भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व प्रथम – अध्याय ६ December 25, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व प्रथम – अध्याय ६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — प्रथम भाग) अध्याय – ६ काश्यप के उपाध्याय, दीक्षित आदि दस पुत्रों का नामोल्लेख, मगध के राजवंश और बौद्ध राजाओं का तथा चौहान और परमार आदि राजवंशों का वर्णन शौनकजी ने कहा — महाराज ! ब्रह्मावर्त… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व प्रथम – अध्याय ४ से ५ December 25, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व प्रथम – अध्याय ४ से ५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — प्रथम भाग) अध्याय – ४ से ५ म्लेच्छवंशीय राजाओं का वर्णन तथा म्लेच्छ-भाषा आदि का संक्षिप्त परिचय शौनक ने पूछा — त्रिकालज्ञ महामुने ! उस प्रद्योत ने कैसे म्लेच्छ-यज्ञ किया ? मुझे यह सब… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व प्रथम – अध्याय ३ December 25, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व प्रथम – अध्याय ३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — प्रथम भाग) अध्याय – ३ द्वापरयुग के चन्द्रवंशीय राजाओं का वृतान्त महर्षि शौनक ने पूछा — लोमहर्षणजी ! आप यह बताइये कि महाराज संवरण… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व प्रथम – अध्याय २ December 25, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व प्रथम – अध्याय २ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — प्रथम भाग) अध्याय – २ त्रेतायुग के सूर्य एवं चन्द्र-राजवंशो का वर्णन सूतजी बोले — महामुने ! वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि में बृहस्पतिवार के दिन महाराज सुदर्शन अपने परिकरों के साथ हिमालयपर्वत… Read More
भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व प्रथम – अध्याय १ December 25, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – प्रतिसर्गपर्व प्रथम – अध्याय १ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (प्रतिसर्गपर्व — प्रथम भाग) अध्याय – १ सत्ययुग के राजवंश का वर्णन “नारायणं नमस्कृत्य नरं चैव नरोत्तमम् । देवीं सरस्वतीं व्यासं ततो जयमुदीरयेत् ॥” ‘भगवान् नर-नारायण के अवतार-स्वरुप भगवान् श्रीकृष्ण एवं उनके सखा नरश्रेष्ठ अर्जुन, उनकी लीलाओं को… Read More
आकूतिसूक्त December 25, 2018 | aspundir | Leave a comment ॥ आकूतिसूक्त ॥ इस सूक्त में शक्तितत्त्व ‘आकूति’ नाम से व्यक्त हुआ है । ‘आकूति’ नाम सभी शक्तिभेदों हेतु समानरूप से व्यवहार में आता है । इस सूक्त में इच्छा, ज्ञान तथा क्रिया-शक्ति के इन तीन भेदों को ही आकूति कहा गया है । इस सूक्त के द्रष्टा ऋषि अथर्वाङ्गिरा तथा देवता अग्निस्वरूपा आकूति हैं… Read More
पुरुषसूक्त December 25, 2018 | aspundir | Leave a comment ॥ पुरुषसूक्त ॥ वेदों में प्राप्त सूक्तों में पुरुषसूक्त’ का अत्यन्त महनीय स्थान है । आध्यात्मिक तथा दार्शनिक दृष्टि से इस सूक्त का बड़ा महत्त्व है। इसीलिये यह सूक्त ऋग्वेद (१०वें मण्डल का ९०वाँ सूक्त), यजुर्वेद (३१वाँ अध्याय), अथर्ववेद (१९वें काण्डका छठा सूक्त), तैत्तिरीयसंहिता, शतपथब्राह्मण तथा तैत्तिरीय आरण्यक आदि में किंचित् शब्दान्तर के साथ प्रायः… Read More
भविष्यपुराण – मध्यमपर्व तृतीय – अध्याय २० December 23, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – मध्यमपर्व तृतीय – अध्याय २० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — तृतीय भाग) अध्याय – २० दिव्य, भौम एवं अन्तरिक्षजन्य उत्पात तथा उनकी शान्तिके उपाय सूतजी कहते हैं — ब्राह्मणो ! अब मैं विविध प्रकार के अपशकुनों, उत्पातों एवं उनके फलों का वर्णन कर रहा हूँ ।… Read More
भविष्यपुराण – मध्यमपर्व तृतीय – अध्याय १८ से १९ December 23, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – मध्यमपर्व तृतीय – अध्याय १८ से १९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — तृतीय भाग) अध्याय – १८ से १९ एकाह-प्रतिष्ठा तथा काली आदि देवियों की प्रतिष्ठा-विधि सूतजी ने कहा — ब्राह्मणों ! कलियुग में अल्प सामर्थ्यवान् व्यक्ति देवता आदि की प्रतिष्ठा एक दिन में भी कर… Read More
भविष्यपुराण – मध्यमपर्व तृतीय – अध्याय १४ से १७ December 23, 2018 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – मध्यमपर्व तृतीय – अध्याय १४ से १७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (मध्यमपर्व — तृतीय भाग) अध्याय – १४ से १७ पुष्पवाटिका तथा तुलसी की प्रतिष्ठा-विधि सूतजी कहते हैं — ब्राह्मणो ! पुष्पवाटिका की प्रतिष्ठा में तीन हाथ की एक वेदी का निर्माण कर उस पर घट की… Read More