कालीदास कृत प्रत्यङ्गिरा मालामन्त्र ॥ कालीदास कृत प्रत्यङ्गिरा मालामन्त्र ॥ Pratyangira Mala Mantra ॥ ॐ नमः शिवाये ॥ ॥ श्री भैरव उवाच ॥ ” निवसति करवीरे सर्वदाया श्मशाने विनत-जन हिताय प्रेत-रूढे महेशो हि मकर हिम-शुभ्रां पञ्च-वक्त्राम्-माद्यांदिशतु-दश-भुजाया सा श्रियं सिद्धि-लक्ष्मीः ॥ ऐं ख्फ्रे जय जय जगदम्ब प्रणत-हरिहर हिरण्य-गर्भ ।… Read More
सिद्ध वशीकरण मन्त्र सिद्ध वशीकरण मन्त्र विधिः- किसी भी ग्रहण-वेला में, इस मन्त्र का जप आरम्भ करें। अधिकतम संख्या में जप करते हुए कम से कम समय में इसकी 10,000 संख्या पूरी कर लें। तत्पश्चात् 108 बार इसी मन्त्र से लोबान द्वारा आहुति दें। इस क्रिया से मन्त्र सिद्ध होकर पूर्णरूपेण शक्तिशाली हो जायेगा। तत्पश्चात् जिस स्त्री या… Read More
सुपारी वशीकरण मन्त्र सुपारी वशीकरण मन्त्र मन्त्रः- “अमुक गुरू गुफतार जाग-जाग अलाउद्दीन शैतान सात बार अमुक के जिपा आन जो न माने तो मेरी अम्मा की तलाक हमशीश की तलाक।”… Read More
तेल मोहन मन्त्र तेल मोहन मन्त्र विधिः- दीपावली की रात्रि में इस मंत्र का रात्रि भर जप करें। फिर इस मन्त्र द्वारा 21 बार तैल अभिमन्त्रित कर अपने मस्तक पर तिलक लगाकर जिस जगह भी जाये वह सभी मोहित होंगे।… Read More
सर्व रोग निवारक मन्त्र सर्व रोग निवारक मन्त्र विधिः- शनिवार को व्रत रख कर नियमपूर्वक रहकर एक माला उपरोक्त मंत्र की जपे। इसी प्रकार सात शनिवार तक करता रहे। ऐसा करने से मन्त्र सिद्ध हो जाता है। कंखाई अदीठ, कनफेरबद (एक प्रकार का चर्म रोग), कण्ठमाला, दाढ़ का दर्द इन्हें राख से झाड़ना चहिए। डमरु को, ताप तिल्ली को… Read More
सर्व वशीकरण मन्त्र सर्व वशीकरण मन्त्र विधिः- होली अथवा दीपावली की रात्रि को सफेद तिलों के तेल की उल्टी घानी निकलवायें। उस तेल को 121 बार उपयुक्त मंत्र से अभिमंत्रित करें। इस अभिमंत्रित तेल का जो भी व्यक्ति तिलक करता है, वह सभी को आकर्षित करने की शक्ति प्राप्त कर लेता है।… Read More
सर्वजन वशीकरण के लिए मन्त्र सर्वजन वशीकरण के लिए मन्त्र मन्त्रः- “ॐ ह्रीं श्रीं ॥ क्लीं सर्वपुरूष ॥ सर्वस्त्री हृदय॥ हारिणी मम वश्यं॥ कुरू वषट् ह्रीं ॥”… Read More
॥ गायत्री स्तवराजः ॥ ॥ गायत्री स्तवराजः ॥ इस स्तव में श्लोक ४, ५, ८, १०, ११, २५, २६ में अन्य मंत्रों के प्रयोग हैं। विनियोगः- “ॐ अस्य श्री गायत्री स्तवराज मन्त्रस्य श्रीविश्वामित्रः ऋषिः सकल जननी चतुष्पदा गायत्री परमात्मा देवता। सर्वोत्कृष्टं परम धाम तत्-सवितुर्वरेण्यं बीजं भर्गो देवस्य धीमहि शक्तिः। धियो यो नः प्रचोदयात् कीलकं। ॐ भूः ॐ भुव ॐ… Read More
श्रीगायत्री सहस्रनामस्तोत्रम् एवं नामावली श्रीमद्देवी भागवतांतर्गत ॥ श्रीगायत्रीसहस्रनामस्तोत्रम् श्रीमद्देवी भागवतांतर्गत ॥ विनियोगः- ॐ अस्य श्रीगायत्री अष्टोत्तर सहस्रनाम स्तोत्रस्य श्री ब्रह्मा ऋषिः अनुष्टुप् छन्दः श्रीदेवी गायत्री देवता हलो बीजानि स्वराः शक्त्यः सर्वाभीष्ट सिद्ध्यर्थे पाठे विनियोगः । ऋष्यादिन्यासः- श्रीब्रह्मा ऋषये नमः शिरसि । अनुष्टुप् छन्दसे नमः मुखे । श्रीदेवी गायत्र्यै नमः हृदि । हल्भ्यो बीजेभ्यो नमः गुह्ये । स्वरेभ्यः शक्तिभ्यः नमः पादयोः ।… Read More
॥ गायत्र्यथर्वशीर्षम् ॥ ॥ गायत्र्यथर्वशीर्षम् ॥ ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ नमस्कृत्य भगवान् याज्ञवल्क्यः स्वयं परिपृच्छति- त्वं ब्रूहि भगवन् ! गायत्र्या उत्पत्तिं श्रोतुमिच्छामि ॥ १ ॥ ब्रह्मोवाच – प्रणवेन व्याहृतयः प्रवर्तन्ते । तमसस्तु परं ज्योतिः कः पुरुषः स्वयम्भूर्विष्णुरिति हताः स्वाङ्गुल्याः मथयेत् पाठान्तर – … Read More