीर-रक्षा का अनुभूत गणेश मन्त्र January 5, 2016 | aspundir | Leave a comment सिद्ध शाबर मन्त्र-कल्पतरु आत्म-बल, स्व-शरीर-रक्षा का अनुभूत मन्त्र मन्त्र :- “ॐ गुरू जी गनेपाइयाँ, रिद्धि-सिद्धि आइयाँ । रिद्धि-सिद्धि भरै भण्डार, कमी कछू की नाहीं । पीर-पैगम्बर औलिया- सबको राह बताई । हाथा तो हनुमन्त बसे, भैरो बसे कपाल । दो नैनन बिच, नाहर सिंह, मोह लीन संसार । बिन्द्रा लाव, सिन्दूर का सोहै माँग लिलार… Read More
आत्म-बल, स्व-शरीर-रक्षा का अनुभूत मन्त्र January 5, 2016 | aspundir | Leave a comment सिद्ध शाबर मन्त्र-कल्पतरु आत्म-बल, स्व-शरीर-रक्षा का अनुभूत मन्त्र मन्त्र :- (१) “ॐ गुरू जी काल-भैरव ! काली लट हाथ, फरसी साथ, नगरी करहुँ प्रवेश । नगरी की करो बकरी । राजा को करो बिलाई । जो कोई मेरा जोग भङ्ग करै, बाबा कृष्णनाथ की दुहाई ।”… Read More
भैरव जी का शाबर मन्त्र January 4, 2016 | aspundir | Leave a comment भैरव जी का शाबर मन्त्र मन्त्रः- “भैरों उचके, भैरों कूदे । भैरों सोर (शोर) मचावै । मेरा कहना ना करे, तो कालिका को (का) पूत न कहावै । शब्द साँचा, फुरो मन्त्र, ईश्वरी वाचा ।”… Read More
काली के प्रत्यक्ष दर्शन का मन्त्र January 4, 2016 | aspundir | Leave a comment काली के प्रत्यक्ष दर्शन का मन्त्र मन्त्रः- “काली-काली, महा-काली । इन्द्र की बेटी, ब्रह्मा की साली । हरी गोट, पीरी सारी । माँयके को (का) बाँध, सासरे (ससुराल) को (का) बाँध । औघट को (का) बाँध, गैल ( गली) को ( का) बाँध । बार-बार (बाल-बाल) में से, सोत-सोत (स्रोत-स्रोत) में से, बत्तीसउ दाँत में… Read More
सर्व-कार्य-कारी सिद्ध मन्त्र January 4, 2016 | aspundir | Leave a comment सर्व-कार्य-कारी सिद्ध मन्त्र (१) ”ॐ पीर बजरङ्गी, राम – लक्ष्मण के सङ्गी, जहाँ-जहाँ जाए, फतह के डङ्के बजाए, दुहाई माता अञ्जनि की आन ।” (२) “ॐ नमो महा – शाबरी शक्ति ! मम अनिष्ट निवारय-निवारय । मम कार्य-सिद्धि कुरु कुरु स्वाहा ।”… Read More
गुड़-मोहन मन्त्र January 4, 2016 | aspundir | 1 Comment गुड़-मोहन मन्त्र मन्त्रः- ”बन में उपजे बन की घास, जिसके रस में भारी मिठास ।। पी-पी पथिक मिटाए प्यास । घास पुराए सबकी आश ।। रस से गुड़, गुड़ से बन शक्कर । मोहे सुर-नृप-योगी-फक्कर ।। दोहाई कामाक्षा देवी की, गुड़ में कर दे माया । जिस-जिसके मुख में पड़े, मोहे मन-काया ।। मन्त्र फुरो,… Read More
मोहन मन्त्र फकीरी January 4, 2016 | aspundir | 2 Comments मोहन मन्त्र फकीरी मन्त्रः- (१) ”नबी का है यह फरमान, खुदा का रूप है इन्सान । इसकी ताकत है ईमान, जिससे चलता है जहान ।। जहान में खुदा का टोना है, आस्मान मे आफताब की शान । चाँद नूर बरसाता है, चलाता है जादू का बान ।। चल – चल बिहिश्त की हूर, फैला दे… Read More
श्रीनाथादि गुरुत्रयं मण्डल पूजन प्रयोगः January 3, 2016 | aspundir | Leave a comment ।। श्रीनाथादि गुरुत्रयं मण्डल पूजन प्रयोगः ।। श्रीनाथादिगुरुत्रयं गणपतिं पीठत्रयं भैरवं, सिद्धौघं वटुकत्रयं पदयुगं दूतीक्रमं मण्डलम् । वीरानष्टचतुकषष्टिनवकं वीरावलीपञ्चकं, श्रीमन्मालिनि मन्त्रराजसहितं वन्दे गुरोर्मण्डलम् ।। (उपर्युक्त ‘ श्रीनाथादिगुरुत्रय० ‘ गुरुमण्डल के अर्चन का रहस्यमय ‘ मन्त्र ‘ है ।)… Read More
स्त्रीगुरु स्तोत्रम् January 3, 2016 | aspundir | Leave a comment ।। स्त्रीगुरु स्तोत्रम् ।। नमस्ते देव-देवेशि ! नमस्ते हरपूजिते ! । ब्रह्मविद्यास्वरूपायै तस्यै नित्य नमो नम: ।। अज्ञानतिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जन-शलाकया । यया चक्षुरून्मीलितं तस्यै नित्यं नमो नम: ।। भवबंधन पाशस्य तारिणी जननी परा । ज्ञानदा मोक्षदा नित्या तस्यै नित्या नमो नम: ।।… Read More
स्त्रीगुरु कवचम् January 3, 2016 | aspundir | Leave a comment ।। स्त्रीगुरु कवचम् ।। ।। शिव उवाच ।। स्तोत्रं समाप्तं देवेशि ! कवचं श्रृणु सादरम् । यस्य स्मरण मात्रेण वागीश समतां व्रजेत् ।। स्त्रीगुरु कवचस्यास्य सदाशिव ऋषि: स्मृत; । तवाख्या देवता ख्याता चतुर्वर्गफलप्रदा ।। क्लीं बीजण चक्षुषोर्मध्ये सर्वाङ्गे मे सदाऽवतु । ऐं बीजं मे मुखं पातु ह्रीं जिह्वां परिरक्षतु ।।… Read More