त्रि-विध-सिद्धि-प्रद मन्त्र त्रि-विध-सिद्धि-प्रद मन्त्र मन्त्रः- “ॐ ह्रीं श्रीं ठं ठं ठं नमो भगवते मम सर्व-कार्याणि, साधय-साधय, मां रक्ष-रक्ष, शीघ्रं मां धनिनं कुरु-कुरु हुं फट्, श्रियं देहि, प्रज्ञां देहि, ममापत्तिं निवारय-निवारय स्वाहा ।”… Read More
तन्त्रोक्त कवच संस्कार तन्त्रोक्त कवच संस्कार ‘तन्त्रों’ के अनुसार ‘कवच’ को भोज-पत्र आदि पर लिखकर रक्त-सूत्र (लाल-रेशमी डोरे) या श्वेत-सूत्र (सफेद-रेशमी डोरे) से लपेटे । तब स्वर्ण, रजत, ताम्र आदि धातु की ‘गुटिका’ (ताबीज) में उसे स्थापित करे । इस गुटिका को शुभ दिन ‘पञ्च-गव्य’ और ‘पञ्चामृत’ द्वारा स्नान कराए। स्नान कराते समय मूल-मन्त्र का जप करता रहे।… Read More
ग्रह-बाधा, ज्वर-नाशक विघ्नेश-मन्त्र ग्रह-बाधा, ज्वर-नाशक विघ्नेश-मन्त्र “ॐ नमो गणपतये महा-वीर ! दश-भुज ! मदन-काल-विनाशन ! मृत्युं हन-हन, धम-धम, मथ-मथ, कालं संहर-संहर, सर्व-ग्रहांश्चूर्णय-चूर्णय, नागान् मोटय-मोटय, रुद्र-रुप त्रिभुवनेश्वर सर्वतोमुख ! हुं फट्-स्वाहा ।।”… Read More
श्रीसंग्राम-विजया विद्या श्रीसंग्राम-विजया विद्या विनियोगः- ॐ अस्य श्रीसंग्राम-विजया-विद्यायाः श्रीईश्वर ऋषिः । उष्णिक् छन्दः । श्रीचामुण्डा देवता, सर्व-कार्येषु जयार्थे, शत्रु-नाशार्थे वा जपे विनियोगः । ऋष्यादि-न्यासः- श्रीईश्वर ऋषये नमः शिरसि । उष्णिक् छन्दसे नमः मुखे । श्रीचामुण्डा देवतायै नमः हृदि, सर्व-कार्येषु जयार्थे, शत्रु-नाशार्थे वा जपे विनियोगाय नमः सर्वांगे ।… Read More
सर्प-भय-निवारण के प्रयोग सर्प-भय-निवारण के प्रयोग यदि किसी को अपने आस-पास सर्पों का भय हो, तो इस प्रयोगों में से किसी एक अथवा सभी का उपयोग कर उक्त भय से मुक्त हो सकते हैं । १॰ निम्न मन्त्र का पाठ करें –… Read More
सिद्ध लक्ष्मी-प्रार्थना सिद्ध लक्ष्मी-प्रार्थना सिद्धि के लिए दो बातें अत्यन्त आवश्यक है – श्रद्धा और विश्वास । श्रद्धा और विश्वास से ‘मन्त्र’ साधना अवश्य सफल होती है । भगवती कमला की शास्त्रीय प्रार्थना – ‘श्री श्रीविद्यार्णव तन्त्र’ में द्वा-विंशः श्वास में ‘लक्ष्मी-हृदय’ के प्रसङ्ग में बतलाई हुई एक सिद्ध-क्रिया यहाँ आपके सम्मुख प्रस्तुत है । इससे सरल… Read More
भगवान् श्रीकृष्ण की साधना भगवान् श्रीकृष्ण की साधना मन्त्रः- ॥ श्रीं ह्रीं क्लीं कृष्णाय स्वाहा ॥ (आठ अक्षर) भगवान् श्रीकृष्ण के उक्त “अष्टाक्षर-मन्त्र” की साधना से भक्तों की सभी कामनाएँ पूरी होती है । इस मन्त्र की साधना विधि इस प्रकार है – विनियोगः- ॐ अस्य श्रीकृष्ण-अष्टाक्षर-मन्त्रस्य श्री नारद ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः, श्रीकृष्णः देवता, मम सकल-कामना-सिद्धयर्थे जपे विनियोगः ।… Read More
धनाधीश कुबेर यन्त्र धनाधीश कुबेर यन्त्र 1. नवरात्र, धनतेरस, दीपावली या अन्य किसी शुभ-मुहूर्त्त में इस यन्त्र की रचना की जाती है, मंगलवार का दिन भी यदि उस दिन हो तो अति उत्तम । अर्द्ध-रात्रि में स्नान करके लाल वस्त्र पहन कर, भोजपत्र पर अथवा ताम्रपत्र पर अष्टगन्ध की स्याही तथा अनार की या पारिजात की कलम से,… Read More
धनाधीश कुबेर के मन्त्र धनाधीश कुबेर के मन्त्र धनतेरस पर धनाधीश कुबेर की साधना भी की जाती है । कुबेर के कुछ मन्त्र इस प्रकार हैं – १॰ अष्टाक्षरः- “ॐ वैश्रवणाय स्वाहा” (मन्त्र-महोदधि) ध्यान – धन-पूर्णं स्वर्ण-कुम्भं तथा रत्न-करण्डकं, हस्ताभ्यां विप्लुतं खर्व-कर-पादं च तुन्दिलम् । वटाधस्ताद् रत्न-पीठोपविष्टं सुस्मिताननं, होम-काले कुबेरं तु चिन्तयेदग्नि-मध्यगम् ।।… Read More
दारिद्र्य-दहन-विधि दारिद्र्य-दहन-विधि 1. विनियोगः- ॐ अस्य श्रीकनक-धारा-स्तोत्र-मन्त्रस्य भगवान् शंकर ऋषिः, जगती छन्दः, श्री महा-लक्ष्मी-भुवनेश्वरी देवता, श्रीं वीजं, ह्रीं शक्तिः, ऐं कीलकं, मम समस्त-दारिद्र-दुखः-निवारण-पूर्वक धनाकर्षण-पाठे विनियोगः । 2. ऋष्यादि-न्यासः- भगवान् शंकर ऋषये नमः शिरसि, जगती छन्दसे नमः मुखे, श्री महा-लक्ष्मी-भुवनेश्वरी देवतायै नमः हृदि, श्रीं वीजाय नमः गुह्ये, ह्रीं शक्तये नमः पादयो, ऐं कीलकाय नमः नाभौ, मम समस्त-दारिद्र-दुखः-निवारण-पूर्वक… Read More