जैन वशीकरण मन्त्र विधिः- किसी भी शुभ मुहूर्त में एक काष्ठ पात्र पर यह मंत्र लिखें तथा शुभ मुहूर्त में ही उस काष्ठ-पात्र की स्थापना एक अलग कमरे में करें तथा इसके बायें तरफ पार्श्व-नाथ की प्रतिमा स्थापित करें और मयूर-शिखा का मूल काष्ठपात्र के आगे रखें।… Read More


जल आकर्षण मन्त्र विधिः- इस मन्त्र को ग्रहण के समय 2100 बार जाप करके सिद्ध कर लें, तत्पश्चात् थोड़ा-सा जल लेकर इस मंत्र से 108 बार अभिमन्त्रित कर सोते समय अपने सिरहाने के नीचे रख दें और मध्य रात्रि को उठकर इस जल को पी जाएं । इस तरह 41 दिन तक प्रयोग करने से… Read More


सभा मोहिनी काजल विधिः- सर्वप्रथम किसी भी शुभ मुर्हत में सवा लाख गेहूं के दानों को इस मन्त्र द्वारा विधिपूर्वक अभिमन्त्रित करें। प्रत्येक गेहूं के दाने पर एक-एक मन्त्र पढ़कर अभिमन्त्रित करना चाहिए। फिर गेहूं का आटा बनवा कर कढ़ाई गौसुल आजम दस्तगीर की तैयार करवा कर भोग लगा कर इस मन्त्र द्वारा सुरमे को… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ६ ॐ श्रीपरमात्मने नम : श्रीगणेशाय नम: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) ग्रहस्थाश्रम में धन एवं स्त्री की महत्ता, धन-सम्पादन करने की आवश्यकता तथा समान कुल में विवाह-सम्बन्ध की प्रशंसा राजा शतानीक ने सुमन्तु मुनि से पूछा — भगवन ! स्त्रियों के लक्षणों को तो मैंने सुना, अब… Read More


जप द्वारा वशीकरण मन्त्र मन्त्रः- “ऐं सहवल्लरि॥ क्लीं कर ॥ क्लीं काम पिशाच ॥ ‘अमुकी’ काम ग्राह्य॥ स्वप्ने मन रूपे॥ नरवैर्विदारय ॥ नरवैर्विदारय॥ द्रावय-द्रावय ॥ रद महेन॥ बन्धय-बन्धय। श्री फट ॥”… Read More


मिट्टी वशीकरण शाबर मन्त्र मन्त्रः- “काला कलुवा चौसठ बीर ॥ ताल भागी तोर ॥ जहां को भेजू ॥ वहीं को जाए। मांस मज्जा को ॥ शब्द बन जाए । अपना मारा । आप दिखावे ॥ चलत वाण मा। उलट मूठ मारूँ ॥ मार-मार कलवा। तेरी आस चार । चौमुख दीया ॥ मार बांदी की छाती… Read More


मुट्ठी पीर सिद्धि शाबर मन्त्र विधि – यह मंत्र किसी भी गुरुवार की रात्रि मे बबूल वृक्ष के नीचे बैठकर 41 दिन तक प्रतिदिन 2100 की संख्या में जपें । आसन पश्चिम की ओर मुख करके लगायें और सामने सरसों के तेल का दीपक जलायें। बयालीसवें दिन उक्त मंत्र से 108 बार आहूति देकर मंत्र… Read More


ॐ श्रीपरमात्मने नम : श्रीगणेशाय नम: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) विवाह-संस्कार के उपक्रम में स्त्रियों के शुभ और अशुभ लक्षणों का वर्णन तथा आचरण की श्रेष्ठता सुमन्तु मुनि बोले – राजन् ! गुरु के आश्रम में ब्रह्मचर्य-व्रत का पालन करते हुए स्नातक को वेदाध्ययन कर गृहस्थाश्रम में प्रवेश करना चाहिये। घर आने पर… Read More


संतान प्राप्ति मन्त्र विधिः- सूर्य ग्रहण या चन्द्र ग्रहण पर इस मन्त्र को सिद्ध किया जाता है। मन्त्र सिद्धि काल में माँ कामाख्या के प्रति भक्ति भाव होना चाहिए। ग्रहण काल के पश्चात् स्नानादि से निवृत होकर कन्या पूजन और कन्या भोजन कराना चाहिए। साथ ही भोजन वस्त्र आदि प्रदान करना चाहिए ! रजस्वला होने… Read More


सर्व वशीकरण मन्त्र विधिः- किसी रविवार या मंगलवार अथवा ग्रहणकाल से इस मंत्र की साधना आरम्भ कर सकते हैं। सर्वप्रथम प्रात: नित्यकर्म से निवृत्त होकर पूजा करें । फिर गूगल की धूनी लगाकर, इस मन्त्र का एकाग्रता पूर्वक जप आरम्भ कर दें । (ध्यान रखें कि बिना जप पूरा किये-साधक कुछ खाये-पिये नहीं) प्रतिदिन 1008… Read More