ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय १८ ब्रह्माजी की रथयात्रा का विधान और कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा की महिमा सुमन्तु मुनि ने कहा – हे राजा शतानिक ! कार्तिक मास में जो ब्रह्माजी की रथयात्रा उत्सव करता हैं, वह ब्रह्मलोक को प्राप्त करता है । कार्तिक की पूर्णिमा को मृगचर्म… Read More


तिलक वशीकरण मन्त्र विधिः- शनिवार के दिन हनुमान जी का पूजन करें और मूर्ति को सिन्दूर का चोला चढ़ाये। इसके बाद एक माला मंत्र का जाप 21 दिन करें ।… Read More


वशीकरण हेतु मन्त्र प्रबल वशीकरण हेतु यह एक अत्यन्त ही विश्वसनीय और अति प्रभावशाली प्रयोग है। इस प्रयोग को विधिपूर्वक नियमानुसार किया जाए तो मनोवांछित लाभ की पूर्ति अवश्य होती है।… Read More


व्यापार बंधन मुक्ति का मन्त्र कभी-कभी अचानक ही व्यवसाय चौपट होता हुआ प्रतीत होता है। सम्भव है धन्धे को बरकत तन्त्र मन्त्र से बाँध दी गई हो। अगर ऐसा हो तो इस मन्त्र का प्रयोग किया जाना चाहिए। तुरंत लाभ मिलने लग जाता है। मन्त्रः- ”ओम नमो आदेश गुरू को वावन वार चौसठ सातऊ कलवा… Read More


ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) प्रतिपत्कल्प – निरूपण में ब्रह्माजी की पूजा-अर्चा की महिमा राजा शतानीक ने कहा — ब्रह्मन् ! आप प्रतिपदा तिथि में किये जाने वाले कृत्य, ब्रह्माजी के पूजन की विधि और उसके फल का विस्तारपूर्वक वर्णन करें । सुमन्तु मुनि बोले — हे राजन् !… Read More


ॐ श्रीपरमात्मने नम : श्रीगणेशाय नम: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) पंचमहायज्ञों का वर्णन तथा व्रत-उपवासों के प्रकरण में आहार का निरूपण एवं प्रतिपदा तिथि की उत्पत्ति, व्रत-विधि और माहात्म्य सुमन्तु मुनि ने कहा – राजन् ! इस प्रकार स्त्रियों के लक्षण और सदाचार का वर्णन करके ब्रह्माजी अपने लोक, तथा ऋषिगण भी अपने-अपने… Read More


पीलिया झाड़ने का मन्त्र विधिः –श्री हनुमान जी की मूर्ति के आगे नित्य एक हजार मन्त्रों का जप कर इक्कीस दिनों तक इक्कीस हजार बार जपने से मन्त्र सिद्ध हो जाता है। साधना पूर्ण होने के बाद पीलिया ग्रस्त रोगी को सामने बैठाकर काँसे की कटोरी में तेल डाल कर उसके सिर के ऊपर रखें… Read More


खाद्य सामग्री वशीकरण मन्त्र विधिः- ग्रहण-वेला में इस मन्त्र को अधिकतम संख्या में जप लें। कम से कम दस माला तो होना ही चाहिए, वैसे 100 माला का नियमित जप द्वारा 1000 माला जप कर लिया जाये तो मन्त्र का प्रभाव अमोघ हो जाता है। जप संख्या पहले से निश्चित कर लें। उसकी पूर्ति हो… Read More


 भूत-प्रेत, बाधा-नाशक मन्त्र विधि:- सूर्य या चन्द्र ग्रहण अथवा दीपावली की महानिशा में इस मन्त्र को सिद्ध कर लिया जाये। सिद्धि के समय पूजा, प्रसाद, धूप, दीप, फूल, नैवेद्य आदि का ध्यान रखना चाहिए । आवश्यकता होने पर इस मन्त्र से सात बार जल अभिमन्त्रित करके रोगी को वह जल पिला दें । साथ ही… Read More


ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ भविष्यपुराण ॥ (ब्राह्मपर्व) पतिव्रता स्त्रियों के कर्तव्य एवं सदाचार का वर्णन, स्त्रियों के लिये ग्रहस्थ-धर्म के उत्तम व्यवहार की आवश्यक बातें ब्रह्माजी बोले — मुनीश्वरो ! गृहस्थ-धर्म का मूल पतिव्रता स्त्री है, पतिव्रता स्त्री पति का आराधन किस विधि से करें, उसका अब मैं वर्णन… Read More